तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री ने ली अभियांत्रिकी महाविद्यालयों की बैठक

 

जयपुर, 10 जून (कासं.)। तकनीकी शिक्षा, राज्यमंत्री डॉ सुभाष गर्ग की अध्यक्षता में सोमवार को सेन्टर फॉर इलेक्ट्रॉनिक गवर्नेंस भवन सभाकक्ष में राजकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय समितियों की शाषी परिषद् (बीओजी) की समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने निर्देश दिए कि सभी तकनीकी शिक्षण संस्थान संवेदनशील, पारदर्शी एवं जवाबदेही के साथ आपसी समन्वय स्थापित कर परिणामपरक कार्यों को अंजाम दें।सरकार की मंशानुरूप प्रदेश तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम गढऩे के साथ ही मील का पत्थर साबित हो ताकि अभियांत्रिकी कुशल युवा सहज ही रोजगार व स्वरोजगार से जुड़ सकें।
उन्होंने धौलपुर, करौली एवं बारां में छात्रों का प्रवेश अतिन्यून होने के कारण अन्य अभियांत्रिकी महाविद्यालयों में स्थानांतरित करने के विकल्प पर विचार करने के निर्देश दिए। अभियांत्रिकी महाविद्यालयों में शिक्षक व छात्रों के नियमानुसार अनुपात के हिसाब से पर्यापत स्टॉॅफ की नियुक्त किए जाने के निर्देेश दिए ताकि मानव संसाधन को समुचित उपयोग हो। डॉ गर्ग ने निर्देश दिए कि प्रदेश में तकनीकी शिक्षा से संबंधित राष्ट्रीय स्तर की मानव संसाधन कॉनक्लेव का आयोजन किया जाए एवं नई तकनीकी शिक्षा नीति हेतु विशेषज्ञों की सेमिनार आयोजित की जाए जिसमें राष्ट्रीय स्तर के तकनीकी शिक्षाविद, शोधकर्र्ता, उद्यमी एवं विषयविशेषज्ञ शामिल हों ताकि तकनीकी शिक्षा क्षेत्र में अभिनव नवाचारों से प्रदेश आशातीत प्रगति हासिल कर सके। डॉ गर्ग ने कहा कि सभी तकनीकी शिक्षण संस्थाओं का सेमेस्टरवार समय सारणी सुनिश्चित करने के लिए एक वार्षिक कैलेण्डर तैयार किया जाए। राजकीय महाविद्यालयों में कैरियर गाइडेंस एवं सांख्यिकीय विश्लेषणात्मक प्रणाली के उपयोग से नए रोजगार के अवसरों के सृजन पर जोर दिया जाए। सभी राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजेज अपने अपने क्षेत्रों में इंजीनियरिंग शिक्षित-प्रशिक्षित छात्र-छात्राओं को रोजगार प्लेसमेन्ट व स्वरोजगार से जुडऩे में मार्गदर्शन के साथ ही पूरी मदद करें ताकि युवा आसानी से आत्मनिर्भर बन सकें। राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के अन्तर्गत तकनीकी शिक्षा का लाने के प्रयास किए जाएं।स्वायत्त शाषी राज्य अनुदानित राजकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालयों की राज्यस्तरीय सलाहकार समिति बनाई जाएगी। डॉ गर्ग ने कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में युवाओं को रोजगार देना एक बड़ी चुनौती है। प्रदेश सरकार हर हाथ को काम और हुनर से स्वरोजगार प्रदान करने को लेकर संकल्पबद्ध हैै। उन्होंने बैठक में प्रदेश के इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के ऑडिट विषयक लेखे-जोखे, आलौच्य वित्तीय वर्ष के बजट, विभिन्न प्रस्तावों एवं अनुमोदन, अकादमिक व शैक्षणिक प्रबंधन के सुसंचालन आदि विषयों पर व्यापक विचार विमर्श कर संबंधित विभागाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में सचिव तकनीकी शिक्षा वैभव गालरिया, इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य व प्रतिनिधि एवं बोर्ड ऑॅफ गवर्नर्स सदस्यगण एवं संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

 

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