एयरसेल हो सकती है दिवालिया,लाखों यूजर्स नंबर पोर्ट कराने के लिए परेशान

नई दिल्ली। टेलिकॉम कंपनी एयरसेल मुश्किल दौर से गुजर रही है। फंड की कमी इतनी है कि कंपनी दिवालिया होने की कगार पर पहुंच चुकी है। इस तरह की खबरें भी सामने आ रही हैं कि 31 मार्च तक कंपनी पर ताला लग सकता है।इस वजह से एयरसेल के यूजर्स दूसरी मोबाइल कंपनियों की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं। इस बीच अगर आप एयरसेल यूजर हैं तो आपके लिए इन बातों को जानना जरूरी है।
क्या वाकई में बंद हो रही है एयरसेल?
फेसबुक और ट्विटर पर कई यूजर्स की ओर से कंपनी के बंद होने के डर को जाहिर किए जाने के बाद एयरसेल ने सोशल मीडिया पर साफ किया कि वह अपनी सेवाएं बंद नहीं करने जा रही है और अगर ऐसा कुछ भी होता है तो उसके बारे में यूजर्स को वक्त रहते सूचना दी जाएगी। कपनी ने बताया, हमारा सिस्टम ग्रोथ को संभालने में असमर्थ है। हालांकि हम कहीं नहीं जा रहे हैं। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम आखिरी दम तक अपने कस्टमर्स की सेवा करें।
एयरसेल के यूजर्स हो रहे परेशान- एयरसेल के तमाम यूजर्स अपने सर्कल में मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। फेसबुक और ट्विटर पर वायरल हुई कुछ पोस्ट के बाद से राजस्थान, कोलकाता, चेन्नई, ओडिशा और दिल्ली के यूजर्स को उनके मोबाइल पर कंपनी का नेटवर्क नहीं दिख रहा है। ऐसा पिछले कुछ दिनों से हो रहा है।
यूजर्स नहीं करा पा रहे अपना नंबर पोर्ट- कॉल ड्रॉप और कंपनी पर ताला डलने की आशंका को देखते हुए पिछले कुछ दिनों के भीतर लाखों कस्टमर्स ने नंबर पोर्ट कराने का आवेदन दे दिया है। एक साथ इतने सारे कस्टमर्स की तरफ से नंबर पोर्ट करने का आवेदन आने से एयरसेल का सिस्टम बैठ गया है। हालांकि कंपनी का कहना है कि उसे सभी पोर्ट रिक्वेस्ट को स्वीकार करने में थोड़ा समय लगेगा।
ऐसे शुरू हुई समस्या- एयरसेल ने 30 जनवरी को छह सर्कल में अपना ऑपरेशन बंद कर दिया, इनमें गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश शामिल है। कंपनी ने तब कहा था कि अत्यधिक प्रतिस्पर्धी कारोबारी माहौल में काम करना अब मुश्किल हो रहा था। वहीं दूसरी ओर सितंबर 2017 में टेलिकॉम सेक्टर में हुई जियो की एंट्री ने कंपनी की मुश्किलें और बढ़ा दीं।
कंपनी की वित्तीय स्थिति डगमगाई- जियो की एंट्री के बाद भारतीय टेलिकॉम उद्योग ने जिस उतार-चढ़ाव भरे माहौल का सामना किया, उससे एयरसेल बुरी तरह प्रभावित हुई। जुलाई 2016 में 120 करोड़ रुपये के तिमाही परिचालन लाभ से, एयरसेल दिसंबर 2017 तक 120 करोड़ के परिलाचन नुकसान में आ गया। कंपनी मौजूदा समय मे वित्तीय संकट का सामना कर रही है। उससे निकलने के लिए उधारदाताओं, हितधारकों से बात की जा रही है,ताकि कोई रास्ता निकल सके। इसकी मूल कंपनी मैक्सिस पहले कंपनी के समर्थन के लिए कुछ पैसा निवेश करने की योजना बना रही थी, लेकिन अचानक उसने विचार त्याग दिया। 15,500 करोड़ रुपए के लोन को सुधारने के असफल प्रयास के बाद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के सर्कुलर ने एयरसेल को बैंकों के लिए गैर-निष्पादित संपत्ति बता दिया।

 

 

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