टेमासेक ने ओला में खरीदे 15 अरब रुपये के शेयर

नई दिल्ली। सिंगापुर के टेमासेक ने टैक्सी एग्रीगेटर कंपनी ओला में 22.5 करोड़ डॉलर (15.44 अरब रुपये) में अच्छी हिस्सेदारी ली है। उसने कंपनी में शुरुआती दौर में पैसा लगाने वालों से शेयर खरीदे हैं। टेमासेक कंपनी में और निवेश करने के लिए मैनेजमेंट से भी बातचीत कर रहा है। वह नए शेयरों के सब्सक्रिप्शन के जरिये यह काम करना चाहता है। इकनॉमिक टाइम्स ने पहले ही खबर दी थी कि ओला नए निवेशकों से करीब 1 अरब डॉलर की रकम जुटाने के लिए बात कर रहा है। सूत्रों ने बताया कि इस निवेश से ओला के संस्थापक भाविश अग्रवाल को शेयर होल्डर्स का दायरा बढ़ाने में मदद मिलेगी। इस पर एक इंडस्ट्री एग्जिक्यूटिव ने बताया, ‘टेमासेक मजबूत फंड है। उसके निवेश करने से ओला की ताकत बढ़ेगी।’ इस खबर के लिए फंड के प्रवक्ता ने कमेंट करने से मना कर दिया। वहीं, ओला को ईमेल से पूछे गए सवालों के भी जवाब नहीं मिले। ओला का मुकाबला अमेरिकी कंपनी ऊबर से है, जिसके पास फंड की कोई कमी नहीं है और वह भारतीय बाजार पर दबदबा बनाने की कोशिश कर रही है। जापान के सॉफ्टबैंक ने ओला में निवेश किया है और वह ऊबर के बड़े इनवेस्टर्स में भी शामिल है। ओला ने सितंबर 2017 में पिछली बार जब चीन के दिग्गज इंटरनेट ग्रुप टेनसेंट से फंड जुटाया था, तब कंपनी की वैल्यू 4 अरब डॉलर लगाई गई थी। टेनसेंट ने इस कंपनी में 40 करोड़ डॉलर का निवेश किया था। हालिया राउंड में ओला के कुछ एंप्लॉयीज भी शेयर बेच सकते हैं। टेमासेक को शेयर बेचने वालों में एंजेल इनवेस्टर रेहान यार खान भी शामिल हो सकते हैं। वे वीसी फंड भी सिंगापुर के फंड को शेयर बेच सकते हैं, जिन्हें 2015 में टैक्सीफॉरश्योर के एक्विजिशन के वक्त ओला के शेयर मिले थे। इनमें एक्सेल इंडिया, बेसेमर वेंचर पार्टनर्स, हीलियन वेंचर पार्टनर्स और टैक्सीफॉरश्योर के फाउंडर्स अपरामेय राधाकृष्ण और रघुनंदन जी शामिल हैं। ये लोग कंपनी में आंशिक हिस्सेदारी बेच सकते हैं। वित्त वर्ष 2017 में ओला का ऑपरेटिंग लॉस 32 पर्सेंट बढ़कर 3,731 करोड़ रुपये पहुंच गया था, जबकि ऑपरेटिंग रेवेन्यू भी दोगुना होकर 1,178 करोड़ रुपये पहुंच गया था। कंपनी ने ऐडवर्टाइजिंग और प्रमोशन खर्च में कटौती की है। वित्त वर्ष 2017 में यह 285 करोड़ रह गया था, जबकि साल भर पहले उसने इस पर 438 करोड़ रुपये खर्च किए थे। हालांकि, सैलरी जैसे मद में उसकी फिक्स्ड कॉस्ट 461 करोड़ रुपये से बढ़कर 572 करोड़ रुपये हो गई थी। कंपनी के पास इस दौरान 3,000 करोड़ रुपये का कैश बैलेंस भी था। ओला ने पिछले 18 महीनों में इंटर-सिटी ट्रैवल सहित नई कैटेगरी भी शुरू की है। वह देश के 110 शहरों में मौजूदगी का दावा करती है। उसने रिलायंस इंडस्ट्रीज, कॉग्निजेंट, आईबीएम, भारती इंफ्राटेल और ताज होटल्स के साथ कॉरपोरेट पार्टनरशिप भी की है। ड्राइवर इंसेंटिव और कस्टमर डिस्काउंट को हटाने के बाद हर राइड पर ओला ने पैसा बनाना भी शुरू कर दिया है।इकनॉमिक टाइम्स ने 12 जुलाई के अंक में यह खबर दी थी।

 

 

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