5 महीनों के न्यूनतम स्तर पर जीएसटी संग्रह 18 जनवरी को काउंसिल की बैठक

 

नई दिल्ली। केंद्र और राज्यों की लगातार कोशिशों के बावजूद जीएसटी संग्रह में गिरावट थमने का नाम नहीं ले रही है। लगातार दूसरे महीने गिरावट के साथ नवंबर माह के लिए जीएसटी संग्रह घटकर 80,808 करोड़ रुपये रह गया है जो बीते पांच महीनों में अब तक का न्यूनतम है। माना जा रहा है कि इस गिरावट के मद्देनजर जीएसटी काउंसिल आने वाले दिनों में जीएसटी की दरें घटाने से परहेज कर सकती है।

लगातार दूसरे महीने गिरावट- वित्त मंत्रालय के अनुसार नवंबर के लिए 25 दिसंबर तक सीजीएसटी संग्रह 13,089 करोड़ रुपये, एसजीएसटी 18,650 करोड़ रुपये, आइजीएसटी 41,270 करोड़ रुपये और क्षतिपूर्ति सैस 7,798 करोड़ रुपये रहा है। यह लगातार दूसरा महीना है जब जीएसटी संग्रह घटा है। इससे पहले अक्टूबर के लिए जीएसटी संग्रह घटकर 83,346 करोड़ रुपये रहा था।

लोकलुभावन निर्णय का असर- जीएसटी संग्रह में गिरावट क्यों आई है, इस संबंध में वित्त मंत्रालय की ओर से आधिकारिक तौर पर तो कुछ नहीं कहा गया है लेकिन सूत्रों का कहना है कि गुजरात विधान सभा चुनाव से ठीक पहले काउंसिल ने जिस तरीके से 200 से अधिक वस्तुओं और रेस्टोरेंट सेवाओं पर जीएसटी की दर घटाने का लोकलुभावन फैसला किया, उसका असर जीएसटी संग्रह पर पड़ा है।वैसे यह जिस समय काउंसिल ने यह फैसला किया था उसी समय अनुमान लगाया था कि इस लोकलुभावन निर्णय से तकरीबन 20 हजार करोड़ रुपये के राजस्व की हानि होगी। सूत्रों ने कहा कि काउंसिल को जिस तरह जीएसटी के अनुपालन में सुधार आने की उम्मीद थी। वैसा भी नहीं हुआ।

जीएसटीआर-3बी दाखिल करने वालों का आंकड़ा बढ़ा- हालांकि निर्धारित अंतिम तिथि के भीतर जीएसटीआर-3बी दाखिल करने वालों का आंकड़ा बढ़ा है। मसलन 20 दिसंबर तक नवंबर के लिए करीब 49.50 लाख कारोबारियों ने जीएसटीआर-3बी दाखिल किया था जबकि अक्टूबर के लिए अंतिम तारीख तक यह आंकड़ा करीब 43 लाख ही था।इस तरह हर माह निर्धारित समय सीमा में रिटर्न की संख्या बढऩे के बावजूद जीएसटी संग्रह में अपेक्षाकृत वृद्धि नहीं हो रही है। इसके अलावा आर्थिक गतिविधियां भी अपेक्षाकृत सुस्त हैं। यही प्राथमिक कारण हैं जिनके चलते अक्टूबर और नवंबर में जीएसटी संग्रह में अपेक्षानुरूप वृद्धि के बजाय गिरावट दर्ज की गयी है।

18 जनवरी को बैठक-इस बीच जीएसटी काउंसिल ने जीएसटी के क्रियान्वयन का जायजा लेने के लिए 18 जनवरी को बैठक बुलायी है। नई दिल्ली में होने वाली इस बैठक में ई-वे बिल के क्रियान्वयन की तैयारियों के साथ-साथ जीएसटी से केंद्र और राज्यों को राजस्व पर भी चर्चा की जाएगी। जीएसटी काउंसिल की यह 25वीं बैठक होगी।सूत्रों ने कहा कि जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ आम बजट 2018-19 के बारे में भी उनके सुझावों पर चर्चा करेंगे।

83 लाख कारोबारियों को जीएसटी रिटर्न भरना था- वित्त मंत्रालय के अनुसार 25 दिसंबर तक 53.06 लाख कारोबारियों ने नवंबर माह के लिए जीएसटी रिटर्न जीएसटीआर3बी दाखिल किया है। कुल मिलाकर 15 दिसंबर तक 99.01 लाख कारोबारियों ने जीएसटी के लिए पंजीकरण कराया है।

 

जिसमें से 16.60 लाख कारोबारी कंपोजीशन स्कीम के दायरे में हैं।

इस तरह करीब 83 लाख कारोबारियों को नवंबर के लिए जीएसटी रिटर्न भरना था। इसका मतलब है कि अब भी कई लाख कारोबारी ऐसे हैं जिन्होंने जीएसटी का रिटर्न दाखिल नहीं किया है।

ऐसे आई जीएसटी संग्रह में गिरावट

माह – जीएसटी संग्रह (करोड़ रुपये में)

जुलाई – 92,283

अगस्त – 90,669

सितंबर – 92,150

अक्टूबर – 83,346

नवंबर – 80,808

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