खुदकुशी करने वाला किसान कर्जे से ही था परेशान

बेटी और भाई ने की आर्थिक संकट की पुष्टि

श्रीगंगानगर, 26 जून (का.सं.)। रायसिंहनगर थाना क्षेत्र के गांव ठाकरी के एक किसान सोहनलाल कड़ेला द्वारा प्रदेश सरकार की किसान कर्जमाफी योजना पर सवालिया निशान लगाते हुए जहर का सेवन कर खुदकुशी कर लेने के मामले में आज पहली बार उसके परिजन मीडिया के सामने आये। सोहनलाल की पुत्री मीनाक्षी और भाई कृष्णलाल ने कहा कि घर में आर्थिक संकट है। इसी कारण सोहनलाल परेशान रहता था। भाई कृष्णलाल ने बताया कि सोहनलाल ने बैंक से दो कर्जे ले रखे थे। एक कर्ज एक लाख 24 हजार का और दूसरा एक लाख 23 हजार का है। सोहनलाल ने कुछ दिन पहले ही मकान के खाली पड़े हिस्से में निर्माण कार्य करवाया था। दूसरा उनकी मां काफी समय से बीमार है, जिसके इलाज पर काफी खर्चा हो रहा था। इस कारण वह परेशान रहता था, लेकिन किसी को कुछ बताता नहीं था। भाई कृष्णलाल के अनुसार सोहनलाल के पास करीब सवा 6 बीघा भूमि है। मां के नाम भी सवा छह बीघा ही जमीन है। मां, सोहनलाल के साथ रहती थी। कुल साढ़े 12 बीघा यह जमीन बारानी है। इसमें बरसात होने पर ही खेती होती है। खातेदारी की इन दोनों जमीनों पर सोहनलाल ने गण लिया था। सोहनलाल गांव में परचून की दुकान भी चलाता था। बेटी मीनाक्षी ने भी कहा कि उसके पिता कर्ज के कारण दु:खी रहते थे। एक ग्रामीण पृथ्वीराज ने कहा कि सोहनलाल का अपनी मां की बीमारी पर काफी खर्च हो रहा था। वह मां को इलाज के लिए बार-बार श्रीगंगानगर लेकर जाता था। गौरतलब है कि करीब 45 वर्षीय सोहनलाल कड़ेला ने विगत रविवार की दोपहर को कीटनाशक दवा का सेवन कर लिया था। उसे इलाज के लिए श्रीगंगानगर लाया जा रहा था कि रास्ते में उसकी मौत हो गई। सोहनलाल ने मृत्यु से पूर्व लिखे एक सुसाइड नोट में प्रदेश की कांग्रेस सरकार की किसान कर्जमाफी योजना को कटघरे में खड़ा करते हुए अपनी मौत के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को दोषी करार दिया। ग्रामीणों को सम्बोधित करते उसने विशेष रूप से लिखा कि उसकी मौत के लिए मुख्यमंत्री गहलोत पर मुकदमा दर्ज करवाया जाये। पुलिस ने अभी तक सीआरपीसी की धारा 174 के तहत मर्ग दर्ज की है, जिसकी जांच थानाप्रभारी किशनसिंह कर रहे हैं। बैंक से रिकॉर्ड लिया, बयान दर्ज किये किसान आत्महत्या प्रकरण की जांच कर रहे थानाप्रभारी किशनसिंह ने बताया कि मृतक किसान सोहनलाल ने रायसिंहनगर में सिंडीकेट बैंक से दो लोन ले रखे थे, जिनकी कुल राशि लगभग अढ़ाई लाख रुपये है। इसका रिकॉर्ड बैंक से ले लिया गया है। बैंक की तरफ से उसे कोई नोटिस नहीं भेजा जा रहा था। इधर, मृतक के भाई किशनलाल ने कहा है कि बैंक की ओर से सोहनलाल को किश्त चुकाने के लिए फोन आया करते थे। थानाधिकारी ने बताया कि किसान सोहनलाल की मृत्यु पूर्व अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड की गई क्लिप को जांच में शामिल कर लिया गया है। उसके द्वारा लिखित सुसाइड नोट को हैंडराइटिंग के नमूने के साथ जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) को भेज दिया गया है। मृतक के परिवारजनों तथा कई अन्य सम्बद्ध व्यक्तियों के बयान दर्ज करने की कार्यवाही आज भी जारी रही। आगे इस मामले की जांच जारी है।

 

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