हरियाणा में छिड़ा कर्ज निपटारा आदोंलन सियासी दलों के लिए बना चिंतनीय

 

सिरसा, 17 मार्च (एजेन्सी)। हरियाणा में कर्ज तले दबे लोगों के कर्ज निपटारा मुहिम से जुड़ते चले जाने के कारण बलवती हुई मुहिम ने प्रदेश में सक्रि य सियासी दलों के लिए चिंता पैदा कर दी है। हरियाणा किसान मंच व कर्ज निपटारा कमेटी के सयुंक्त बैनर तले सिरसा जिले से आरम्भ हुई यह मुहिम अब फतेहाबाद,भिवानी,हिसार व जींद जिलों तक पहुंच गई है। प्रदेश में वर्ष 2009 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुडा द्वारा गठित कर्ज निपटारा बोर्ड की पुन: स्थापना को लेकर दोनों संगठन सक्रि य हैं। इस मुहिम का नेतृत्व कर रहे हरियाणा किसान मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रह्लाद सिंह भारूखेड़ा ने बताया कि उनके संगठन ने पिछले कई बरसों से कर्ज के कारण विशेषकर गावों मेंं बद्तर होती चली जा रही किसान,मजदूर व छोटे व्यापारी की स्थिति पर काम किया तो सामने आया कि अकेले सिरसा जिले में 3 हजार से 3 करोड़ तक कर्ज लोगोंं के सिर चढ़ा हुआ है जिसे उतार पाना अब बेबस हो गया है। उन्होंने बताया कि अधिकांशत: लोगोंं पर यह कर्ज घर के किसी सदस्य के बिमारी से घिरने,बेटी के ब्याह के विपरीत फ सली उत्पादन कम होने के कारण बढ़ा है। उन्होंने बताया कि यह कर्ज बैंक लोन,सोना लोन व साहूकारों के बढ़े ब्याज की बदौलत है। उन्होंने बताया कि सिरसा जिले में कर्ज निपटारा के लिए अब तक 37 हजार लोगों ने अपना रजिस्ट्रेशन उनके संगठन के पास करवाया है। उन्होंने बताया कि इसी तरह का कर्ज निपटारा आयोग केरल राज्य में काम कर रहा है, जिसने 11 हजार सात सौ करोड़ सरकार ने कर्ज अदा किया है, जिससे पिछले दस बरसों में कर्ज तले दबे लोगों की आत्म हत्याएं रूक चुकी है जबकि हरियाणा व पंजाब में नित्यप्रति इसकी दर बढ़ती चली जा रही है। हरियाणा किसान मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रह्लाद सिंह भारूखेड़ा ने बताया कि प्रदेश में सक्रि य सियासी दल इन तबकों के मतों के सहारे लोकसभा व विधानसभा की दहलीज तक पहुंच रहें हैं मगर सदन में प्रवेश के बाद कुछ नहंी कर रहे जो अति निंदनीय व खेद पूर्ण है। उन्होंने प्रदेश के सभी सियासी दलों से आग्रह किया है कि वे आसन्न चुनावों मेें कर्ज निपटारे के मामले को अपने घोषणा पत्र में शामिल करें।बता दें कि बीती 5 मार्च को सिरसा की अनाज मंडी में हरियाणा किसान मंच कर्ज निपटारा कमेटी सिरसा के सयुंक्त बैनर तले एक गैर राजनीतिक महापंचायत हुई जिसमें जिलेभर से करीब दस हजार लोगों ने स्वयं पहुंचकर जहंा शासन व प्रशासन के लिए सिदर्दी खड़ी कर दी वहीं प्रदेशभर के सियासी दल इस मुहिम के तहत जुटने वाली भीड़ के बाद चिंता की मुद्रा में आ गए हैं। सूत्रों के अनुसार इस मुहिम को लेकर खुफियां एजेंसियों की मिली रिर्पोट के बाद राज्य सरकार ने इसे आगे बढऩे से रोकने के लिए अपने स्तर पर प्रयास भी छेड़ दिए हैं। वहीं हरियाणा किसान मंच कर्जदारों को चिन्हित करने को लेकर अपनी मुहिम को चलाए हुए है।

 

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