भूकम्प जैसी आपदाओं में सुरक्षा का अहसास जगाती है ‘एक्सरसाइज राहत

मुख्य प्रदर्शन 11 फरवरी को मुख्यमंत्री के समक्ष

जयपुर, 8 फरवरी (का.सं.)। अचानक जयपुर की जमीन कांपी और दूर तक तबाही का मंजर नजर आने लगाा। हर ओर चीख पुकार मची थी, कोई खुद अपने ही सपनों के आशियाने में दफन, टनों मलबे में दबा था तो कोई अपने अपनों को बचाने की गुहार कर रहा था। ऐसे में जीवन दूत बनकर प्रदेश में आपदा प्रबन्धन से जुड़े करीब 18 संगठनों के दलों और भारतीय सेना ने अविलम्ब मोर्चा संभाला और पूरे कौशल से लोगों की जान बचाने में जुट गए।
कुछ ऐसा ही नजारा इन दिनों सीकर रोड पर भवानी निकेतन महाविद्यालय के मैदान में नजर आ रहा है। यहां 11 फरवरी को आपदा प्रबन्धन से सम्बन्धित प्रदर्शन ‘राहत की तैयारी की जा रही है। शुक्रवार को आपदा प्रबन्धन विभाग के सचिव श्री आशुतोष पेडणेकर एवं मेजर जनरल श्री इंद्रजीत सिंह के सामने इस एक्सरसाईज की फुल रिहर्सल की गई। आपदा प्रबन्धन विभाग एवं सप्तशक्ति कमाण्ड द्वारा की जा रही भूकम्प के दौरान बचाव, राहत एवं पुनर्वास से सम्बन्धित इस एक्सरसाइज में राजकीय और राष्ट्रीय आपदा प्रबन्ध संगठनों को शामिल किया गया है।
जयपुर में 6.8 रिक्टर तीव्रता के भूकम्प से एक्सरसाइज में दिखाया गया है कि 11 फरवरी को सुबह 9.30 बजे जयपुर में 6.8 तीव्रता का भूकम्प आता है। जयपुर में मरीज अस्पतालों में फंसे गए, सडकें फटने से वाहन सडकों पर क्षतिग्रस्त और जाम की स्थिति में थे तो बच्चे स्कूल की टूटी बिल्डिंग में खतरे में थे। राजधानी जयपुर में आए ऐसे जलजले ने पूरा जीवन अस्त व्यस्त कर दिया। ऐसे में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, स्टेट एमजरेंसी सर्विसेज, सेंट्रल आम्र्ड पुलिस फोर्सेज एंव आम्र्ड फोर्सेज के जवानों ने मोर्चा संभाला। बचाव एवं राहत कार्य इस प्रदर्शन क्षेत्र में 6 साइट बनाकर भूकम्प से हुई तबाही और उससे जुडी राहत ओर बचाव की समन्वित कार्यवाही का प्रदर्शन करते हुए बचाव, राहत एवं पुनर्वास से जुडी आपदा प्रबन्धन क्षमताओं की झलक दिखाई जा रही है। स्टेजिंग एरिया में इक होकर संयुक्त राहत दल आपसी तालमेल का बेहतर प्रदर्शन करते हुए सौंपे गए दायित्वों को बखूबी निभाते हैं। टूटे पुल की जगह सेना तुरन्त एम 50 पुल बनाकर आवागमन सुचारू करती है ताकि संयुक्त राहत दल प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर फंसे लोगों को बचा सके। एम्बुलेंस, फायर फाइटर, चेतक-ध्रुव जैसे हेलिकॉप्टर हवा में रहते हुए ऊंची बिल्डिंग से गर्भवती महिला को एयरलिफ्ट के जरिए रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाते हैं तो राहतकर्मियों एवं राहत सामग्री को प्रभावित इलाकों तक पहुंचाते हैंं। गंभीर घायलों को हेलिकॉप्टर से अस्पताल भेजा जाता है। वहीं ट्राइटन मॉल में लगी आग से रस्स्यिों के सहारे राहत दल लोगों की जान बचाते हैंं। हाइड्रॉलिक लिफ्ट लेडर के साथ अग्निशामक दल, फायर फाइटर, जेसीबी, बुलडोजर, एम्बुलेंस आदि के साथ ही सीआईएसफ एवं आरएसी इस क्षेत्र में मौजूद है ताकि हडबडी या दंगे जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं हो। एक छोटे ऑपरेशन थिएटर के साथ छोटा अस्पताल कायम किया गया है जहां माइनर एमरजेंसी सर्जरी कर सकते हैं। झोटवाडा में गैस सिलेण्डर फटने से आग लगी है, फायर फाइटर बाइक बचाव मिशन पर चल देती है।हवाई यातायात सुचारू किया जाना एक्सरसाइज में बताया गया हवाई अड्डे का सीधा प्रसारण दिखाया जा रहा है जो भूकम्प के कारण तबाह हो गया था। हवाई अड्डे के रनवे पर दरारें आ गईं हैं और हवाई यातायात भी रुक गया है। इसे फिर से सुचारू करना जरूरी था ताकि अतिरिक्त सामग्री सामगी और बचाव दल बाहर से भी राजस्थान में जल्द से जल्द आ सकें। हवाई पट्टी के काम करते ही वायुसेना का पहला हवाई जहाज राहत सामग्री लेकर उतरता है। संचार व्यवस्था एवं सकारात्मक मीडिया रिपोर्टिंग भूकम्प के कारण ठप हुई संचार व्यवस्था कायम करना जरूरी है इसके सेना के एमरजेंसी कम्यूनिककेशन सिस्टम टावर खडा कर दिया। जीपीएस सिग्नल, दूरसंचार कनेक्टिविटी, हेम रेडियो, सोशल मीडिया सब बहाल है। मीडिया द्वारा सोशल मीडिया एवं चैनल्स पर बचाव कार्य का सीधा प्रसारण किया रहा हैै। सकारात्मक मीडिया द्वारा प्रभावित क्षेत्र सहित पूरे शहर में खबरों के जरिए कार्यवाही के प्रति एक विश्वास का माहौल तैयार किया जा रहा है। ‘एक्सरसाइज राहत 12 फरवरी को अलवर एवं कोटा में 11 फरवरी को जयपुर के सप्तशक्ति कमाण्ड एरिया के सभागार मेें होने वाले उद्धाटन सत्र में आर्मी कमाण्डर एवं मुख्य सचिव शामिल रहेंगे। यहां आपदा प्रबन्धन सचिव आशुतोष पेडणेकर राज्य में आपदा प्रबन्धन की जानकारी देंगे एवं ले.जनरल एन.सी. मारवाह नेशनल पर्सपेक्टिव देंगे।इसके बाद एक टेबलटॉक एक्सरसाइज होगी जिसमें नेशनल डिजास्टर अथॉरिटी सिण्डीकेट के संगठन हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 2.30 बजे भवानी निकेतन महाविद्यालय के मैदान में होने वाली राहत एक्सरसाइज के साक्षी बनेंगे। यही एक्सरसाइज 12 फरवरी को कोटा एवं अलवर में होगी। इस प्रदर्शन के बाद आपदा प्रबन्धन के दौरान बचाव, राहत एवं पुनर्वास के काम आने वाले उपकरणों की एक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *