टी20 में स्पिनरों की भूमिका अहम, शांतचित बने रहना जरूरी

राजकोट, 8 नवम्बर (एजेंसी)। भारतीय ऑफ स्पिनर वॉशिंगटन सुंदर का मानना है कि टी20 क्रिकेट में स्पिनरों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। हालांकि इस छोटे फॉर्मेट में हर कोई उन्हें निशाना बनाना चाहता है। सुंदर ने गुरुवार को बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत की जीत के बाद यह बात कही। दोनों स्पिनरों युजवेंद्र चहल (28 रन देकर दो) और सुंदर (25 रन देकर 1 विकेट) ने भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई और बांग्लादेश को अच्छी शुरुआत का फायदा नहीं उठाने दिया। सुंदर ने मैच के बाद कहा, ‘क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट में स्पिनरों की वास्तव में अहम भूमिका होती है क्योंकि वे गेंद की गति को नियंत्रित करते हैं। कई बार पिच से भी स्पिनरों को थोड़ी मदद मिल सकती है। चहल ने 13वें ओवर में दो विकेट लिए जिससे भारत को बांग्लादेश को छह विकेट पर 153 रन पर रोकने में मदद मिली। भारत ने लक्ष्य आसानी से हासिल करके तीन मैचों की सीरीज बराबर कराई। सुंदर ने कहा, ‘यह सब छोटी छोटी चीजों को समझने से जुड़ा है जैसे बल्लेबाज किस क्षेत्र में आप पर शॉट मारने जा रहा है और इसी तरह की अन्य छोटी चीजें। निश्चित तौर पर चीजों को सरल बनाये रखना और शांतचित बने रहना महत्वपूर्ण होता है। कुछ मैचों में आपकी गेंदों की धुनाई हो सकती है लेकिन खेल के इस फॉर्मेट में ऐसा होता है। सुंदर ने अपने सीनियर साथी चहल की तारीफ की और कहा कि हरियाणा का यह गेंदबाज किसी भी टीम के लिए अहम है क्योंकि वह टी20 मैचों में बीच के ओवरों में विकेट लेना जानता है। उन्होंने कहा, ‘ईमानदार बने रहना महत्वपूर्ण है विशेषकर किसी के लिए (जैसे चहल), जो बीच के ओवरों में गेंदबाजी करके खेल की दिशा बदल देते हैं। हमने उन्हें (चहल) वनडे और टी20 में भी ऐसा करते हुए देखा है। वह बीच के ओवरों में आते हैं, 2-3 विकेट लेते हैं और मैच का नक्शा पूरी तरह से बदल देते हैं। चहल इस फॉर्मेट में बेहद अनुभवी है और जानते हैं कि बीच के ओवरों में विकेट लेने के लिए क्या करना है। हमने उन्हें पावरप्ले में भी सफलता हासिल करते हुए देखा है। वह निश्चित तौर पर किसी भी टीम के लिए महत्वपूर्ण हैं। इस 20 वर्षीय स्पिनर ने कहा कि बांग्लादेश को 153 रन पर रोककर उनके गेंदबाजों ने अच्छी भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, ‘विकेट बहुत अच्छा था। गेंद अच्छी तरह से बल्ले पर आ रही थी। हमें लगा कि इस पर 180 रन बनाए जा सकते हैं। अगर हम पहले बल्लेबाजी करते तो इतना स्कोर बनाना चाहते लेकिन हमने उन्हें 153 रन पर रोक दिया। मेरा मानना है कि गेंदबाजी इकाई के तौर पर हमने बहुत अच्छी भूमिका निभाई।

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