टिकटें फाइनल होने के बाद गुजरात जायेंगे पर्यवेक्षक

श्रीगंगानगर, 13 अक्टूबर (नि.स.)। दिसम्बर माह मेें होने जा रहे गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के उम्मीदवारों की टिकटें फाइनल हो जाने के बाद दूसरे राज्यों से कांग्रेस नेताओं को पर्यवेक्षक के रूप में आला हाईकमान द्वारा भेजा जायेगा। इन पर्यवेक्षकों का मुख्य काम पार्टी उम्मीदवार को जिताने के लिए उसके प्रचार-प्रसार में सहयोग करने का रहेगा। स्थानीय नेताओं की आपसी गुटबाजी और खींचतान व मतभेदों को दूर करते हुए उन्हें एकजुट कर उम्मीदवार के साथ लगाने का काम भी यह पर्यवेक्षक करेंगे। राजस्थान से करीब 150 वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं को पर्यवेक्षक के रूप में दीपावली के बाद गुजरात पर्यवेक्षक के तौर पर भेजा जायेगा। तब तक वहां उम्मीदवारों के नाम आलाकमान द्वारा फाइनल कर लिये जायेंगे। इन पर्यवेक्षकों का टिकट के सम्बंध मेें कोई फीडबैक लेने का काम नहीं होगा। राजस्थान के करीब पौने 2 सौ वरिष्ठ कांग्रेसजनों के साथ गुरुवार शाम को नई दिगी में 15 रकाबगंज मार्ग पर स्थित कांग्रेस के वॉर रूम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने करीब एक घंटे तक बातचीत की। उनके साथ गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष, गुजरात के पार्टी प्रभारी- पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तथा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के चार सचिव आदि वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। इन राष्ट्रीय सचिवों को गुजरात में सहप्रभारी लगाया हुआ है। इस बैठक मेें श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों से भी कईं बड़े नेताओं को आला हाईकमान द्वारा आमंत्रित किया गया था। इनमें पूर्व मंत्री गुरमीत सिंह कुन्नर, नगरपरिषद के पूर्व सभापति जगदीश जांदू, पूर्व विधायक सोहन नायक एवं महेन्द्र सिंह बराड़, जगदीशचंद्र जांगिड़, यूआईटी के पूर्व अध्यक्ष ज्योति कांडा एवं राजकुमार गौड़, हनुमानगढ़ से पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र दादरी, श्रवण तंवर, जयदीप डूडी तथा अशोक चौधरी आदि शामिल रहे। इनके अलावा डॉ. चंद्रभान, डॉ. बीडी कगा और शांति धारीवाल आदि बड़े नेताओं ने भी शिरकत की। शाम करीब 4 से 6 बजे तक यह बैठक चली। इसमें राहुल गांधी तथा अन्य बड़े नेताओं ने इन कांग्रेसजनों को बतौर पर्यवेक्षक गुजरात में किस तरह चुनाव प्रचार करते हुए उम्मीदवारों को जिताना है, इसकी बारीकियां बताई गईं। स्थानीय नेताओं-कार्यकर्ताओं को एकजुट कर उम्मीदवार के साथ लगाने का दायित्व कैसे निभाना है, इसके बारे में बताया गया। इन पर्यवेक्षकों को खास तौर से हिदायत दी गई है कि वे स्थानीय गुटबाजी में शामिल नहीं होंगे, बल्कि तटस्थ रहकर पार्टी और उम्मीदवार के लिए ही काम करेंगे। बैठक में कईं ऐसे नेता भी मौजूद रहे, जो पूर्व में गुजरात में पर्यवेक्षक के रूप में चुनावों में काम कर चुके हैं। इन नेताओं से उनके पुराने अनुभवों की जानकारी लेते हुए पहली बार वहां जा रहे कांग्रेसजनों को वहां की राजनीतिक स्थितियों के बारे में अवगत करवाया गया। बैठक में महाराष्ट्र तथा मध्यप्रदेश के भी आठ-दस नेता मौजूद रहे। उपस्थित कांग्रेसजनों ने गुजरात के इस चुनाव के लिए पार्टी फंड मेें अपने-अपने सामर्थय के अनुसार आर्थिक योगदान दिया। करीब सवा 3 करोड़ रुपये इन नेताओं ने देने की घोषणा की। राहुल गांधी ने आये हुए सभी नेताओं का एक-एक कर परिचय ही नहीं लिया, बल्कि उनके साथ अलग-अलग तस्वीरें भी खिंचवाईं। इस बैठक से पहले दोपहर में भी एक बैठक की गई, जिसमें गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के साथ चारों राष्ट्रीय सचिव और पार्टी प्रभारी अशोक गहलोत मौजूद रहे।

 

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