समेजा कोठी थाना पुलिस का कारनामा, होगी जांच मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर दो लाख रुपये ऐंठे

श्रीगंगानगर, 19 जून (एजेन्सी)। समेजा कोठी थाना पुलिस फायरिंग की एक घटना में संदिग्ध भूमिका के चलते पहले से ही उगााधिकारियों की जांच में फंसी हुई है, अब एक नया कारनामा मंगलवार को सामने आया। थानाप्रभारी राजवीर सिंह और एक हवलदार मनीराम पर आरोप लगा है कि उन्होंने दो युवकों को मादक पदार्थां की तस्करी के मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर उसके परिवार वालों से दो लाख रुपये ऐंठ लिये। प्राप्त जानकारी के अनुसार चक 9 एलपीएम निवासी बूटासिंह व उसके परिवार-रिश्तेदार मंगलवार को रायसिंहनगर में डीएसपी आनंदप्रकाश स्वामी के समक्ष उपस्थित हुए। प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि पुलिस ने मादक पदार्थांे की तस्करी का मामला रफा-दफा करने के लिए सवा 4 लाख की मांग की। इसमें से दो लाख रुपये एडवांस ले लिये। फिर भी मुकदमे में फंसा दिया गया। प्रार्थना पत्र में पूरे मामले की विस्तृत जानकारी दी है। बूटासिंह के मुताबिक विगत 10 जून को उसके भाई रेशमसिंह के घर दोपहर डेढ़ बजे समेजा थाना पुलिस ने छापा मारा, जहां से चार किलो पोस्त और नशीली गोलियों के चार डिब्बे पकड़े गये। रेशम सिंह को पुलिस अपने साथ ले गई। बूटासिंह के अनुसार पुलिस उसके भी दो पुत्रों राजप्रीत सिंह व जसविन्द्र सिंह को भी पकड़ ले गई। थानाप्रभारी राजवीर सिंह और हवलदार मनीराम ने यह छापा मारा था। बूटासिंह के अनुसार इन दोनों ने उसके मौसेरे भाई हरमेश सिंह व बलविन्द्र सिंह निवासी चक 26 एफ को बुलाया और कहा कि अगर चार लाख 30 हजार रुपये दे दोगे, तो मुकदमा खत्म कर देंगे। कोई बरामदगी नहीं दिखायेंगे। इस पर हमने दो लाख रुपये हरमेश सिंह व बलविन्द्र सिंह के मार्फत मनीराम को दे दिये। शेष 2लाख 30 हजार रुपये सोमवार को देने का इकरार किया। बूटासिंह के अनुसार जब वे सोमावर को दो लाख 30 हजार रुपये लेकर मनीराम को देने के लिए गये और उससे पहले एफआईआर की नकल मांगी। मनीराम ने कहा कि एफआईआर की नकल तीन दिन बाद मिलेगी। सिर्फ एक किलो पोस्त का मुकदमा बनायेंगे। नशे की गोलियों का कोई मुकदमा नहीं बनाया है। बूटासिंह के अनुसार उन्होंने कहा कि जब हमें एफआईआर की नकल दोगे, तभी हम बाकी राशि देंगे। आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने राजप्रीत सिंह व जसविन्द्र सिंह से मारपीट की। हरमेश और बलविन्द्र सिंह दो लाख रुपये मनीराम को देने के लिए गये, तो रुपये लेकर मनीराम ने राजप्रीत व जसविन्द्र सिंह को उनके साथ भेज दिया। इस प्रकार थानाप्रभारी और हवलदार ने मिलकर राजप्रीत सिंह व जसविन्द्र सिंह को झूठा मुकदमा बनाने की धमकी देकर दो लाख रुपये ऐंठ लिये। उनके साथ मारपीट भी की। बता दें कि समेजा कोठी पुलिस पिछले सप्ताह फायरिंग की एक घटना को लेकर संदेह के घेरे में है। पीडि़त पक्ष द्वारा श्रीगंगानगर आये हुए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा से मिलकर शिकायत की गई थी, जिसकी जांच सूरतगढ़ में सहायक पुलिस अधीक्षक मृदुल क’छावा द्वारा की जा रही है। डीएसपी आनंद प्रकाश स्वामी ने बूटासिंह और उसके साथ आये परिवारजनों को आश्वस्त किया है कि दो लाख ऐंठने के मामले की जानकारी उगााधिकारियों को दी जायेगी। उगााधिकारियों का मार्गदर्शन मिलने पर इसकी जांच की जायेगी।

 

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