‘आई प्लेज फॉर नाइन अचीवर्स पुरस्कार वितरीत

नई दिल्ली, 2 जुलाई(एजेन्सी)। ‘महज 23 महीनों में हमने देशभर में 12, 900 स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों में 1.3 करोड़ प्रसव पूर्व जांच किए हैं और हमने 6.5 लाख उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की भी पहचान की। केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री जे पी नड्डा ने यहां ‘आई प्लेज फॉर नाइन अचीवर्स पुरस्कार वितरण समारोह में यह बात कही। यह पुरस्कार देश की प्रत्येक महिला को सुरक्षित मातृत्व प्रदान करने के उदेश्य वाले मिशन को हासिल करने में सहयोग करने वाले निजी सेक्टर और राज्यों से व्यक्तियों व निजी डाक्टरों की टीम को उनकी अनुकरणीय सेवाओं, संस्थाओं की शानदार स्पोर्ट और भागीदारों की प्रतिबद्वता के लिए दिए गए। जे पी नड्डा ने उन राज्यों को भी पुरस्कार दिए जिन्होंने हाल ही में जारी एसआरएस के अनुसार एमएमआर में अनुकरणीय कमी का प्रदर्शन किया है। इस कार्यक्रम में जे पी नड्डा ने कहा कि हमारी ताकत इससे पता चलती है कि हम जो भी कार्यक्रम शुरू करते हैं, वह दुनिया का सबसे बड़ा कार्यक्रम बन जाता है और हमने वो कार्यक्रम शुरू किए हैं जिनके दूरगामी प्रभाव होंगे। श्री नड्डा ने आगे कहा कि भारत ने इतनी बड़ी संख्या व भौगालिक चुनौतियों के बावजूद कई सूंचकाक में ठोस प्रगति की है। केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री ने यह भी कहा कि भारत ने 2013 से मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) में 22 प्रतिशत की कमी लाकर प्रभावशाली उन्नति दिखाई है। उन्होंने यह भी कहा कि हमें इस बात की भी प्रंशसा करनी चाहिए कि उत्तर प्रदेश ने मातृ मृत्यु दर में 30 प्रतिशत की कमी लाकर मातृ मृत्यु दर वाले चार्ट में शीर्ष स्थान हासिल किया है। इसके लांच होने से अब तक 1.30 करोड़ से ज्यादा प्रसव पूर्व जांच हो चुकी हैं और यह जांच ग्रामीण, शहरी व मुश्किल में स्थित सरकारी स्वास्थ्य सुविधा केंद्रों में सार्वजनिक क्षेत्र के प्रसूति विशेषज्ञों-स्त्री रोग विशेषज्ञों और 5000 से अधिक निजी स्वैच्छिक भागीदारी से हुई है। इसके चलते 65, 000 से अधिक उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान हो सकी।

 

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