वॉलमार्ट-फ्लिपकार्ट की 161 खरब रुपये वाली डील का आज ऐलान

नई दिल्ली । अमेरिकी रिटेल कंपनी वॉलमार्ट भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट में 70 पर्सेंट हिस्सेदारी खरीदने के लिए 16 अरब डॉलर (करीब 11 खरब रुपये) से अधिक रकम खर्च करने जा रही है। डील का ऐलान बुधवार को हो सकता है। सौदे में वॉलमार्ट 2-2.5 अरब डॉलर का प्राइमरी इन्वेस्टमेंट करेगा, जिसका इस्तेमाल फ्लिपकार्ट अपना बिजनस बढ़ाने में करेगा। सूत्रों के मुताबिक प्राइमरी इन्वेस्टमेंट में गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट भी भागीदारी करेगी। उनका कहना है कि वह फ्लिपकार्ट में 1 अरब डॉलर (67 अरब रुपये) का निवेश कर सकते हैं। एक सूत्र ने बताया कि फ्लिपकार्ट के इंडियन कैरेक्टर को बनाए रखने के लिए माइनॉरिटी इन्वेस्टर्स के पास इसे भारत या अमेरिका में अगले तीन-चार साल में लिस्ट कराने का विकल्प होगा। माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स के पास कंपनी के 30 पर्सेंट शेयर बच जाएंगे। सूत्र ने बताया, ‘माइनॉरिटी इन्वेस्टर्स के पास तय समय में कंपनी को लिस्ट कराके वैल्यू अनलॉकिंग करने का ऑप्शन होगा। हालांकि अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन फ्लिपकार्ट को न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट कराया जा सकता है।’ इस खबर के लिए वॉलमार्ट और फ्लिपकार्ट दोनों ने ही कॉमेंट करने से मना कर दिया। वॉलमार्ट फ्लिपकार्ट को दो फेज में खरीदेगा। वॉलमार्ट के प्राइमरी इनवेस्टमेंट से पहले यह सौदा 20-22 अरब डॉलर और उसके बाद 22-24 अरब डॉलर का होगा। वह फ्लिपकार्ट को खरीदने के बाद इसमें 3-3.5 अरब डॉलर लगा सकता है। वॉलमार्ट देश में रिटेल बिजनस को बढ़ाने के लिए अपने किराना स्टोर्स के नेटवर्क का फायदा उठाना चाहता है। कंपनी इसके लिए इन्हें मॉडर्नाइज करेगी और इन स्टोर्स को फ्लिपकार्ट के मार्केटप्लेस मॉडल से जोड़ेगी। यह जानकारी इस सौदे से वाकिफ सूत्र ने दी। उन्होंने बताया, वॉलमार्ट और फोनपे 50-60 लाख किराना स्टोर्स को कारोबार के आधुनिक तौर-तरीके अपनाने में मदद करेंगे। वे ग्रोथ के लिए स्टोर्स को डिजिटल और कैशलेस ट्रांजैक्शंस सिस्टम अपनाने में मदद कर सकते हैं। फ्लिपकार्ट का फोन पे इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर सिस्टम ऑफर करता है। प्रस्तावित डील के मुताबिक, फ्लिपकार्ट के सह-संस्थापक बिनी बंसल नए चेयरमैन और ग्रुप सीईओ हो सकते हैं। यह जानकारी दूसरे सूत्र ने दी है। फिलहाल फ्लिपकार्ट के सीईओ कल्याण कृष्णमूर्ति हैं और वह इसी भूमिका में बने रहेंगे। फ्लिपकार्ट में 5.5 पर्सेंट हिस्सेदारी रखने वाले मौजूदा चेयरमैन सचिन बंसल अपने सभी शेयर बेचकर कंपनी से निकल जाएंगे। सचिन और बिनी बंसल रिश्तेदार नहीं हैं। ऊपर जिन सूत्रों का जिक्र किया गया है, उनमें से एक ने बताया, ‘वॉलमार्ट भारतीय कंपनी के 10 सदस्यों वाले बोर्ड में तीन डायरेक्टर और चीफ फाइनैंशल ऑफिसर नियुक्त कर सकता है।’ वॉलमार्ट 2-2.5 अरब डॉलर के निवेश के साथ भारतीय कंपनी के मौजूदा निवेशकों से 60 पर्सेंट हिस्सेदारी करीब 14 अरब डॉलर में खरीद रहा है। फ्लिपकार्ट में सॉफ्टबैंक की 20.8 पर्सेंट, ईबे की 6.1 पर्सेंट और सचिन बंसल की 5.55 पर्सेंट हिस्सेदारी है।

 

 

 

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