प्रदेश के बुनकर उत्पादों को ई कामर्स सुविधा से जोड़ा जाएगा

जयपुर। एमएसएमई के प्रमुख शासन सचिव श्री आलोक ने कहा है कि प्रदेश के बुनकर उत्पादों को ई कामर्स सुविधा से जोड़ा जाएगा ताकि देश विदेश मेें बुनकर उत्पादों को बाजार और लाभकारी मूल्य मिल सके। प्रमुख सचिव बुधवार को पंचायतीराज संस्थान में उद्योग विभाग व केन्द्रीय वस्त्र मंत्रालय के बुनकर सेवा केन्द्र द्वारा राष्ट्रीय हैण्डलूम दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय बुनकर पुरस्कार समारोह को संबोधित कर रहे थे। आरंभ में आयुक्त डॉ. कृृष्णा कांत पाठक व उपनिदेशक बुनकर सेवा केन्द्र रुचि यादव के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर समारोह का शुभारंभ किया। उन्होंने बुनकर संघ के ई पोर्टल का भी लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हैण्डलूम को बढ़ावा और बुनकर कल्याण के लिए ठोस कदम उठा रही है। आलोक ने कहा कि सरकार बुनकरों को ऋण, डिजाइनिंग, प्रशिक्षण, कौशल विकास और ई कामर्स से जोडऩे जैसे कदम उठाने जा रही है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को नई सोच व मानसिकता व डिजाइनों के साथ आगे आने होगा और सोशियल मीडिया व विभिन्न एपों का उपयोग करते हुए आधुनिक तकनीक से जुडऩे की पहल करनी होगी। आयुक्त डॉ. कृृष्णा कांत पाठक ने कहा कि बुनकर संघ व राजस्थान हाथ करघा विकास निगम के माध्यम से बुनकरों को नई तकनीक और बाजार से जोडऩे का निर्णय किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बुनकरों की ऋण जरुरत को पूरा करने के लिए एक लाख रुपए तक के ऋण का पूरा ब्याज राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा और बुनकरों से एक लाख तक के ऋण पर एक पैसा भी ब्याज नहीं लिया जाएगा।
डॉ. पाठक ने कहा कि बुनकर उत्पादों की आज देश दुनिया में तेजी से मांग बढ़ी है। सूती वस्त्र पहली पसंद बनते जा रहे हैं। ऐसे में परंपरागत शैली के साथ ही नई तकनीक और नई डिजाइन के साथ बुनकरों को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार कलस्टर आधारित विकास व नियमित प्रशिक्षण सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था को अंतिम रुप देने जा रही है। बुनकर सेवा केन्द्र की उपनिदेशक रुचि यादव ने केन्द्र सरकार द्वारा बुनकर विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। बुनकर संघ के प्रबंध संचांलक आरके आमेरिया ने बताया कि बुनकर संघ ने बुनकर उत्पादों को देश दुनिया में बाजार उपलब्ध कराने के लिए ई पोर्टल से जोड़ा जाएगा।

पुरस्कृृत बुनकर

समारोह में प्रमुख सचिव एमएसएमई आलोक व आयुक्त डॉ. पाठक ने सूती साड़ी के नए डिजाइन के लिए आंवा टोंक के राहुल कुमार जैन को प्रथम, बनियाना दौसा के राधेश्याम कटारिया को कॉटन दरी को द्वितीय व मनोहर थाना झालावाड़ की सुमित्रा को डबल बैच खेस पर काम के लिए तीसरा पुरस्कार, लालपुरा जालौर के किशनाराम को मैरिनो पट्टू और फलौदी जोधपुर के नारायण का सूती कुशन पर नए प्रयोग के लिए संयुक्त रुप से सात्वंना पुरस्कार दिया गया। पुरस्कार स्वरुप क्रमश: 21 हजार रु., 11 हजार रु. 7100 रु. और सांत्वना पुरस्कार स्वरुप 3100-3100 रु. और शॉल व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन उद्योग विभाग के प्रहलाद कुमावत ने किया। इस अवसर पर लघु फिल्मों के प्रदर्शन के साथ ही विशेषज्ञों द्वारा महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। समारोह में उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, संबंधित संस्थाओं के अधिकारी व करीब चार सौ बुनकरों ने हिस्सा लिया।

 

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