क्या सही है आपका वजन

डॉक्टर कहते हैं कि वजन कम हो या ज्यादा, दोनों से ही सेहत के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है। संतुलित या आदर्श वजन इस बात पर निर्भर है कि शरीर की लंबाई कितनी है। आजकल की जीवनशैली में लंबाई के अनुपात में वजन का हिसाब काफी गड़बड़ हो गया है, जिसकी वजह से सेहत की नित नई परेशानियां भी पैदा होते हम देख सकते हैं। आंकड़ों की नजर से देखें तो दुनिया की लगभग 30 फीसदी आबादी जरूरत से ज्यादा वजन की शिकार है। दूसरी तरफ बहुत से लोग ऐसे भी हैं, जो कुछ वजहों से कम वजन की समस्या से जूझ रहे हैं और अपना वजन बढ़ाना चाहते हैं।
सही वजन कितना हो
किसी भी व्यक्ति का सही वजन इस बात पर निर्भर है कि उसके शरीर की मांसपेशियों की बनावट क्या है, उसकी उम्र और लंबाई कितनी है। इसके लिए कई मानक हैं, पर सबसे प्रचलित अंतरराष्ट्रीय मानक है बीएमआई, यानी बॉडी मास इंडेक्स। डॉक्टरों के अनुसार एक स्वस्थ व्यक्ति का बीएमआई 18.5 से 25 के बीच होना चाहिए। हालांकि एक अन्य मत के अनुसार विभिन्न परिस्थितियों के हिसाब से किसी स्वस्थ व्यक्ति का बीएमआई 23 से 30 के बीच होना चाहिए। इसका अर्थ यह है कि बीएमआई 18.5 से कम है तो वजन बढ़ाने की जरूरत है और बीएमआई 25 से अधिक है तो वजन घटाने की जरूरत है। यह 30 से ऊपर हो जाए तो स्पष्ट खतरे की घंटी है। बावजूद इस मानक के, याद रखने वाली बात यह है कि किसी व्यक्ति का वजन बहुत कुछ उसकी मांसपेशियों की बनावट और उसकी रोजमर्रा की गतिविधियों पर भी निर्भर है। जो लोग नियमित जिम जाते हैं या पहलवानी करते हैं, स्वाभाविक तौर पर उनकी मांसपेशियों का वजन ज्यादा होता है। पांच फुट की स्त्री का वजन 45-46 किलो के आसपास रहना चाहिए तो इतने ही लंबे पुरुष का वजन 48 किलो से कुछ अधिक होना चाहिए। एक सामान्य व्यक्ति के लिए जरूरी वजन जानने का एक प्रचलित तरीका यह है कि लंबाई जितने सेंटीमीटर हो, उसमें से सौ कम कर दीजिए। जो बचेगा वही उस व्यक्ति का किलोग्राम में आदर्श वजन होगा। उदाहरण के लिए किसी की लंबाई 170 सेंटीमीटर हो तो 100 कम करने पर उसका वजन होगा 70 किलोग्राम।
ज्यादा वजन से होने वाली बीमारियां
0 वजन बढऩे के साथ डायबिटीज का खतरा भी बढ़ जाता है।
0 वजन बढऩे पर हमारा हृदय शरीर के कई हिस्सों में रक्त की आपूर्ति ठीक ठंग से नहीं कर पाता। हृदय रोग का खतरा दोगुना बढ़ जाता है।
0 मोटापा अक्सर शरीर को कई तरह से शिथिल कर देता है और व्यक्ति की सोच नकारात्मक होने लगती है। इससे डिप्रेशन की आशंका जन्म लेती है।
0 शोधों के अनुसार बढ़ता वजन महिलाओं में गर्भाशय के कैंसर की आशंका बढ़ा देता है।
0 मोटापे के कारण उच्च रक्तचाप की समस्या पैदा हो सकती है और कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है।
0 वजन बढऩे के कारण आंतों पर दबाव बढ़ता है और वे धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं।
0 वजन ज्यादा बढऩे से पैर के जोड़ों के लिए नुकसानदेह स्थिति पैदा होने लगती है।
0 वजन बढऩे से हर्निया की आशंका भी बढ़ जाती है।
कम वजन से होने वाली बीमारियां
0 मानक वजन से 10 प्रतिशत से ज्यादा वजन कम होने पर कार्यक्षमता कम होने लगती है।
0 वजन बहुत कम हो तो संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है। वास्तव में वजन ज्यादा घट जाने का सीधा मतलब है कि शरीर में पोषक तत्त्वों की भी कमी है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है।
0 त्वचा के नीचे चर्बी कम हो तो जरा-सी चोट भी सीधे हड्डियों पर असर करती है।
0 अचानक वजन में कमी आ जाए तो असर त्वचा पर दिखता है।
क्या करें जब वजन बढ़ जाए
0 नींद का संतुलन बनाएं। कम या अधिक नींद मोटापे की वजह बन सकती है।
0 भोजन की पौष्टिकता पर ध्यान दें। ओमेगा-6 से भरपूर आहार ज्यादा लें। तेल-घी का सेवन कम करें।
0 फल-सब्जियों का सेवन फायदेमंद है। ताजे फलों का भरपूर सेवन वजन को संतुलित करने में बेहद कारगर है।
0 उच्च फाइबर युक्त भोजन करें। वसा और चीनी वाले भोजन की मात्रा कम करें। भोजन के बाद कैफीन से बचें।
0 तनाव की स्थितियों से बचें।
0 आसन-प्राणायाम नियमित रूप से करें। बढ़े हुए वजन के लोगों के लिए व्यायाम जरूरी है। आधे घंटे का आसन-व्यायाम भी सक्रियता बढ़ा देता है और वजन को संतुलन में लाने में अच्छा योगदान देता है।
0 सवेरे-शाम एक गिलास पानी में दो-तीन चम्मच शहद और एक नीबू निचोड़ कर पिएं। इससे शरीर की चर्बी संतुलन में आती है।
0 विटामिन-सी वाली चीजें चर्बी घटाने का काम करती हैं, इसलिए नीबू, आंवला, संतरा, मौसमी आदि पर्याप्त मात्रा में लें।
0 दिन में दो-तीन बार एक-दो काली हरड़ मुंह में रखकर चूसें। घंटे-आध घंटे में हरड़ गल जाए तो पानी पी लें। लंबे समय में इसका अच्छा फायदा मिल सकता है।
घटे वजन को संतुलन में लाएं
0 सबसे पहले हाजमा दुरुस्त करें और इसके बाद पौष्टिक चीजें खाने पर ध्यान दें।
0 शहद-पानी-नीबू वाला उपाय कम वजन के लिए भी फायदेमंद है। इससे आंतों की ताकत बढ़ती है।
0 दिन में लंबे समय तक उपवास की स्थिति न रहने दें। दो-तीन घंटे के अंतर पर सुपाच्य और पौष्टिकता से भरपूर चीजें खाते रहें।
0 कफ और पाचनशक्ति की समस्या न हो तो एक गिलास दूध में प्रोटीन पाउडर मिलाकर केले का सेक बनाएं और सुबह-शाम का नाश्ता यही करें। इससे वजन संतुलन में आ सकता है।
0 रात में सोने से पहले एक गिलास ठंडे दूध में दो-तीन चम्मच शहद और एक चम्मच देशी घी मिलाकर पीने से कम वजन की समस्या संतुलन में आ सकती है।
0 ताजे फल और सब्जियां खूब खाएं। इससे शरीर में विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट की भरपाई होगी।

डॉक्टर कहते हैं कि वजन कम हो या ज्यादा, दोनों से ही सेहत के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है। संतुलित या आदर्श वजन इस बात पर निर्भर है कि शरीर की लंबाई कितनी है। आजकल की जीवनशैली में लंबाई के अनुपात में वजन का हिसाब काफी गड़बड़ हो गया है,

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