जॉर्डन की हत्या में लिप्त था शॉर्प शूटर सम्पत नेहरा, तीन आरोपितों ने पूछताछ में किया कबूल

श्रीगंगानगर, 19 जून (का.सं.)। कुख्यात अंतर्राज्यीय अपराधी लॉरेन्स बिश्रोई गैंग का शॉर्प शूटर सम्पत नेहरा श्रीगंगानगर के एक हिस्ट्रीशीटर जॉर्डन उर्फ विनोद चौधरी की नृशंस हत्या किये जाने की वारदात में मुख्य रूप से शामिल था। विगत 6 जून को हरियाणा एसटीएफ द्वारा हैदराबाद में काबू किये गये सम्पत नेहरा ने पूछताछ में इंकार किया था कि वह इस हत्या में शामिल नहीं है। करीब एक दर्जन हत्या की वारदातों मेें लिप्त रहा शॉर्प शूटर फिल्म अभिनेता सलमान खान को निशाने पर लिये हुए था। लॉरेन्स ने जोधपुर जेल में बंद रहते सलमान खान को धमकी दी थी। लॉरेन्स बिश्रोई गैंग के मोहाली में पंजाब पुलिस द्वारा पकड़े गये तीन आरोपित-विक्रमजीतसिंह उर्फ विक्की निवासी कुलगढ़ी, जिला फिरोजपुर, हरदीप सिंह उर्फ संधू उर्फ भागू, उर्फ लाहौरिया निवासी दुतारांवाली, अबोहर-पंजाब और आकाश चौहान निवासी ओटरेन जिला सोनीपत-हरियाणा को तीन दिन के रिमांड पर लेते ही स्थानीय जवाहरनगर पुलिस ने इनसे कड़ी पूछताछ आरम्भ कर दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन तीनों से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में अलग-अलग अधिकारी लगे हुए हैं। अब तक की पूछताछ में जॉर्डन हत्याकांड की साजिश का लगभग पूरा खुलासा हो गया है। लॉरेन्स बिश्रोई ने अपने गैंग का श्रीगंगानगर क्षेत्र में वर्चस्व कायम करने के लिए अपने खास गुर्गांे अंकित भादू और सम्पत नेहरा के जरिये जॉर्डन की हत्या करवाई। इन दोनों ने गिरोह के तीन अन्य सदस्यों विक्रमजीत सिंह विक्की, आकाश चौहान और हरदीप सिंह के साथ मिलकर विगत 22 मई की सुबह स्थानीय जवाहरनगर में मीरा मार्ग पर स्थित मैटेलिका जिम में जॉर्डन पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं, जब वह वर्कआउट कर रहा था। पुलिस के मुताबिक यह पांचों जने 21 मई की शाम को हनुमानगढ़ जिले में नोहर थाना क्षेत्र के गांव भूकरका में धोलू ब्राह्मण के यहां ठहरे थे। धोलू के यहां ठहराने की व्यवस्था लॉरेन्स के जयपुर के किसी शख्स ने करवाई थी। अंकित भादू कार लेकर धोलू के यहां पहुंचा था। रात को खाना खाने के बाद लगभग साढ़े 9 बजे यह पांचों जने इसी कार से श्रीगंगानगर रवाना हुए। तड़के लगभग सवा 5 बजे जॉर्डन की हत्या करने के बाद वापिस धोलू के यहां पहुंचे। वहंा नहाने-धोने और खाना खाने के बाद अलग-अलग फरार हो गये। इनमें सबसे पहले सम्पत को हरियाणा एसटीएफ ने हैदराबाद में काबू किया। उधर, पंजाब पुलिस ने मोहाली में उक्त तीन जनों को गिरफ़्तार किया। इधर, श्रीगंगानगर में पुलिस ने जॉर्डन की इस गिरोह के लिए रैकी करने के आरोप में पुरानी आबादी के एक किशोर को हिरासत में लिया। गिरोह के एक मददगार युवक हिमांशु खीचड़ उर्फ काका पिस्तौली को काबू किया गया। मोहाली में तीन जनों के पकड़े जाने से खुलासा होने पर धोलू ब्राह्मण को भी हिरासत में ले लिया गया।
अंकित भादू अभी तक फरार है। पुलिस का कहना है कि जॉर्डन की हत्या की साजिश में कईं और जने भी लिप्त हैं, जिनके बारे में आकाश, विक्की और लाहौरिया से पूछताछ चल रही है। इन तीनों ने कबूल कर लिया है कि उनके साथ सम्पत नेहरा भी शामिल था। मैटेलिका जिम के वर्कआउट रूम में जाकर अंकित, सम्पत और विक्रमजीत ने गोलियां मारी थीं। आकाश और हरदीप जिम के बाहर गाड़ी लिये खड़़़े रहे। सम्पत ने पकड़े जाने पर इस हत्याकांड में खुद में शामिल होने से इंकार किया था, लेकिन इन तीनों ने उसके भी शामिल होने की पुष्टि कर दी है। दो कारें लूटीं, पंच को गोली मारी पुलिस ने बताया कि हरदीप सिंह उर्फ लाहौरिया इस गिरोह मेें नया ही शामिल हुआ है। विगत 22 मई को जॉर्डन की हत्या में शामिल होने से पहले हरदीप ने अपने गैंग के लिए पंजाब में दो कारें लूटीं। इन कारों को अंकित-सम्पत ने आगे बेच दिया। इसके अलावा उसने विगत जनवरी माह में अबोहर उपमण्डल में अपने गांव दुतारांवाली में एक पंच को गोली मारकर गम्भीर घायल कर दिया था। पुलिस हरदीप के और आपराधिक रिकॉर्ड के बारे में पता लगा रही है। वह इस गिरोह के लिए हथियार इधर से उधर पहुंचाने व गोपनीय संदेशों के आदान-प्रदान में भी मदद करता था। विक्रमजीत सिंह और आकाश का भी काफी आपराधिक रिकॉर्ड है। इनमें विक्रमजीत इनोवा लूटने की वारदात में छह साल की सजा भुगत चुका है। फिर हो सकती है शिनाख्ती परेड पुलिस ने बताया कि यह तीनों 21 जून तक रिमांड पर हैं। अभी पूछताछ में जॉर्डन हत्याकांड को लेकर कईं ओर खुलासे होने की सम्भावना है। विगत शनिवार को जिला कारागृह में चश्मदीद गवाहों से इनकी शिनाख्ती परेड करवाये जाने और कल प्रोडक्शन वारंट के जरिये हिरासत में लेने पर पुलिस ने अभी भी इन तीनों को बापर्दा रखा हुआ है। पुलिस का कहना है कि अभी इनकी कुछ और गवाहों के समक्ष दोबारा शिनाख्ती परेड करवाई जा सकती है। जवाहरनगर थाना में इन तीनों को अलग-अलग बैरकों में कड़ी सुरक्षा में रखा गया है। इन पर 24 घंटे नजर रखी जाती है। थाने के अंदर-बाहर सशस्त्र पुलिसकर्मी तैनात किये गये हैं। पुलिस प्रत्येक चौबीस घंटे के दौरान इन तीनों का मेडिकल चैकअप भी करवा रही है।

 

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