IIT और IIM इंटर्नस की मदद से भाजपा अपने सांसदों को बना रही प्रभावी

एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार विद्यार्थियों और विविध क्षेत्रों के पेशेवरों से 550 से अधिक आवेदन मिले थे। मूल्यांकन की कड़ी प्रक्रिया के बाद 40 विद्यार्थियों को सांसद के साथ इंटर्नशिप के लिए चुना गया। 40 छात्रों को 17वीं लोकसभा के पहले सत्र के लिए सांसदों के साथ जोड़ा गया। बता दें कि थिंक इंडिया के बोर्ड मेंबर्स में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्य हैं।300 से ज्यादा सीटें और 2014 में भारतीय जनता पार्टी को मिले मतों से ज्यादा मत प्रतिशत के साथ प्रधानमंत्री और निरंतर प्रधानमंत्री के दोराहे पर विराजमान नरेंद्र मोदी और उनके सिपाहसालार अमित शाह हमेशा लीक से हटकर फैसले लेने के लिए जाने जाते हैं। नतीजतन पार्टी के रिपोर्ट कार्ड में एक के बाद एक उपल्बधियां दर्ज होती जा रही हैं। एक और अनूठा प्रयोग करते हुए भाजपा ने अपने लोकसभा सांसदों को देश के शीर्ष संस्थानों से इंटर्नस दिए हैं। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (आईआईएससी), नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेज जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के मेधावी छात्र भाजपा सांसदों को संसद में और प्रभावी बनाने में सहायता कर रहे हैं।खबरों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी ने इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और लॉ के अखिल भारतीय संस्थानों के 40 इंटर्न्स रखे हैं जो महत्वपूर्ण बिलों पर चर्चा की तैयारी में 40 भाजपा सांसदों की मदद कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि थिंक इंडिया नाम के एक प्लेटफॉर्म के जरिए इन इंटर्नस को लाया गया है।  एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार विद्यार्थियों और विविध क्षेत्रों के पेशेवरों से 550 से अधिक आवेदन मिले थे। मूल्यांकन की कड़ी प्रक्रिया के बाद 40 विद्यार्थियों को सांसद के साथ इंटर्नशिप के लिए चुना गया। 40 छात्रों को 17वीं लोकसभा के पहले सत्र के लिए सांसदों के साथ जोड़ा गया। बता दें कि थिंक इंडिया के बोर्ड मेंबर्स में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्य हैं। हालांकि थिंक इंडिया का कहना है कि इंटर्नस किसी भी रूप में छात्र परिषद से नहीं जुड़े हैं और सभी पार्टियों के सांसदों की मदद को तैयार हैं। इंटर्नस के पहले बैच को संसदीय कार्यक्रम के तहत सत्ताधारी पार्टी के सांसदों के साथ रखा गया है। इंटर्नस ने सांसदों को प्रमुख बिल जैसे ट्रिपल तलाक बिल और सूचना का अधिकार (संशोधन) विधेयक पर चर्चा की तैयारी करवाने में सहायता की है। इसके अलावा जीरो ऑवर के सबमिशंस, भाषण तैयार करने में भी सांसदों का हाथ बंटाया है।

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