माइक्रोसॉफ्ट ने कमजोर नजर वाले यूजर्स के लिए बनाया सीईंग वीआर

नई दिल्ली। वर्चुअल रिएलिटी टेक्नोलॉजी की मदद से यूजर्स एक अलग दुनिया को देख सकते है, यह अनुभव ज्यादातर यूजर्स के लिए काफी अच्छा और रोमांचक होता है, लेकिन कमजोर नजर के कारण चश्मा पहनने वाले वीआर का उतना अच्छा अनुभव नहीं ले पाते हैं। माइक्रोसॉफ्ट कंपनी ने इसी समस्या को देखते हुए एक ऐसा वर्चुअल रिएलिटी हेडसेट बनाया है, जो कमजोर आंखों वाले प्लेयर्स के लिए गेम्स को आसान बनाएगा।  14 टूल्स से है लैस-सीईंग वीआर नाम की किट में 14 टूल्स है, जिनमें बाइफोकल लेंस, मैग्नीफायर, ब्राइटनेस/कंट्रास्ट कम या ज्यादा करने का कंट्रोल, एज एन्हैंसमेंट और डेप्थ मेजरमेंट जैसे टूल्स शामिल हैं। इन टूल्स की मदद से यूजर का एक्सपीरियंस बेहतर होगा। यूजर्स वीआर पर दिखाई दे रही चीजों का विवरण या उनका नाम जोर से पढ़कर सुनाने का ऑप्शन भी चुन सकते हैं। इस टूलकिट को 11 ऐसे लोगों पर टेस्ट किया गया, जिन्हे नजर संबंधी समस्या थी। सीईंग वीआर इस्तेमाल करने वाले लोगों को सकारात्मक परिणाम मिले। डिफॉल्ट मोड की तुलना में यूजर्स ने सीईंगवीआर में गेम का कोई भी टास्क ज्यादा आसानी से और ज्यादा जल्दी पूरा किया। यह वीआर किट फिलहाल सिर्फ यूनिटी वीआर डेवलपर्स के लिए है। माना जा रहा है कि जल्द ही सीईंग वीआर अन्य लोगों के लिए भी उपलब्ध किया जाएगा।
क्या है वर्चुअल रियलिटी –वर्चुअल रियलिटी एक ऐसी टेक्नोलॉजी है जो वर्चुअल इमेज, वर्चुअल साउंड और दूसरी कई वर्चुअल्ली चीजें दिखाने के लिए काम आती है। जब आप इसको इस्तेमाल करते है तो आपको ऐसा फील होता है की ये बिलकुल ओरिजिनल है एंड रियल मे आपके सामने ही सब कुछ हो रहा है। इसको प्रयोग करने पर आपको लगने लगने लगता है की आप उसी माहौल में मौजूद है।

 

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