मछलियां पकड़ते घग्घर नदी में दो युवक डूबे

 

एक युवती ने भी लगाई छलांग, एक युवक का शव मिला
श्रीगंगानगर, 9 सितम्बर (नि.स.)। हनुमानगढ़ जंक्शन और टाऊन के बीच घग्घर नदी में आज दो हादसों में एक युवती तथा दो युवक डूब गये। एक युवक के शव को बरामद कर लिया गया है। युवती और युवक के शवों की तलाश जोर-शोर से जारी है। मौके पर प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौजूद हैं, जेा इनके शवों की तलाश करवा रहे हैं। घग्घर नदी में कईं माहिर गौताखोरों को इस काम पर लगाया गया है। साथ ही वहां काफी भीड़ जुटी हुई है। युवकों व युवती के परिवार वाले भी वहीं मौजूद हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार पहली घटना हनुमानगढ़ टाऊन थाना क्षेत्र मेें घग्घर नदी के साथ लगते चक 2 एसएनएम-श्रीनगर में भाम्भू ईंट उद्योग के पास हुई। पुलिस ने बताया कि इस ईंट भ_े पर काम करने वाले श्यामलाल नायक की 18-19 वर्षीय पुत्री अंजू प्रात: लगभग 8 बजे घग्घर में डूब गई। घर वालों का कहना है कि वह घग्घर के किनारे खड़ी थी।पैर फिसल जाने से वह नदी में जा गिरी। दूसरी ओर पुलिस को प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने युवती को नदी में छलांग लगाते हुए देखा था। वहीं कुछ ही दूरी पर मौजूद नारायण सिंह रायसिख नामक एक व्यक्ति ने उसे बचाने के भी प्रयास किये। नारायण सिंह नदी में उतर गया था और अंजू को पकड़कर बाहर लाने की कोशिश भी उसने की, लेकिन जिस जगह अंजू छलांग लगाने के बाद पानी से तैरते हुए पहुंच गई थी, वहां गहरा खड्डा होने के कारण नारायण सिंह उसे बाहर नहीं निकाल पाया। वह खुद भी बड़ी मुश्किल से बाहर निकला। इसके बाद अंजू पानी के साथ बह गई अथवा वहीं गहरे खड्डे में डूब गई। अंजू के नदी में गिरने का पता चलने पर पुलिस ने मौके पर आकर आसपास के गांवों-चकों में रहने वाले कुशल तैराकों को बुलाया, लेकिन पार नहीं पड़ी। फिर गांव सूरेवाला के बेहद माहिर गौताखोर-तैराक बुलाये गये। इनके द्वारा देर शाम तक अंजू की तलाश का काम जारी था। इसी बीच दोपहर लगभग 2 बजे हनुमानगढ़ जंक्शन थाना क्षेत्र में चक ज्वालांसिंहवाला-चक 49 एनजीसी के पास मछलियां पकड़ते और नहाते समय दो युवक डूब गये। पुलिस ने बताया कि हनुमानगढ़ टाऊन में भटनेर दुर्ग के समीप बिहार मूल के बाशिंदों की जेपी कॉलोनी के 18-20 युवक इस जगह पर मछलियां पकड़ रहे थे और नहा रहे थे। मौके पर मौजूद एएसआई रामभज ने बताया कि दोपहर करीब 2 बजे विक्की (पुत्र अरूणदास) मछलियां पकड़ते और नहाते हुए एक गहरे खड्डे में डूबने लगा। पास ही खड़े धर्मेन्द्र (पुत्र पवनदास) ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वह भी गहरे खड्डे में समा गया। इसी बीच वहीं मौजूद एक और युवक संतोष ने धर्मेन्द्र को बचाने की कोशिश की तो वह खुद डूबते-डूबते बचा। विक्की और धर्मेन्द्र के डूब जाने पर सभी युवक शोर मचाने लगे। आसपास खेतों में काम कर रहे किसान और मजदूर आदि भागकर आये, लेकिन पानी का बहाव और गहरे खड्डे को देखते हुए कोई भी बचाने का साहस नहीं जुटा पाया। इसी दौरान इन युवकों के परिवारजन एवं रिश्तेदार भी भागकर आ गये। इनमें कुछ जने अ’छे तैराक-गौताखोर हैं, जो अकसर नदी में जाल डालकर मछलियां पकड़ते रहते हैं, उन्होंने विक्की और धर्मेन्द्र की तलाश का काम शुरू किया। लगभग तीन घंटे बाद धर्मेन्द्र के शव को बरामद कर लिया गया। इस दौरान मौके पर डीएसपी वीरेन्द्र जाखड़, एसडीएम और टाऊन थानाप्रभारी अनवर खान भी दलबल सहित आ गये। देर शाम समाचार लिखे जाने तक विक्की का शव बरामद नहीं हुआ था। यह दोनों 17-18 वर्ष के हैं। जानलेवा खड्डे घग्घर नदी में हर वर्ष बरसाती सीजन में पानी आता है। यह बरसाती नदी है। वर्ष के बाकी दिनों में नदी का बहाव क्षेत्र लगभग सूखा रहता है। इस नदी की मिट्टी बेहद उपयोगी है, जिसका अवैध रूप से खनन होता रहता है। नदी के बहाव क्षेत्र और तल से मिट्टी का खनन करने के लिए जेसीबी मशीनें तक लगी रहती हैं। इन मशीनों से गहरे खड्डे कर दिये जाते हैं। यही खड्डे आज युवती और दो युवकों के लिए जानलेवा साबित हुए। पुलिस ने बताया कि अंजू ने जहां कथित रूप से छलांग लगाई, वहां से कुछ दूरी पर जेसीबी से खोदा हुआ ही खड्डा था। इसी खड्डे की वजह से नारायण सिंह उसे बचा नहीं पाया। दूसरी ओर चक 49 एनजीसी-चक ‘वालासिंहवाला के पास भी इस बार बरसाती पानी आने से पहले लोगों ने कईं बार जेसीबी मशीनों को मिट्टी निकालते देखा था, जिस कारण वहां भी गहरे खड्डे हो गये थे। बिहार मूल के यह युवक घर से जाल लेकर मछलियों को पकडऩे के लिए इसी जगह पर आये थे। मछलियां पकड़ते हुए विक्की और धर्मेन्द्र इन्हीं जानलेवा खड्डों की तरफ चले गये।

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