निफ्टी सूचकांकों से 19 मार्च को ही बाहर हो जाएगा यस बैंक

नई दिल्ली। संकटग्रस्त यस बैंक को निफ्टी 50, निफ्टी बैंक तथा अन्य निफ्टी सूचकांकों से 19 मार्च को हटा दिया जाएगा। एनएसई इंडिसेज ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। एनएसई की अनुषंगी एनएसई इंडिसेज ने एक बयान में कहा कि पहले यह बदलाव 27 मार्च को किया जाने वाला था। हालांकि यस बैंक तथा इसके पुनर्गठन को लेकर हाल में हुए बदलावों को देखते हुए इसे तय समय से पहले ही 19 मार्च को ही बाहर करने का निर्णय निया गया है। यह निर्णय एनएसई इंडिसेज की सूचकांक रखरखाव उपसमिति ने लिया है।एनएसई इंडिसेज ने बयान में कहा कि यस बैंक की जगह निफ्टी 50 में श्री सीमेंट तथा निफ्टी बैंक में बंधन बैंक लेंगी। यस बैंक को निफ्टी 100 और निफ्टी 500 से भी बाहर किया जाएगा। निफ्टी 100 में इसकी जगह अडाणी ट्रांसमिशन और निफ्टी 500 में स्टर्लिंग एंड विल्सन सोलर लेंगी।वहीं चेयरमैन रजनीश कुमार ने सोमवार को कहा कि यस बैंक में अन्य बैंकों द्वारा निवेश वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए किया जा रहा है न कि निवेश पर रिटर्न के लिए। शेयर बाजार में एसबीआई कार्ड और भुगतान सेवाओं की लिस्टिंग के दौरान कुमार ने कहा कि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और अन्य सभी बैंकों के एक साथ आने का निर्णय निवेश पर रिटर्न के लिए नहीं बल्कि वित्तीय प्रणाली को स्थिरता देने के लिए है। बता दें स्क्चढ्ढ ने संकटग्रस्त यस बैंक में 6,050 करोड़ रुपये का निवेश किया है। वहीं आईसीआईसीआई बैंक, हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्प लिमिटेड, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, बंधन बैंक, फेडरल बैंक और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने भी एसबीआई के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम में शामिल होकर यस बैंक में निवेश किया है। एचडीएफसी 100 करोड़ शेयरों की खरीद के माध्यम से यस बैंक में 1,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगा।

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