योगासन जो सुधारें आपका पाचन

हम सभी जानते हैं कि योगासन पीठ के दर्द, तनाव में आराम देने, ऑक्सीजन का स्तर सुधारने के साथ बेहतरीन मानसिक स्वास्थ्य पाने में मदद करता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि योगासन आपकी पाचन व्यवस्था को बेहतर करने में भी अहम भूमिका निभाता है। योगासन में ऐसी कई मुद्राएं हैं, जो पाचन-तंत्र को सुधारने में मदद करती हैं।
मयूरासन : अगर आप अच्छी तरह से इस मुद्रा का अभ्यास करते हैं तो अपनी इच्छा से कुछ भी खाने और बेहतरीन पाचन क्षमता रखने में सक्षम होंगे। इस मुद्रा के दौरान आप अपनी भुजाओं पर अपने धड़ के भार को संतुलित करके पाचन अंगों पर दबाव बनाने में सक्षम होंगे, जो कुछ क्षण के लिए पाचन अंगों में रक्त की आपूर्ति को काट देगा।फिर, जब आप इस मुद्रा से हटेंगे तो ढेर सारी ताजी ऑक्सीजन से भरा रक्त पाचन अंगों में प्रवाहित होगा और उनकी कार्यप्रणाली को बेहतर करेगा।
नौकासन : नौकासन मुद्रा में जाते हुए और बनाए रखते हुए अपनी शरीर को धीरे-धीरे मोडऩे से, यह मुद्रा आपके पेट के हिस्से में अंदरूनी अंगों की धीरे-धीरे मसाज करती है। इसमें आपकी किडनी और आंतें भी शामिल हैं।इसे आरंभ करने के लिए अपनी पीठ के बल लेट जाएं और अपने हाथों को अपने सिर के नीचे रखें। अपने घुटनों को 90 डिग्री पर मोड़ें, जिसमें आपके पैर सतह के समानांतर हों। जब आप सांस छोड़ते हैं तो जितना ऊपर संभव हो अपने हाथ उठाएं और 10 से 30 सेकंड के लिए थामे रखें। यह बोट पोज आपके अमाशय में रक्त संचार को बेहतर करता है, जो पाचन को नियमित करने और पाचन से संबधित दिक्कतों को नियंत्रित करने में भी मदद करता है। आप डायरिया से पीडि़त हैं तो इस आसन को न करें।
पवनमुक्तासन: अगर आप निष्क्रिय पाचन से परेशान हैं या फिर आपके पेट में गैस फंस रही है तो पवनमुक्तासन योग बहुत असरदार है। इस मुद्रा को आराम से करें और यह सुनिश्चित करें कि इसे अपनी सांसों से संयोजित करने के लिए कर रहे हैं। अपने घुटनों को अपनी छाती के पास लाते हुए सांस छोड़ें और इन्हें दूर ले जाते हुए सांस अंदर लें। सोने से पहले इसका अभ्यास करें।
(मेदांता हॉस्पिटल के योग विशेषज्ञ दीपक झा से बातचीत पर आधारित)

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