नौकरी के बहाने युवक को अगवा कर तीन लाख की फिरौती मांगी, तीन काबू, युवक सकुशल छुड़वाया

श्रीगंगानगर, 16 जून (का.सं.)। एक प्राइवेट कम्पनी ने अच्छी मासिक तनख्वाह पर नौकरी लगवा देने का झांसा देकर एक युवक का एक गिरोह ने अपहरण कर लिया। गिरोह इस युवक को मध्यप्रदेश के देवास शहर में ले गया, जहां एक होटल में बंधक बनाकर उसके परिवार वालों से तीन लाख की फिरौती मांगने लगा। पुलिस ने बड़ी सूझबूझ से अपहरण की इस गुत्थी को सुलझाया। न केवल अगवा किये हुए युवक को सकुशल छुड़वा लिया, बल्कि तीन अपहरणकर्ताओं को भी दबोच लिया। एक मुख्य मुल्जिम अभी भी फरार है, जिसकी धरपकड़ के प्रयास चल रहे हैं। मामला चूरू जिले में भानीपुरा थाना क्षेत्र में उजागर हुआ है। विस्तृत जानकारी देते थानाप्रभारी राजीव रॉयल ने बताया कि हालासर गांव निवासी युवक जयवीर सिंह को कुछ दिन पहले पता चला कि उदयपुर में एक एजेंसी है, जो प्राइवेट कम्पनियों में अच्छे मासिक वेतन पर नौकरी दिलवाती है। उसे किसी ने इस एजेंसी के नम्बर दे दिये। सम्पर्क करने पर उसे विगत 8 जून को उदयपुर बुला लिया गया।
वहां जाने पर जयवीर सिंह से कहा गया कि उसे 20 हजार रुपये मासिक वेतन तक नौकरी मिल सकती है, लेकिन इसके लिए पहले 16 हजार रुपये जमा करवाने होंगे। जयवीर ने अपने घर वालों से बात की। घर वालों ने उसे 16 हजार रुपये देने से मना कर दिया। जयवीर द्वारा यह रकम दे पाने में असमर्थता व्यक्त करने पर उसे लालच दिया गया कि मध्यप्रदेश के देवास में उसे 10-12 हजार मासिक वेतन की नौकरी मिल सकती है। इसके लिए उसे कुछ भी एडवांस नहीं देना पड़ेगा। जयवीर को यह एजेंसी चलाने वाले तीन-चार युवक यह लालच देकर देवास में ले गये, वहां उसे एक होटल में बंधक बना लिया। जयवीर से ही उसके घर वालों को फोन करवाया कि वे तीन लाख रुपये देकर अपने बेटे को छुड़वा ले जायें। थानाधिकारी के अनुसार इस मामले की जानकारी 11-12 जून की रात को जयवीर के परिवार वालों ने थाने में दी। अगले दिन पिता बजरंग सिंह की रिपोर्ट पर अज्ञात जनों पर जयवीर का अपहरण करने और फिरौती मांगने का मामला दर्ज किया गया। अपहरणकर्ताओं के लगातार फोन बजरंग सिंह और उसके रिश्तेदारों के पास आते रहे। इस दौरान खुद थानाप्रभारी ने भी रिश्तेदार बनकर अपहरणकर्ताओं से बातचीत की। उनके साथ फिरौती की रकम की बार्गनिंग की। थानाधिकारी के अनुसार अपहरणकर्ताओं के साथ बातचीत कर उन्हें उलझाये रखा गया। वे फिरौती की रकम को कम करते हुए 50 हजार रुपये तक आ गये। इसी बीच पुलिस की एक टीम देवास पहुंच गई। वहां स्थानीय पुलिस की मदद से इन अपहरणकर्ताओं के मोबाइल फोन को ट्रेस कर उस होटल पर धावा बोल दिया, जहां जयवीर को बंधक बनाया हुआ था। कल शुक्रवार को पुलिस टीम जयवीर और तीन अपहरणकर्ताओं को लेकर भानीपुरा मे पहुंची। थानाधिकारी ने बताया कि अपहरण करने के आरोप में निशांत पुत्र रामप्रताप गोस्वामी निवासी निमाह, थाना इटास-देवास, निशांत पुत्र मुकेश गोस्वामी निवासी भवानीसागर- देवास और रोहन पुत्र कैलाश गोस्वामी निवासी मुखर्जीनगर-देवास को गिरफ्तार किया गया है। इनके गिरोह का सरगना गौरव पुत्र राजकुमार पटेल है, जोकि फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। थानाधिकारी ने बताया कि जब जयवीर से पूछताछ की गई, तो उसने खुलासा किया कि होटल में लाने के बाद इन तीनों-चारों जनों ने पिस्तौल से उसे डरा-धमका दिया था। अपहरणकर्ता जब भी अपने रूम में खाने-पीने का सामान मंगवाते थे, तब वेटर के आने से पहले उसे बाथरूम में बंद कर देते थे। हर वक्त एक जना पिस्तौल लिये उसके पास बैठा रहता था। इस कारण वह होटल में होने के बावजूद किसी को कुछ बता नहीं पा रहा था। थानाधिकारी ने बताया कि तीनों मुल्जिमों का कल सोमवार तक का रिमांड मिला है। गौरव पटेल की तलाश लगातार जारी है।

 

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