एजीआर बकाया: दूरसंचार कंपनियों को राहत पर कोई निर्णय नहीं : सूत्र

नई दिल्ली। डिजिटल संचार आयोग (डीसीसी) की हुई महत्वपूर्ण बैठक में संकट से गुजर रही दूरसंचार कंपनियों को राहत देने के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया जा सका। समायोजिक सकल राजस्व (एजीआर) बकाये को लेकर आंकड़ों को नये सिरे से मिलाने के लिये अभी और जानकारियों की जरूरत है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि आयोग की बैठक दो घंटे तक चली। आयोग की अगली बैठक जल्दी ही होने का अनुमान है। दूरसंचार विभाग के अधिकारियों का लगातार कहना है कि आयोग की बैठक में एजीआर चर्चा का विषय नहीं है बल्कि यह बैठक भारत नेट परियोजना में सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल लागू करने को लेकर है। ऐसी जानकारियां मिली हैं कि इस बैठक में दूरसंचार कंपनियों को राहत देने के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया गया। सूत्रों का कहना है कि एजीआर के आंकड़ों को नये सिरे से मिलाने के लिये कुछ और विस्तृत जानकारियों की जरूरत है।आयोग की बैठक में वित्त मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिवों समेत नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा दूरसंचार विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। यह आयोग दूरसंचार क्षेत्र में निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था है।वहीं एक दिन पहले दूरसंचार उद्योग के संगठन सेल्युलर आपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) ने सरकार से दूरसंचार कंपनियों पर सांविधिक बकाये के भुगतान की शर्तों को आसान करने को कहा है। सीओएआई ने कहा कि संकट में फंसे क्षेत्र को उबारने के लिए जरूरी है कि सरकार समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) की देनदारियों को चुकाने को दूरसंचार कंपनियों को निचली दर पर कर्ज उपलब्ध कराए। इसके अलावा न्यूनतम कीमतों का क्रियान्वयन भी तेजी से किया जाए। इससे पहले बुधवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि दूरसंचार विभाग मोबाइल टेलीफोनी सेवा प्रदाताओं पर सांविधिक बकाया के भुगतान से जुड़े मुद्दे पर गौर कर रहा है।बता दें 15 दूरसंचार कंपनियों की सरकार के प्रति 1.47 लाख करोड़ रुपये की देनदारी है जिनमें 92642 करोड़ रूपये का लाईसेंस फीस के रूप में भुगतान नहीं किया गया और 55,054 करोड़ रूपये का बकाया स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क का है। कुल बकाया का 60 फीसद एयरटेल और वोडाफोन आइडिया पर है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *