गहलोत ने विधानसभा सत्र बुलाने के लिए राज्यपाल को नया प्रस्ताव भेजा

जयपुर, 26 जुलाई (एजेन्सी)। राजस्थान में सियासी उठापटक का आज 17वां दिन है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 31 जुलाई को विधानसभा सत्र बुलाने के लिए राज्यपाल को संशोधित प्रस्ताव भेज दिया है। इसे 7 दिन के नोटिस के साथ भेजा गया है। वहीं, कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर स्पीकअप फॉर डेमोक्रेसी अभियान शुरू किया है। कांग्रेस नेता अजय माकन ने रविवार दोपहर जयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कोरोना से लडऩे की बजाय कांग्रेस से लड़ रहे हैं। बहुमत की हत्या हो रही है।मोदी और भाजपा पर 4 आरोप 1. मोदी सरकार और भाजपा ने प्रजातंत्र पर हमला बोल रखा है। बहुमत की हत्या हो रही है। संविधान को भाजपा द्वारा बेहरमी से रौंदा जा रहा है। राजस्थान की बहुमत वाली कांग्रेस सरकार में हमारे बहादुर विधायक जो किसी लालच में नहीं आ रहे, उनके समर्थन में कांग्रेस के कार्यकर्ता कल प्रदर्शन करेंगे। 2. आजादी के बाद से भारतीय लोकतंत्र के अंदर दो घटनाएं ऐसी हुई हैं, जो इतिहास में कभी नहीं हुईं। लोकतंत्र का अपहरण हो गया है। प्रजातंत्र का कत्ल हो रहा है। पहली घटना में लोकतंत्रिक इतिहास में विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस को आज तक रोका नहीं गया। विधानसभा के अध्यक्ष के निर्णय को कोर्ट जरूर एग्जामिन करती है। निर्णय देने से पहले की प्रक्रिया को कभी रोका नहीं गया, जो राजस्थान में पहली बार हुआ है। दूसरी घटना- सरकार आज विधानसभा का सत्र बुलाना चाहती है, उसे रोका जा रहा है। ऐसा पहली बार होगा कि चुनी हुई सरकार के कहने के बावजूद अब तक सत्र नहीं बुला रहे हैं।3. राजस्थान में लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चुनी सरकार को गिराने के षड्यंत्र से ये साफ है कि ये ताकतें प्रजातंत्र को दिल्ली दरबार की दासी बनाना चाहती हैं। लोकतंत्र को अपने हाथ की कठपुतली बनाना चाह रही हैं। बहुमत की सरेआम हत्या हो रही है। जनमत को कुचल कर भाजपा की काल कोठरी के पीछे डाल दिया गया है। 4. संवैधानिक परंपराओं को बेरहमी से रौंदा जा रहा है। न्यायपालिका से न्याय की उम्मीद खत्म हो गई है। राज्यपाल जैसे संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्ति संविधान की रक्षा करने में असहाय नजर आते हैं।

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