तूफान अंधड़ से भीषण आगजनी भारी नुकसान

सड़क पर पेड़ गिरने से दमकल वाहन देरी से पहुंचे

श्रीगंगानगर, 30 अप्रैल (का.सं.)। जिले में देर रात को तेज आंधी तूफान आने से अनेक खेतों में आग लग गई जिससे फसलों को भारी नुकसान हुआ है। खेतों में लगी आग पर काबू पाने के लिए किसान ग्रामीण नगर पालिका के कर्मचारी और पुलिसकर्मी रात भर जूझते रहे। सबसे ज्यादा नुकसान श्रीकरणपुर कस्बे के नजदीक गांव 54एफ में हुआ जहां आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग ने लगभग गांव को ही चपेट में ले लिया। आग से एक घर में बंधे हुए मवेशी भी झुलस गये, वहीं घरों में रखा तूडी चारा भी जल गया। करीब 70-80 बीघा खेतो में फैली आग से सैकेड़ों क्विंटल तूडी चारा तथा लकडिय़ां स्वाह हो गई। मौके पर एसडीएम मूलचंद लूणियां तीन मण्डियों की फायर बिग्रेड की गाडिय़ां लेकर पहुंचे। ग्रामीणों ने ट्रेक्टर व टेंकरों की मदद से छह-सात घण्टे में आग पर काबू पाया। चक 54-एफ में गांव के बाहर पड़ी गोबर कचरे की रूड़ी में रात को 11 बजे आग सुलगने लगी और तेज आंधी से चिंगारी के खेत के तूड़ी के लाणे में जा गिरी। जिसने आंधी में विकराल रूप धारण कर लिया। कुछ ही देर में आग की लपटे दस किमी दूर से दिखाई देने लगीं। आग फैलने से ग्रामीणों में भी हड़कम्प मच गया। ग्रामीण अपने अपने संसाधन लेकर आग बुझाने के लिए दौड़े। मखनसिंह पुत्र बंतासिंह के कच्चे घर व छपर में आग लगने से तूडी जल गयी। छपर में बंधे मवेशी भी चपेट में आ गये। एक भेड़ जल कर मर गई।वहीं एक भेड़ व एक बकरी को बचा लिया गया। आग पड़ोस के घरों में पड़े चारे, उप्पलों तथा लकडिय़ों में भी फेल गई। धूं- धूं कर यह सामान जलने लगा। आग के विकराल रूप धारण करते देखकर ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। गजसिंहपुर व केसरीसिंहपुर की फायर ब्रिगेड की गाडिय़ां गांव से पहले नहर की पटरी पर बनी सडक पर आंधी के कारण बड़े पेड़ गिर जाने से आगे नहीं जा सकीं। इस पर सूचना पाकर मौके पर एसडीएम मूलचंद लूणिया, थानाधिकारी राजकुमार राजौरा, एसआई रामभज व पुलिस बल के साथ पहुंचे। जेसीबी से पेड़ हटवाकर रास्ता खुलवाया। इस कारण फायर बिग्रेड की गाडिय़ों मौके पर पहुंचने में काफी देर लगी। ग्रामीण सतीश कुमार कम्बोज,सोहनलाल नायक, पूर्णसिंह कम्बोज,तिलकाराम, पूर्व सरपंच मदनलाल कम्बोज, द्वारका कम्बोज व मखनसिंह ने बताया कि गांव व खेतों में फैली आग को तीन फायर बिग्रेड की गाडिय़ों, पानी के टेंकरों तथा ट्रेक्टरों से हल चलाकर आज सुबह करीब पांच बजे आग पर काबू पाया जा सका ।तब तक आंधी तूफान भी कम हो गया था, नहीं तो गांव में आग फैलने से जानमाल का भारी नुक्सान हो सकता था। आग से आसपास के क्षेत्र में सैकड़ों क्विंटल खेतों में तूड़ी के लिए खडे लांगे, एकत्रित की हुई तूड़ी व लकडिय़ों को स्वाह हो गई। पदमपुर गौशाला के लिए ग्रामीणों द्वारा एकत्रित की हुई लगभग पचास साठ ट्राली तूड़ी, पूर्व सरपंच द्वारका प्रसाद की 15 बीघा की तूड़ी ,तरसेमसिंह की 7 बीघा की तूड़ी का लांगा तथा सैकड़ों क्विंटल् लकडिय़ा को बालण शामिल है। लगभग अस्सी बीघा में फैली आग पर पूरी तरह से काबू पाने के लिए आज सुबह 9 बजे तक भी ग्रामीण ट्रेक्टर के प्रेशर फव्वारे से पानी डालने में जुटे रहे। ग्रामीणों ने बताया कि यदि एसडीएम फायर बिग्रेड की गाडिय़ों व पुलिस बल के साथ रात को नहीं पहुंचते तो गांव भी आग में स्वाह हो सकता था। आग बुझाने में फायरमेन हरविन्द्रसिंह,देवेन्द्र कुमार,राजविन्द्रसिंह, नगर पालिका की ऑटोटीपर गाड़ी लेकर पहुंचे कर्मचारी नीतिन कम्बोज, रामस्वरूप,गौरीशंकर के अलावा ईंट भटठे के संचालक अरूण कुमार उर्फ कालू का विशेष योगदान रहा। उन्होंने अपने टयूबेल से फायर बिग्रेड की गाडिय़ों में लगातार पानी की सप्लाई दी। जिले में कुछ और स्थानों पर भी रात को खेतों में आग लगने की सूचना मिली है।लोगों ने खुद ही भाग दौड़ कर आग पर काबू पाया। आगजनी की इन घटनाओं में भी फसलों, तूड़ी और चारे का नुकसान हुआ है।

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