पहले 1 करोड़ हेल्थकेयर वर्कर्स को, फिर 2 करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन लगेगी

सर्वदलीय बैठके बाद बोले पीएम मोदी : आखिर आ ही गया वैक्सीन का समय

नई दिल्ली (एजेंसी)। सरकार ने कोरोना के मुद्दे पर शुक्रवार को ऑल पार्टी मीटिंग (सर्वदलीय बैठक) बुलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए। उन्होंने वैक्सीन की तैयारियों को लेकर विस्तार से अपनी बात रखी। कहा कि कुछ हफ्तों में कोरोना वैक्सीन तैयार हो जाएगी, पहला टीका बीमार बुजुर्गों और हेल्थ वर्कर्स को लगाया जाएगा।सूत्रों के हवाले से बताया कि हेल्थ मिनिस्ट्री ने मीटिंग में जो प्रजेंटेशन दिया, उसमें कहा गया कि सबसे पहले 1 करोड़ हेल्थ वर्कर्स को वैक्सीन दी जाएगी। इनमें सरकारी ही नहीं, बल्कि प्राइवेट सेक्टर के वर्कर भी शामिल होंगे। इनके बाद करीब 2 करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन दी जाएगी। फ्रंटलाइन वर्कर्स में पुलिसकर्मी, सेना के जवान और म्युनिसिपल वर्कर्स जैसे लोग शामिल होंगे।एक हफ्ते से वैक्सीन को लेकर प्रधानमंत्री काफी सक्रिय हैं। 28 नवंबर को उन्होंने पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट, अहमदाबाद के जायडस बायोटेक पार्क और हैदराबाद में भारत बायोटेक फैसिलिटी का दौरा तैयारियों का जायजा लिया था। 30 नवंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जेनोवा बायोफार्मा, बायोलॉजिकल ई और डॉ. रेड्डीज की टीमों से चर्चा की। पीएम ने इन्हें सलाह दी थी कि आम लोगों को वैक्सीन के असर जैसी बातों के बारे में आसान शब्दों में समझाने के लिए एक्स्ट्रा एफर्ट करें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि वैक्सीन के डिस्ट्रिब्यूशन को लेकर भी केंद्र और राज्य की टीमें मिलकर काम कर रही है। अन्य देशों के मुकाबले हम बेहतर हैं। हमारे पास टीकाकरण के लिए दुनिया का बहुत बड़ा और अनुभवी नेटवर्क है। जो भी अतिरिक्त जरूरतें पड़ेंगी, उनका भी आकलन हो रहा है।

कीमत का फैसला अभी बाकी

वैक्सीन की कीमत का सवाल भी स्वाभाविक है। केंद्र इस संबंध में राज्यों से बात कर रहा है। फैसला जन स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लिया जाएगा।
भारत उन देशों में है, जहां प्रतिदिन टेस्टिंग ज्यादा हो रही है। भारत उन देशों में है, जहां रिकवरी रेट ज्यादा और मृत्यु दर कम है। हमने जिस तरह कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ी, वो प्रत्येक देशवासी की इच्छाशक्ति को दिखाता है। भारत ने विकसित देशों की तुलना में लड़ाई बेहतर तरीके से लड़ी।

अफवाहों से बचें

प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि हमने सिर्फ अपने ही नागरिकों की फिक्र नहीं की, अन्य देशों की मदद करने का भी काम किया है। फरवरी-मार्च की आशंकाओं भरे माहौल से लेकर विश्वास और उम्मीदों के वातावरण के बीच भारत ने लंबी यात्रा तय की है। अब जब वैक्सीन के मुहाने पर खड़े हैं तो वही जनभागीदारी, सहयोग आगे भी बहुत जरूरी है। आप सभी अनुभवी साथियों के सुझाव भी समय-समय पर इसमें भूमिका निभाएंगे। जब इतना बड़ा टीकाकरण अभियान चलता है, तो अनेक अफवाहें समाज में फैलाई जाती हैं। ये जनहित और राष्ट्रहित के विरुद्ध है। सभी दलों का दायित्व है कि देश के नागरिकों को जागरूक करें और अफवाहों से बचाएं।

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