पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती चाहते हैं 69त्न लोग: सर्वे

नई दिल्ली। देश के रीब 69 प्रतिशत लोग पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती चाहते हैं। देश में वाहन ईंधन के दाम इस समय रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं। ऐसे में लोगों का मानना है कि सरकार को वाहन ईंधन पर शुल्क घटाना चाहिए। ईंधन कीमतों में केंद्रीय उत्पाद शुल्क एक प्रमुख हिस्सा होता है। कम्युनिटी सोशल मीडिया मंच लोकल सर्किल्स के सर्वे के अनुसार कोविड-19 महामारी की वजह से अर्थव्यवस्था सुस्त है। लोगों की आमदनी भी इससे प्रभावित हुई है। ऐसे में वाहन ईंधन के दाम घटने से लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। सर्वे के अनुसार, 69 प्रतिशत लोगों का कहना है कि सरकार को पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती करनी चाहिए। इनमें से ज्यादातर लोगों ने कहा कि पेट्रोल और डीजल के दाम में 20 प्रतिशत या छह रुपये या इससे अधिक की कटौती होनी चाहिए। यदि ऐसा किया जाता है, तो दिल्ली में पेट्रोल का दाम घटकर 78 रुपये और डीजल का 68 रुपये प्रति लीटर पर आ जाएगा। इसी तरह देश के अन्य हिस्सों में भी वाहन ईंधन के दाम नीचे आएंगे। दिल्ली में पेट्रोल और डीजल का दाम देश में सबसे कम है। सर्वे में देश के 201 जिलों के 9,326 लोगों के विचार लिए गए। इनमें 71 प्रतिशत पुरुष और 29 प्रतिशत महिलाएं हैं। राष्ट्रीय राजधानी में बृहस्पतिवार को पेट्रोल 84.20 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया। यह इसका सर्वकालिक उच्चस्तर है। सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों ने लगातार दूसरे दिन वाहन ईंधन के दाम बढ़ाए हैं। बृहस्पतिवार को पेट्रोल कीमतों में 23 पैसे और डीजल में 26 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई। दिल्ली में अब पेट्रोल का दाम 84.20 रुपये और डीजल का 74.38 रुपये प्रति लीटर है। मुंबई में पेट्रोल 90.83 रुपये और डीजल 81.07 रुपये प्रति लीटर है। ईंधन का वास्तविक मूल्य सिर्फ 26 रुपये सर्वे में कहा गया है कि पेट्रोल की 84 रुपये प्रति लीटर की कीमत में इस ईंधन का वास्तविक मूल्य सिर्फ 26 रुपये है। शेष कर, शुल्क और डीलर का कमीशन है। केंद्र सरकार 32.98 रुपये (आधार मूल्य का 125 प्रतिशत उत्पाद शुल्क वसूलती है। वहीं दिल्ली सरकार 19 रुपये (आधार मूल्य का 72 प्रतिशत) मूल्यवर्धित कर (वैट) वसूलती है।

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