उत्तर प्रदेश से आया रिश्तेदार नकली नोट बनाना सिखा गया

दूसरा आरोपी भी 26 हजार की नकली मुद्रा सहित गिरफ्तार

श्रीगंगानगर, 29 जुलाई (का.सं.)। स्कैनर प्रिंटर से नकली नोट बनाकर मार्केट में चलाए जाने का भंडाफोड़ होने पर गिरफ्तार युवक के भाई ने भी आज पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने उसके कब्जे से 26 हजार के नकली नोट बरामद किए हैं। इस युवक के पास लगभग 50 हजार के नकली नोट होने का पुलिस ने दावा किया था। दोनों भाइयों को गहन पूछताछ के लिए खुफिया एजेंसियों के संयुक्त केंद्र (जेआईसी) के हवाले किया गया है। अनेक खुफिया एजेंसियों के अधिकारी गिरफ्तार दोनों भाइयों कुलविंदर सिंह और जसविंदर सिंह निवासी बारांवाली थाना मुकलावा से गहन पूछताछ कर रहे हैं। खुफिया सूत्रों के अनुसार इन युवकों की एक बहन हिंदुमलकोट थाना क्षेत्र में भारत पाक सीमा के निकट सुजावलपुर गांव में विवाहित है। पिछले वर्ष दिसंबर माह में एक रिश्तेदार उत्तर प्रदेश से सुजावलपुर आया था, जो इन भाइयों को स्कैनर प्रिंटर से नकली नोट बनाने का तरीका सिखा गया। कुछ तरीका यूट्यूब पर सीख लिया। इस वर्ष जनवरी माह में स्कैनर प्रिंटर खरीद लिया। मामूली पढ़े-लिखे और मजदूरी करने वाले दोनों भाइयों ने लोगों को शुरू में बताया कि वे फोटो कॉपी का काम करेंगे। कई दिन तक घर में ही स्कैनर प्रिंटर से 500, 200 और 100 रूपए के नोट स्कैन प्रिंट करने की प्रैक्टिस करते रहे। दोनों तरफ नोट को स्कैनर प्रिंटर से बनाना सीखने में काफी वक्त लगा। जब पूरी प्रैक्टिस कर ली तत्पश्चात अच्छी क्वालिटी के ए-4 साइज कागज पर नकली नोट बनाने शुरू कर दिए। लगभग 2 महीने से दौनों नकली नोट फुटकर तौर पर चला रहे थे। पांच सौ का नोट लेकर जाते और 50 रूपए की चीज खरीदते। किसी को कोई शक नहीं हुआ। अपने गांव तथा आसपास के कस्बों व शहरों में नोट चलाने से हौंसले पड़ गए खुफिया सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश का रिश्तेदार असली के बदले नकली नोट दुगने तिगुने कर बेचने का आइडिया भी दे गया था। इस आइडिया को आजमाने के चक्कर में नकली नोट का भंडाफोड़ हो गया। इन्होंने जैतसर थाना क्षेत्र के गांव सरदारगढ़ में कथित रूप से मादक पदार्थों की तस्करी बिक्री करने वाले किसी शख्स से संपर्क किया और कहा कि वह जितने रुपए देगा वे उसके तिगुने करके लौटाएंगे। सूत्रों के मुताबिक इस तस्कर को तस्करी के धंधे के लिए रुपयों की काफी जरूरत थी। वह इनके चक्कर में आ गया, लेकिन कोई डील करने से पहले ही शक हो गया कि उसे जो असली के बदले 3 गुना नकली नोट दिए जाएंगे। दोनों भाइयों ने इस व्यक्ति से मौखिक रूप से की गई डील के अनुसार रात दिन नकली नोट बनाने शुरू कर दिए। इसी तस्कर के किसी निकटवर्ती शख्स ने गुप्त रूप से मुकलावा थाना पुलिस को सूचना दे दी। उल्लेखनीय है कि विगत रविवार को पुलिस ने कुलविंदर सिंह को पकड़ा तो उससे 500, 200 और 100 रूपए के कुल 82 हजार नकली नोट बरामद हुए। श्रीगंगानगर कोतवाली में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, जिसमें भाई जसविंदर सिंह को भी नामजद किया गया। पुलिस ने तब दावा किया था कि फरार जसविंदर सिंह के पास भी लगभग 50 हजार के नकली नोट हैं। आज पुलिस ने बताया कि जसविंदर सिंह ने सरेंडर कर दिया है। उससे 26 हजार के नकली नोट बरामद हुए। दोनों भाइयों को जीआईसी के लिए खुफिया एजेंसियों को इसलिए सौंपा गया कि इनके संबंध किसी अंतरराष्ट्रीय गिरोह से तो नहीं है। खुफिया सूत्रों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय गिरोह से तो संबंध इनका नहीं है लेकिन गहन पूछताछ में यह खुलासा अवश्य हो गया कि नकली नोट बनाना और फिर असली के बदले तीन गुना नकली नोट बेचने का तरीका भी उत्तर प्रदेश से आया रिश्तेदार सिखा गया था। अब पुलिस देखेगी की इस मामले में रिश्तेदार भी मुलजिम बनता है या नहीं। कुलविंदर सिंह कल गुरुवार तक रिमांड पर है। जसविंदर को आज कोर्ट में पेश किया गया।

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