लेबर या पीरियड्स में से एक दर्द मर्द को मिल जाता अक्षय

अक्षय कुमार की हर साल काफी सारी फिल्में रिलीज होती हैं। इस साल के अंत में भी उनकी फिल्म गुड न्यूज रिलीज होने जा रही है। हाल में अक्षय ने अपनी आने वाली फिल्म के साथ ही अन्य मुद्दों पर भी हमारे साथ खुलकर बात की।
मिशन मंगल की कामयाबी के बाद अक्षय कुमार गुड न्यूज के साथ तैयार हैं। आइवीएफ के गूफअप्स पर आधरित इस कॉमिडी फिल्म में वह ह्यूयमर के साथ मेसेज देने को भी तत्पर हैं। इस खास मुलाकात में वह फिल्म, उनकी जिंदगी की गुड न्यूज, लेबर पेन, पत्नी ट्विंकल, हिरोइन करीना, प्याज के भाव और फीमेल सिक्यॉरिटी के मुद्दे पर दिल खोलकर बातें करते हैं।
आपकी जिंदगी की सबसे बड़ी गुड न्यूज क्या रही है?
मेरी बहन का पैदा होना। उस वक्त मैं 4 साल का था। आम तौर पर आप बचपन की सारी चीजें भूल जाते हैं, मगर कुछ आपकी यादों में चिपककर रह जाती हैं। ऐसी ही एक याद मेरी बहन का पैदा होना था। सायन-कोलीवाड़ा में मेरी बहन पैदा हुई थी। मैंने जैसा कि हमेशा कहा है कि मेरे घर में औरतों का राज चलता है, तो मुझ पर मेरी बहन का बड़ा प्रभाव रहा है और मैं मानता हूं कि उसका लक भी मेरे साथ रहा है।
हाल ही में आपने और दिलजीत ने एक लेबर पेन का विडियो पोस्ट किया था। आपको लगता है कि सारी मुश्किल और चुनौतीपूर्ण चीजें ऊपरवाले ने औरतों के हिस्से में कर दी हैं? अपनी पत्नी ट्विंकल की डिलिवरी के वक्त क्या आपने उस पेन की तीव्रता को महसूस किया?
बिल्कुल। मैं आपकी इस बात से सहमत हूं कि प्रकृति की रचना करते हुए ऊपरवाला इस मामले में थोड़ा टिल्ट हो गया। लेबर पेन, पीरियड्स पेन, इमोशनल ट्रॉमा सब आप लोगों के हिस्से में आया। मैं सोचता हूं कि काश एक पेन हमारे हिस्से में आ जाता, मगर तमाम दर्द और चुनौतियां औरतों को दे दीं। इसीलिए मैं औरतों को मर्दों से ज्यादा स्ट्रॉन्ग मानता हूं। जब आरव पैदा हुआ था, तो ट्विंकल की डिलिवरी के वक्त मैं वहीं था। मैंने सुना है कि बच्चे को जन्म देते समय एक औरत को 200 हड्डियों के टूटने जितने दर्द से गुजरना पड़ता है। हम मर्द तो उस दर्द की कल्पना भी नहीं कर सकते।
हैदराबाद रेप केस के बाद हमारे देश पर रेप कल्चर के इल्जाम लग रहे हैं। आपको क्या लगता है, महिलाओं की सिक्यॉरिटी के लिए क्या होना चाहिए?
नहीं, इंडिया को रेप कल्चरवाली कंट्री कहना सही नहीं है। हमारे देश में और भी कई चीजें हैं। जहां तक फीमेल सिक्यॉरिटी की बात है, तो मैं खुद सेल्फ डिफेंस की मार्शलआर्ट्स की क्लासेज चलाता हूं। यहां मैं महिलाओं को सेल्फ डिफेंस की फ्री ऑफ कॉस्ट ट्रेनिंग देता हूं। मगर आज के हालात को देखते हुए हर महिला को सेल्फ डिफेंस की तालीम लेनी होगी। ये दुर्भाग्यपूर्ण भी है कि उन्हें यह ट्रेनिंग लेनी पड़ रही है। मैं गर्व से कह सकता हूं कि अब तक मैं 40 हजार औरतों को सेल्फ डिफेंस का प्रशिक्षण दे चुका हूं।
करीना और आपको काम करते हुए लंबा समय हो गया?
हां, काफी लंबा समय हो गया। ‘अजनबी’ में हम दोनों साथ आए थे। अब करीना के बारे में क्या कहूं मैं? मैं उसको बहुत-बहुत बधाई देना चाहता हूं कि उसने इंडस्ट्री में पनपी धारणा को तोड़ा कि शादीशुदा और बच्चेदार हिरोइन का करियर खत्म हो जाता है। शादी के बाद तो उसको और काम मिलने लगा है। उसके चेहरे पर और नूर आ गया है। वह उस ओल्ड वाइन की तरह है, जितनी पुरानी होती जाती है, उतनी ही ज्यादा नशीली। वह ऐक्ट्रेस कमाल की है। खूबसूरती उसमें कूट-कूट कर भरी है और उसने खुद को बहुत अच्छे से मेंटेन कर रखा है। उसकी जिंदगी में गजब का संतुलन है। इस वक्त उसकी निजी जिंदगी और करियर में सभी कुछ अच्छा चल रहा है और इसका श्रेय उसी को जाता है।
टॉयलेट, पैड, करप्शन, देशभक्ति और अब आइवीएफ की टैक्नीक, जैसे कई मुद्दों पर आप फिल्में बना चुके हैं। और ऐसा कौन-सा मुद्दा है, जिस पर आप फिल्म बनाना चाहेंगे?
आसान नहीं होता किसी मुद्दे पर स्क्रीनप्ले मिल जाए। जैसे आइवीएफ जैसे मुद्दे पर इत्तेफाक से मिल गया। टॉयलेट और पैड पर अच्छी स्क्रिप्ट मिल गईं। अगर हेल्थ पर कोई अच्छी स्क्रिप्ट मिले कि किस तरह से ये जरूरी है, तो मैं फिल्म जरूर करूंगा।
इयरएंडिंग से लेकर 2020 तक आपकी फिल्मों का लाइनअप मजबूत है, लक्ष्मी बॉम्ब, पृथ्वीराज आदि?
इस विषय पर मैं यही कहूंगा कि सभी फिल्में चले। हमारी भी चलें और दूसरों की भी। इंडस्ट्री फले-फूले। थियेटरों की संख्या में इजाफा हो। आज 5300 थिएटर हैं, मैं कहता हूं, वह दिन आए, जब 50 हजार थिएटर हों। ताकि लोग हॉलिवुड जैसी बड़ी-बड़ी फिल्में बनाएं। हमारे यहां भी स्टार वार्स और ट्रांसफॉर्मर जैसी फिल्में बनें। निर्माता के रूप में भी मेरी सोच यही रहती है कि नई-नई स्क्रिप्ट्स मिलें। मैं ऐसी फिल्में बनाना चाहता हूं, जिन्हें मैं अपनी लाइब्रेरी में रखूं और मेरे बच्चे उन परखुश हों।
आपने हाल ही में अपनी पत्नी ट्विंकल को प्याज की इयररिंग दिए। देश में प्याज के भाव आसमान छू रहे हैं। इस तरह की महंगाई और मुद्दे आपको प्रभावित करते हैं?
असल में मैं किसी शो पर गया हुआ था और ये प्याज के ईयररिंग किसी ने करीना को दिए, तो करीना ने उसको लिया और साइड में रख दिया था। मैंने जब देखा कि करीना नहीं ले जा रही है, तो मैं उसे घर ले आया। मैंने जब वो अपनी बीवी को दिए, तो उन्हें पसंद आए। देखिए मंहगाई तो है। मुझे भी याद है कि 75 पैसे किलो प्याज आता था। सवा रुपये किलो प्याज मैंने खुद खरीदी है। ये उस वक्त की बात है, जब मैं चांदनी चौक में रहा करता था। हां, मैं मानता हूं कि आज चीजें बदलती जाती हैं। ये भी मानता हूं कि हूं कि मुश्किल है, मगर ऐसे मुश्किल वक्तों में भगवान हमें शक्ति दे कि हम उसे फेस कर सकें।

 

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