बीमारी बन जाती है ज्यादा सोचने की आदत

 

क्या आप कम काम करने के बाद भी थका-थका महसूस करते हैं? क्या आपको हमेशा अपने दिमाग पर भारीपन लगता है? अगर आपका जवाब हां हैं, तो आप ओवर थिंकिंग (ज्यादा सोचना) के शिकार हैं। हमेशा फिजूल की बातें सोचते रहने की आदत कब बीमारी बन जाती है, पता ही नहीं चलता। अगर आप भी हमेशा सोचते रहते हैं, तो आपको कुछ बातों पर गौर कर इसे दूर करने की कोशिश करनी चाहिए। कोई भी बात जिससे आपको गुस्सा या दुख पहुंचता हो, उसपर तुरंत प्रतिक्रिया करने से बचें। उसके बारे में ज्यादा न सोचें। ऐसे में घर से बाहर निकलें या तुरंत किसी और काम में अपना दिमाग लगा दें। साइकिल चलाने या बाहर यूं ही टहलने निकल जाएं। कुछ नई चीजों को सीखें और जब भी ऐसा हो उन्हीं चीजों को करें। इस तरह ये आपके दिमाग की मांसपेशियों को राहत देने में मदद करेगा।
अपनी उपलब्धियों के बारे में सोचें
जीवन में कभी न कभी ऐसा होता है, कि हमें अपने भविष्य को लेकर शंका होने लगती है। ऐसे में अगर आप भी हमेशा ऐसा सोचते रहते हैं, तो अपने दिमाग की सोच की दिशा बदलते हुए अपने जीवन की उपलब्धियों पर ध्यान लगाएं। ऐसे में एक पल के लिए सोचें कि आपने अपने जीवन में क्या हासिल किया है। मामूली उपलब्धियां हो सकती हैं, लेकिन आपके पास शायद एक भूमिका थी। आपको यह जानकर आश्चर्य हो सकता है कि इस समय जो भी चीजें आपके मन को भटका रहे हैं, आप उससे अधिक मजबूत और सक्षम हैं।
खुद को माफ करें और गलतियों को भूलें
जीवन में हर किसी से कोई न कोई गलती होती ही है। ऐसे में आपको इन चीजों को भूलकर आगे बढऩा चाहिए। दूसरों को माफ करने के लिए जरुरी है, पहले खुद सभी चीजों को आसान बनाकर देखें और गलतियां भूल जाएं। अगर आप अपने दिमाग से खेलते रहेंगे और उन परिदृश्यों को दोहराते रहते हैं, जिनका कोई मतलब नहीं है, तो इसका असर आपके मानसिक स्वास्थ्य पर होगा। ऐसे में कोशिश करें कि पुरानी बातों को भूल जाएं और आगे को लेकर अच्छा सोचें।
अकेले न रहें, दोस्तों से बात करें
खुद को अकेले छोडऩा ज्यादा सोचने की आदत को बढ़ावा देता है। ऐसे में खुद को अकेले मत छोडि़ए। आपको जब भी लगे कि आप ज्यादा सोच रहे हैं, तो उस अकेली जगह को छोड़े और दोस्तों के बीच चलें जाएं। अपने परिवार और दोस्तों के पास जाएं और अपने मन की बात या जो भी परेशानी हो उनसे कह लें। इस तरह आपका मन भी हल्का हो जाएगा और आप तरोताजा और अच्छा महसूस करेंगे।
योग करें और ध्यान लगाएं
आप दुनिया की हर चीज को नियंत्रित नहीं कर सकते, ऐसे में अगर आप योग और ध्यान दैनिक रूप से करें, तो यह आपके मस्तिष्क की अव्यवस्था को साफ कर सकता है। जब आपको लगता है कि आप नियंत्रण से बाहर हो रहे हैं, तो किसी और के लिए कुछ अच्छा करें ताकि आप जीवन का एक नया दृष्टिकोण प्राप्त कर सकें और वापस पटरी पर आ सकें।

 

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