अमेजन ने बनाया ऐसा कार्ट जो सूची देखकर समान खुद निकालेगा और बिल भी बनाएगा

नई दिल्ली। शॉपिंग मॉल में खरीदारी और उसके बाद बिल भुगतान के लिए लंबी लाइन की शिकायत बहुत जल्द दूर होने वाली है। दुनिया की सबसे ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन इंक ने एक ऐसा कार्ट (समान रखने का बैग) बनाया है जो आपके बदले में न केवल खरीदारी करेगा बल्कि भुगतान के लिए लंबी लाइन से भी आपको बचाएगा। दुनिया की दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी ने शॉपिंग स्टोर के कारोबार में भी हाथ आजमाना शुरू कर दिया है और अपने इन स्टोर के जरिये ही कंपनी स्मार्ट कार्ट का परीक्षण कर रही है। हालांकि, कंपनी अभी अपने ही स्टोर पर इसका उपयोग कर रही है लेकिन इस तकनीक को वह बेचती है तो अन्य कंपनियां भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।कैसे करेगा काम-कार्ट के हैंडल पर सूची के लिए जगह बनाई गई है। वहां स्कैन करते ही आपके समान की सूची उसमें आ जाएगी। उसके बाद जो समान लेना होगा उस सूची के अनुसार उस कार्ट में आता जाएगा। इसके बाद निकलते समय कार्ट में रखे समान के अनुसार सूची वाले स्थान पर बिल दिखेगा जिसे स्कैन करके भुगतान कर सकते हैं। इसके लिए काउंटर पर जाने की जरूरत नहीं होगी।
खरीदारी में कम समय-शॉपिंग मॉल में खासकर किराना समान की खरीदारी के समय कई बार बहुत भटकना पड़ता है। अमेजन का यह स्मार्ट कार्ट सूची के अनुसार अधिकतम समानों की उपलब्धता के घटते क्रम में खरीदारी करेगा। इससे आपको कम से कम भटकना पड़ेगा। साथ ही इसमें समय की भी बचत होगी।
स्टार्टअप की कर रहे तैयारी-अमेजन के स्मार्ट कार्ट की तर्ज पर कई स्टार्टअप भी वह सुविधा देने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, उनमें समान को कार्ट में रखने के पहले उसे नजदीकी स्थान पर स्कैन करना पड़ता है। इससे खरीदार को खुद कई बार स्कैन करना पड़ता है। जबकि अमेजन के कार्ट में रखते ही समान स्कैन हो जाता है और बिल तैयार होते रहता है।
भारत में कौशल प्रशिक्षण देगी अमेजन-अमेजन इंडिया ने भारत में अपने फुलफिलमेंट सेंटर्स में नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम (एनएपीएस) के अंतर्गत एक कौशल विकास कार्यक्रम शुरू किया है। कंपनी का लक्ष्य उन युवाओं को प्रशिक्षण देना है जिनके सीखने के सफर और प्लेसमेंट पर कोविड-19 महामारी का असर पड़ा है। छह महीने के इस कार्यक्रम के दौरान, प्रशिक्षुओं को वेयरहाउसिंग और इंवेंटरी मैनेजमेंट का प्रशिक्षण दिया जाएगा जिससे वह वेयरहाउस एसोसिएट्स और प्रोसेस एसोसिएट्स की भूमिका निभाने में सक्षम होंगे। इस कार्यक्रम में दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद स्थित सेंटर्स में क्लासरूम से लेकर ऑन-द-जॉब लर्निंग और मूल्यांकन का काम किया जाएगा।
प्रशिक्षण में भी कमाई का मौका-अमेजन इंडिया का कहना है कि प्रशिक्षुओं को इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने पर एनएपीएस की अनिवार्य गाइडलाइंस के हिसाब से मासिक वजीफा यानी स्टाइपेंड दिया जाएगा। इस कार्यक्रम के अंत में सभी प्रशिक्षुओं का मूल्यांकन लॉजिस्टिक सेक्टर स्किल काउंसिल द्वारा किया जाएगा और मूल्यांकन होने के बाद उन्हें प्रमाणपत्र मिलेगा। प्रमाणन के बाद सभी प्रशिक्षुओं को उपलब्ध सामयिक या पूर्णकालिक रोजगार का मौका दिया जाएगा। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की संयुक्त निदेशक अनीता श्रीवास्तव ने कहा कि यह यह देखकर बहुत प्रोत्साहन मिलता है कि अमेजन जैसी कंपनी युवाओं के लिए बड़े स्तर पर रोजगार निर्माण में सरकार के नजरिए पर काम कर रही है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *