सीएए नहीं पढ़ा है तो इटालियन में ट्रांसलेशन भेजने को तैयार हूं शाह का राहुल पर हमला

जयपुर, 3 जनवरी (एजेंसी)। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि भाजपा ने देशभर में नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में जनजागरण अभियान का आयोजन किया है। क्यों ये आयोजन करना पड़ा? क्योंकि जिस कांग्रेस को वोटबैंक की राजनीति की आदत पड़ गई है, उसने इस कानून पर दुष्प्रचार किया है। यह बात अमित शाह ने आज जोधपुर में आयोजित सीएए के समर्थन रैली को संबोधित करते हुए कही। अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस, ममता दीदी, एसपी, बीएसपी, केजरीवाल एंड कंपनी सभी इस कानून का विरोध कर रहे हैं, इन सभी को मैं चुनौती देता हूं कि वो साबित करें इससे किसी अल्पसंख्यक को नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि राहुल बाबा, अगर कानून पढ़ा है तो इसपर चर्चा करने के लिए आ जाइए, अगर नहीं पढ़ा है तो मैं आपको इटली भाषा में इसका ट्रांसलेशन भेजने के लिए तैयार हूं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि शरणार्थियों पर जो प्रताडऩा हुई है, इससे बड़ा मानवाधिकार का उल्लंघन कभी नहीं हुआ। वहां ये शरणार्थी भाई करोड़पति थे और आज उनके पास रहने की जगह नहीं है। वहां उनके पास कई बीघा जमीन थी और यहां उनके पास खाने को कुछ नहीं है। ये महात्मा गांधी जी का वादा था, क्या वो सांप्रदायिक थे?
जवाहरलाल नेहरू ने भी संसद में कहा था कि जो हिन्दू या सिख आए हैं , हम उन्हें नागरिकता देंगे, क्या वो सांप्रदायिक थे? सरदार पटेल, मौलाना आजाद, राजेंद्र प्रसाद जैसे लोगों ने कहा था। अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी वोट बैंक के डर से हिम्मत नहीं कर पाई। लेकिन 56 इंच की छाती वाले नरेन्द्र मोदी जी ने कहा कि ये जो लाखों करोड़ों शरणार्थी आएं हैं, इनके मानवाधिकार और सम्मान की रक्षा मैं करूंगा। जो शरणार्थी अत्याचार झेलकर भारत आए हैं, जिनकी संपत्ति, रोजगार छीन लिया गया। जिसका परिवार छिन गया, और उनके लिए विपक्षी कहते हैं कि इन्हें नागरिकता नहीं दी जाए। मैं कहना चाहता हूं कि उन देशों से जो शरणार्थी आए हैं वो भारत के ही हैं। ये नरेन्द्र मोदी का शासन है, किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है। अमित शाह ने कहा कि बेशुमार अत्याचार के बाद जो यहां आये हैं, मोदी जी की सरकार आप सभी को नागरिकता देकर भारतीय होने का गौरव प्रदान करने जा रही है। नेहरू-लियाकत समझौते में दोनों देशों के अल्पसंख्यकों के संरक्षण का भरोसा दिया गया था। हमारे यहां अल्पसंख्यक भाई-बहनों को सम्मान से रखा गया। लेकिन पाकिस्तान में अल्पसंख्यक 23 प्रतिशत से 3 प्रतिशत पर आ गए। अब नेहरू-लियाकत समझौते पर अमल हम करेंगे।
ममता दीदी कह रही हैं कि आपकी लाइने लग जाएंगी, आपसे प्रूफ मांगे जाएंगे। मैं बंगाल में बसे हुए सारे शरणार्थी भाइयों को कहना चाहता हूं कि आपको कोई प्रताडऩा नहीं झेलनी पड़ेगी, आपको सम्मान के साथ नागरिकता दी जाएगी। दीदी से डरने की जरूरत नहीं है। अमित शाह ने कहा कि सीएए पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से हिंदू, सिख, जैन, पारसी, बौद्ध, ईसाई लोग, जो धर्म के आधार पर प्रताडि़त होकर आए हैं, उन्हें नागरिकता देने का कानून है। विपक्षी इसके खिलाफ एकजुट हो जाएं, लेकिन भाजपा इस फैसले पर एक इंच भी पीछे नहीं हटेगी।

 

 

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