आर्टिफिशियल इंटलीजेंस से कारोबार में मदद: माइंडट्री

नई दिल्ली। वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी और ट्रेड वॉर को लेकर कुछ कंपनियां भले ही चिंचित हों, लेकिन कई ऐसी कंपनियां भी हैं जो नई-नई तकनीक अपनाकर कारोबार बढ़ा रही हैं। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) इनमें से एक है।टेक्नोलॉजी सेक्टर की कंपनी माइंडट्री के एक अध्यन से पता चला है कि जो कंपनियां एआई जैसी टेक्नोलॉजी इस्तेमाल कर रही हैं, उन्हें कारोबार बढ़ाने में मदद मिली है। हाल ही में एलएंडटी ग्रुप के नियंत्रण वाली कंपनी माइंडट्री ने 650 ग्लोबल कंपनियों का सर्वे करने के बाद एक खास रिपोर्ट तैयार की है।रिपोर्ट के मुताबिक मैन्यूफैक्चरिंग, रिटेल, ट्रैवल और एफएमसीजी (रोजाना खपत होने वाली चीजें) सेक्टर में से हरेक की 100 कंपनियां शामिल की गईं। ये कंपनियां एआई को उद्योग में इस्तेमाल करने कालक्ष्य हासिल कर रही हैं, लेकिन कई अन्य इसका वास्तविक व्यवसायिक फायदा उठा सकती हैं। अध्ययन में यह भी पाया गया है कि कंपनियों को एआई के जरिये बिक्री और मार्केटिंग में मदद मिल रही है।ग्राहकों को बेहतर अनुभव देने और उत्पादकता बढ़ाने के लिए कंपनियां डिजिटल टूल अपना रही हैं। इसके लिए वे वैसे पेशेवरों को वरीयता दे रही हैं, जिनके पास एनालिटिक्स, ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के मामले में अच्छा अनुभव है। यह जानकारी ‘इंफोसिस नॉलेज इंस्टीट्यूट’ (आईकेआई) के एक अध्ययन में सामने आई है। आईकेआई आईटी सेक्टर की दिग्गज घरेलू कंपनी इंफोसिस की रिसर्च यूनिट है। इसकी अध्ययन रिपोर्ट में कहा गया है कि बिजनेस को डिजिटल बनाने का मकसद निश्चित उद्देश्यों की प्राप्ति है। इन उद्देश्यों में उत्पादकता बढ़ाने, ग्राहकों और बाजार को समझना और ग्राहकों व कर्मचारियों को बेहतर अनुभव मुहैया कराना शामिल है। इन्फोसिस टेलेंट रडार 2019 शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि आज की तारीख में सबसे ज्यादा पांच तकनीकी कौशल की मांग है-एनालिटिक्स, यूजर एक्सपीरिएंस, ऑटोमेशन, आईटी आर्किटेक्चर और एआई। इसके अलावा टीमवर्क, लीडरशिप और कम्यूनिकेशन स्किल की भी काफी मांग है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *