कारागृह में बंदियों के लिए सतर्कता रिहा किए जाने संबंधी आदेश का इंतजार

श्रीगंगानगर , 27 मार्च (एजेन्सी)। कोरोना वायरस संक्रमण के चलते जहां देश के कई राज्यों की जिलों में बंदियों को रिहा किया जा रहा है। वहीं, राजस्थान में ऐसा कोई कदम अभी तक नहीं उठाया गया है। अलबत्ता कारागृह के बंदियों के लिए सतर्कता काफी बढ़ा दी गई है। श्रीगंगानगर में जिला कारागृह में इन दिनों बंदियों का न केवल बार-बार स्वास्थ्य परीक्षण करवाया जा रहा है बल्कि नए आने वाले बंदियों को अलग बैरक में रखा जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार हरियाणा की जेलों से कल शनिवार को लगभग 4000 कैदियों को रिहा किया जा रहा है। मगर राजस्थान में अभी इस बारे में कोई हलचल नहीं है। जिला कारागृह के सूत्रों ने बताया कि जेल विभाग द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए अनेक प्रकार के दिशा निर्देश और आदेश दिए गए हैं, जिसकी पूरी सख्ती से पालना की जा रही है। इन दिनों जेल में लाए जा रहे बंदियों को पूरी तरह से सैनिटाइज करने और उनका स्वास्थ्य परीक्षण करने के पश्चात तीन दिन अलग बैरक में रखा जा रहा है। उसके बाद चिकित्सक की सलाह पर ही दूसरे बंदियों के साथ रखने की व्यवस्था की जा रही है। श्रीगंगानगर जिला कारागृह में लगभग 550 बंदी है। इनमें 21 महिला बंदी भी हैं।विगत 23 मार्च को जिला पैरोल सलाहकार समिति की बैठक में करीब एक दर्जन बंदियों की पैरोल पर मुहर लगाई गई लेकिन अभी इनको पैरोल पर नहीं भेजा गया है, क्योंकि इनसे संबंधित रिपोर्ट जेल अधिकारियों को प्राप्त नहीं हुई है। इनकी अनुकूल रिपोर्ट प्राप्त होने पर ही पैरोल पर भेजा जाएगा। सूत्रों ने बताया कि खुली जेलों में रह रहे बंदियों के बारे में भी अनेक तरह की चर्चाएं चल रही हैं। इन बंदियों को खुली जेल से तब तक के लिए अपने घरों में भेजा जा सकता है, जब तक संक्रमण का खतरा टल नहीं जाता। इस बीच जल्दी ही खुली जेल के संबंध में भी गठित समिति की बैठक होने की संभावना है।समिति जिला कारागृह के उन बंदियों को खुली जेल में भेजने पर विचार करेगी, जिनका आचरण अच्छा है। अटकलें यह भी लग रही है कि राज्य सरकार उन बंदियों को समय से पहले रिहाई दे सकती है, जिनकी सजा पूरी होने में एक वर्ष या इससे कम का समय रह गया है। फिलहाल जेल में बरती जा रही सतर्कता के तहत जेल कर्मियों को बार-बार सैनिटाइज किया जा रहा है, जो अंदर बाहर आते जाते रहते हैं। बाहर जाकर वापस जेल में आने पर हर जेल कर्मी ही नहीं बल्कि हर व्यक्ति को सैनिटाइज किया जा रहा है।

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