भाजपा ने टिकट के मापदंड पर किया मंथन, नगर परिषद चुनाव की गतिविधियां आरंभ

 

श्रीगंगानगर, 22 अक्टूबर (का.सं.)। नगर परिषद चुनाव की गतिविधियां अब जोर पकडऩे लगी हैं। दोनों मुख्य प्रतिद्वंदी दलों कांग्रेस तथा भाजपा ने टिकट वितरण को लेकर मंथन शुरू कर दिया है। कांग्रेस ने जहां वार्डों से संभावित प्रत्याशियों का पता लगाने के लिए एक टीम गठित की है, वहीं भाजपा की ओर से इस चुनाव के लिए प्रभारी नियुक्त किए गए प्रदेश महामंत्री एवं पूर्व विधायक अभिषेक मटोरिया ने आज शाम पार्टी पदाधिकारियों के साथ एक बैठक की। इस बैठक में चुनाव लडऩे के इच्छुक भाजपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह देखने को मिला। अभी भाजपा ने टिकट के लिए आवेदन नहीं मांगे हैं,फिर भी इस बैठक में 150 से अधिक लोगों ने आवेदन प्रस्तुत कर दिए। स्थानीय श्रीपैलेस में आज शाम आयोजित बैठक में जिलाध्यक्ष हरिसिंह कामरा, जिला महामंत्री संजय महिपाल, उम्मेदसिंह राठौड़, पंजाबी भाषा अकादमी के पूर्व अध्यक्ष रवि सेतिया, विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी रही विनीता आहूजा, पूर्व सभापति महेश पेड़ीवाल और श्याम धारीवाल, वर्ष 2009 के चुनाव में प्रत्याशी रहे मनमोहन शर्मा तथा जयदीप बिहानी सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। भाजपा के मौजूदा कई पार्षदों ने भी बैठक में शिरकत की। वक्ताओं ने चुनाव को पूरे उत्साह के साथ लडऩे पर जोर दिया। दावा किया कि नगर परिषद में बोर्ड भाजपा का ही बनेगा।
जिताऊ-टिकाऊ पर करेंगे भरोसा : प्रदेश महामंत्री और नगर परिषद चुनाव प्रभारी अभिषेक मटोरिया ने बैठक में कहा कि जिन कार्यकर्ताओं ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों का पूरी निष्ठा व समर्पण भाव से साथ दिया है और उनके चुनाव प्रचार में दिन-रात एक किया है, नगर परिषद चुनाव में उन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि टिकट वितरण के मापदंड तय किए जा रहे हैं।मापदंड पर खरा उतरने वालों में देखा जाएगा कि कौन जिताऊ और टिकाऊ है, उसी पर भरोसा किया जाएगा। श्रीगंगानगर के सभी 65 वार्डों में बूथ निर्माण इकाइयां गठित की जाएंगी।जानकारी के अनुसार पांच पांच सदस्यों की यह इकाइयां अपने अपने वार्ड का सर्वे कर रिपोर्ट प्रभारी को सौंपेंगी। इन सर्वे रिपोर्ट के आधार पर और मापदंड से मिलान कर प्रत्याशी का फैसला किया जाएगा।
वार्ड प्रभारी लगाएंगे : जिला अध्यक्ष हरिसिंह कामरा ने बताया कि बूथ निर्माण समितियों के साथ-साथ प्रत्येक वार्ड पर एक प्रभारी भी लगाया जाएगा। इस प्रभारी की पूरे चुनाव के दौरान अहम भूमिका रहेगी। प्रभारी का दायित्व होगा कि वह प्रत्याशी, बूथ समिति और चुनाव संचालन के लिए गठित की गई समिति में शामिल पदाधिकारियों के साथ तालमेल रखेगा। सूचनाओं का आदान प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि वार्ड प्रभारियों की नियुक्ति दीपावली तक कर दी जाएगी।
फूंक फूंक कर कदम : प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर परिषद चुनाव में भाजपा के नेता इस बार फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। पिछले नगर परिषद चुनाव में टिकटों के वितरण को लेकर जबरदस्त धांधली हुई थी। कुछ नेताओं पर टिकट बेचने के खुलेआम आरोप लगे थे। यही नहीं सभापति के चुनाव के दिन भाजपा के कई दिग्गज नेताओं की भूमिका ही संदेह के घेरे में आ गई, जब ऐनवक्त पर उन्होंने फैसले बदले। नतीजा यह हुआ कि जिसे सभापति का प्रत्याशी घोषित किया गया, ऐनवक्त पर उससे समर्थन वापस ले लिया। प्रत्याशी घोषित किए गए अजय चांडक ने महज एक घंटे में ही कांग्रेस का समर्थन हासिल कर लिया। फिर ऐसी उठापटक हुई कि भाजपा भु उनके समर्थन में आ गई।लिहाजा अजय चांडक 50 में से 48 वोट लेकर सभापति बन गए। इस उठापटक के कारण बहुमत में होते हुए भी भाजपा की काफी किरकिरी हुई। कई बड़े नेताओं पर इस उठापटक में वारे न्यारे करने के आरोप लगे। तत्कालीन जिला अध्यक्ष और पूर्व विधायक अशोक नागपाल को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। पूर्व मंत्री राधेश्याम व तत्कालीन मंत्री सुरेंद्रपालसिंह टीटी और आवासन मंडल के पूर्व अध्यक्ष अजयपालसिंह सहित कई नेताओं पर तरह तरह के आरोप लगे थे। सूत्रों ने बताया कि इस बार भाजपा नेता सबक लेते हुए टिकट वितरण का काम एक को नहीं सौंपेंगे। सामूहिक रूप से फैसला लिया जाएगा।
धरा रह जाएगा सर्वे : भाजपा की इस पहली बैठक में नेताओं ने दावा किया कि सर्वे के आधार पर प्रत्याशियों को टिकट दिए जाएंगे, लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि ऐनवक्त पर यह सर्वे धरे रह जाएंगे। वरिष्ठ नेताओं के प्रभाव के चलते या तो उन्हें खुद अथवा उनके परिवार के सदस्यों या फिर उनके चहेतों को टिकट मिलेंगे। लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव में भी पार्टी ने सर्वे के आधार पर टिकट देने की बातें कही थीं।यह बातें टिकट देने के समय हवा हवाई हो गई थी।चुनाव लडऩे के इच्छुक भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी लगातार सक्रिय हैं। इनकी कोशिशें जोड़-तोड़ करके टिकट पाने की हैं। इस बार श्रीगंगानगर में 65 वार्ड हैं।जिला अध्यक्ष हरिसिंह ने कमरा ने कहा कि पूरा प्रयास रहेगा जिस जाति वर्ग के लिए जो वार्ड आरक्षित हुआ है, उसी से संबंधित को ही प्रत्याशी बनाया जाए।
सरकार के फैसले पर नजर : जिलाध्यक्ष हरिसिंह कामरा ने कहा कि अभी तक प्रदेश सरकार में उलझन की स्थिति बनी हुई है कि स्थानीय निकायों के प्रमुख के चुनाव में हाइब्रिड मॉडल को अपनाया जाएगा या नहीं। इसे लेकर कांग्रेस में मतभेद हैं।उन्होंने कहा कि भाजपा के बढ़ते प्रभाव से कॉन्ग्रेस बौखलाई हुई है। हाइब्रिड मॉडल के जरिए कांग्रेस से इस कोशिश में लगी है कि ज्यादा से ज्यादा स्थानीय निकायों के प्रमुख उनकी पार्टी के बने। श्री कामरा ने कहा कि हाइब्रिड मॉडल से स्थानीय निकायों के चुनाव में भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। यह भी दावा किया कि श्रीगंगानगर में बोर्ड भाजपा का ही बनेगा कांग्रेस कितनी भी कोशिश कर ले।

 

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