केंद्र से बातचीत से पहले किसानों ने दी चेतावनी: लोहड़ी पर कृषि कानूनों की कॉपी जलाएंगे

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का 39वां दिन

नई दिल्ली (एजेंसी)। कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का रविवार को 39वां दिन था। सोमवार को किसानों की सरकार के साथ 8वें दौर की मीटिंग होगी। इस बातचीत से पहले किसानों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो आंदोलन और तेज करेंगे। सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसान नेता मनजीत सिंह राय ने कहा कि किसान 13 जनवरी को नए कृषि कानूनों की कॉपी जलाकर लोहडी मनाएंगे और 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन के अवसर पर किसान दिवस भी मनाएंगे। सोमवार को होने वाली बैठक में किसानों के बड़े मुद्दों का हल भी निकल सकता है। सरकार समर्थन मूल्य (एमएसपी) और एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केट कमेटी के मुद्दों पर लिखित में भरोसा दे सकती है। इसके साथ ही ऐसी व्यवस्था की जा सकती है कि प्राइवेट कंपनियां मंडियों में एमएसपी से कम भाव पर फसलों की खरीद नहीं कर पाएं। सोमवार को सरकार से होने वाली मीटिंग से पहले किसान दिल्ली की सीमाओं पर शांति से धरना दे रहे हैं। हालांकि, बातचीत सफल नहीं रहने की स्थिति में आगे का रोडमैप भी तैयार कर लिया है। किसान समन्वय समिति ने कहा है कि मांगें नहीं मानी गई तो दिल्ली के चारों ओर लगे मोर्चों से किसान 26 जनवरी को दिल्ली में घुसकर ट्रैक्टर-ट्रॉली और दूसरे वाहनों के साथ किसान गणतंत्र परेड निकालेंगे। दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में दो दिन से बारिश हो रही है और कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इस बीच गाजीपुर बॉर्डर पर बैठे किसानों ने कहा कि खराब मौसम के बावजूद हम यहां अपने परिवारों से दूर बैठे हैं। उम्मीद है सोमवार की मीटिंग में सरकार हमारी मांगें मानेगी। इस बीच विपक्षी दल भी किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरने में जुटे हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट समेत कांग्रेस के कई नेता सोमवार को जयपुर में प्रदर्शन करेंगे। बठिंडा के गांव चाऊ के 18 साल के जशनप्रीत की हार्ट अटैक से मौत हो गई। वे टिकरी बॉर्डर पर चल रहे धरने में शामिल थे। वहीं, गाजीपुर बॉर्डर पर यूपी के किसान कश्मीर सिंह (75) ने फंदा लगाकर जान दे दी। उन्होंने सुसाइड नोट में लिखा कि आखिर हम कब तक यहां सर्दी में बैठे रहेंगे। सरकार सुन नहीं रही है, इसलिए अपनी जान दे रहा हूं। ताकि कोई हल निकले। दिल्ली में सिंघू बॉर्डर पर प्रदर्शन करते हुए किसान नेता मंजीत सिंह राय ने कहा कि रविवार को संगरूर में किसानों पर लाठीचार्ज किया गया। हम इसकी निंदा करते है। हम पंजाब सरकार को अवगत कराते हैं कि आपने अगर किसानों पर लाठीचार्ज बंद नहीं किए तो उनके खिलाफ पंजाब में मोर्चा खोला जाएगा।  किसान नेता हरमीत सिंह कादियान ने कहा कि हम सरकार के साथ सोमवार की बैठक में तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग करेंगे। उन्होनें कहा कि यहां बारिश हो रही है, इसलिए हम वायरप्रूफ टेंट प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही हम महिलाओं और बुजुर्गों के लिए कंबल और गर्म पानी की व्यवस्था करने की कोशिश कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *