इस बार भी फर्जी चेक देकर कार खरीदी, साथी भी पकड़ा गया

ठग कन्हैयालाल को पुलिस ने उसी के तरीके से दबोचा

श्रीगंगानगर, 21 अक्टूबर (का.सं.)। राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में जालसाजी और ठगी का पर्याय बने हुए महाठग कन्हैया लाल मेघवाल को पुलिस ने इस बार उसी के तरीके को आजमाते हुए ठगी के एक मामले में गिरफ्तार किया है। कन्हैयालाल के साथ उसका एक साथी भी पकड़ा गया है। श्रीगंगानगर के समीप कालिया गांव निवासी और सदर थाना के हिस्ट्रीशीटर कन्हैयालाल ने एक बार फिर अपने पुराने तरीके से एक व्यक्ति को ठगी का शिकार बनाया। पुलिस के अनुसार कन्हैयालाल ने विगत 16 अक्टूबर को पदमपुर थाना क्षेत्र में चक 50-आरबी निवासी संदीपसिंह से उसकी पुरानी मारुति कार खरीदने का सौदा किया। कन्हैयालाल और उसके साथ गए रणजीत राम जाट ने 75 हजार में कार खरीदने का सौदा कर लिया। संदीपसिंह को कन्हैयालाल ने एक चैक साइन करके दे दिया।फिर दोनों कार लेकर वहां से रवाना हो गए। संदीपसिंह ने अगले दिन कन्हैयालाल का दिया हुआ चेक उसके बैंक अकाउंट में लगाया तो पता चला कि सिर्फ 40 ही बैंक खाते में हैं। पुलिस के मुताबिक संदीपसिंह ने कन्हैयालाल से फोन पर संपर्क किया तो वह दो दिन तक टालमटोल करता रहा। पहले तो कन्हैयालाल ने कहा कि वह चैक लेकर उसे नगद राशि दे जाएगा। फिर उसने कहा कि जल्दी ही अकाउंट में रुपए जमा करवा देगा। इस प्रकार दो दिन टालमटोल करने के बाद कन्हैयालाल ने मोबाइल फोन बंद कर लिया। इसके बाद संदीप सिंह को कहीं से कन्हैयालाल की असलियत का पता चला कि वह तो इस प्रकार की ठगियां करने का कुख्यात महाठग हैं। पदमपुर पुलिस के अनुसार संदीपसिंह द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार 19 अक्टूबर को जालसाजी व ठगी का मामला दर्ज कर लिया गया। थाना प्रभारी विक्रम तिवारी और उनकी टीम में शामिल हवलदार रेशमसिंह, विनोद कुमार तथा लक्ष्मण बाना ने कन्हैयालाल के बारे में जानकारियां जुटाई तो पता चला कि उसके पास कई सिम कार्ड हैं। वह नंबर बदल बदल कर बात करता है। इस पुलिस टीम ने कन्हैयालाल का नया मोबाइल नंबर तलाश कर लिया। पुलिस को कन्हैयालाल की कार्यशैली का पता था कि वह अब संदीप सिंह की कार को औने पौने दामों में कहीं बेचेगा। लिहाजा पुलिस ने उसके नए नंबर पर ग्राहक बनकर संपर्क करना शुरू कर दिया। लगातार 24 घंटे की मशक्कत के बाद संदीपसिंह की कार दिखाने और उसका मोलभाव करने के लिए पुलिस के बोगस ग्राहक का कन्हैयालाल के साथ जगह व समय निर्धारण हो गया। पुलिस के अनुसार तय हुआ कि कन्हैयालाल और रणजीतराम कार दिखाने के लिए श्रीगंगानगर-अबोहर मार्ग पर सरवर खुईयां कस्बे में कल शाम को पहुंचेंगे।पुलिस टीम ने वहां पहले ही जाल बिछा दिया। कन्हैयालाल और रणजीतराम को कार लेकर आते ही वहां काबू कर लिया गया। आज दोनों को कोर्ट में पेश करने पर पुलिस को पूछताछ के लिए रिमांड मिला है।
सौ से अधिक मुकदमे, दस स्थाई वारंट रायसिंहनगर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमृतलाल ने आज प्रेस वार्ता कर बताया कि श्रीगंगानगर में सदर थाना के हिस्ट्रीशीटर कन्हैयालाल मेघवाल पर राजस्थान के श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ जिलों और पंजाब के समीपवर्ती फाजिल्का जिले के अलावा हरियाणा के कुछ पुलिस थानों में धोखाधड़ी, जालसाजी और ठगी के सौ से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ 10 स्थाई वारंट विभिन्न अदालतों द्वारा जारी किए हुए हैं। कन्हैयालाल ओएलएक्स और फेसबुक पर समान को बेचने वालों से फोन पर संपर्क करता है। फिर सौदा हो जाने पर फर्जी चैक दे कर सामान लेकर गायब हो जाता है। अब पकड़े जाने पर उससे 8-9 सिम कार्ड बरामद हुए हैं। वह बार-बार मोबाइल नंबर बदलता रहता है। कुछ चैक बुक बरामद हुई हैं। वह बंद हो चुके अकाउंट के चैक जारी करके ठगियां करता है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कन्हैयालाल बहुत ही बड़ा और शातिर ठग है। वह जल्दी से पकड़ में नहीं आता। अपने नाम से कोई संपत्ति भी नहीं रखता। कालिया गांव में अपने घर के अंदर बाहर सीसीटीवी कैमरे लगा रखे हैं। पुलिस के अनुसार रणजीतराम का भी पुलिस रिकॉर्ड होने की संभावना है। वह हनुमानगढ़ टाउन में किशनपुरा दिखनादा गांव का निवासी है। हनुमानगढ़ पुलिस से उसके अपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी मांगी गई है।

 

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