कोविड 19: स्वास्थ्य और ई-कॉमर्स में नौकरियां देंगी कोरोना को टक्कर

नई दिल्ली (एजेंसी)। कोरोनो वायरस महामारी से विभिन्न उद्योग क्षेत्रों में आई सुस्ती के बाद देश में अल्पावधि में नियुक्तियों में कमी आने की आशंका बढ़ रही है। इसके पीछे वजह विशेष रूप से सेवा क्षेत्र में 60-65 प्रतिशत साक्षात्कारों में देरी होना है। हालांकि, इसके बावजूद स्वास्थ्य और ई-कॉमर्स क्षेत्र में जमकर नियुक्तियां होने की उम्मीद की जा रही है। विशेषज्ञों ने यह राय जाहिर की है।
कौशल विकसित करने का अवसर-शाइन डॉटकॉम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जैरुस मास्टर का कहना है कि कुछ ऐसे भी क्षेत्र हैं जिनमें कोविड-19 के कारण नियुक्तियों में तेजी आने का अनुमान है। उन्होंने कहा, निश्चित तौर पर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र अगुवाई करेगा। लोगों के घरों में सीमित रहने से ई-कॉमर्स तथा ऑनालाइन डिलिवरी पोर्टल्स के लिए मांग में तेजी आएगी। यह लोगों के लिए भी कौशल विकसित करने का समय होगा क्योंकि उनके पास समय अधिक होगा और मनोरंजन के साधन कम होंगे।
पर्यटन क्षेत्र पर अल्पकालिक असर –माइकल पेज इंडिया के प्रबंध निदेशक निकोलस डुमोलिन ने कहा कि खुदरा, आतिथ्य सत्कार तथा यात्रा समेत अन्य क्षेत्रों में नियुक्तियों में कमी आएगी। नियुक्तियों पर कम ही असर होगा, लेकिन यदि कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से स्थिति ऐसी ही बनी रही तो असर अधिक हो सकता है। हालांकि, मास्टर का कहना है कि कहा कि पर्यटन क्षेत्र पर अल्पकालिक असर होगा। उन्होंने कहा, हमने पहले भी देखा है कि विमानन और पर्यटन क्षेत्र ने तेज वापसी की है और नियुक्तियां पुन: शुरू की हैं।
तकनीकी कंपनियों के पास अवसर-करोना का असर कुछ क्षेत्रों की नियुक्तियों पर भले ही पड़े लेकिन तकनीकी क्षेत्र की कंपनियां इसमें भी बाजी मार सकती हैं। डुमोलिन का कहना है कि प्रौद्योगिकी से लैस कंपनियां नियुक्ति जारी रख रही है। ये कंपनियां स्काइप जैसे ऑनलाइन साधनों से साक्षात्कार ले रही हैं। टीमलीज सर्विसेज के कारोबार प्रमुख (बीएफएसआई) वढेरा ने कहा कि अधिक से अधिक कंपनियां उत्पादकता को समान गति के साथ जारी रखने के लिए वैकल्पिक चैनल के रूप में प्रौद्योगिकी पर निर्भर रहेंगी। उन्होंने कहा, यह कई संगठनों के लिए एक बड़ी सीख होगी, जो इसे अपनी उत्पादकता में सुधार के लिए एक माध्यम के रूप में देखेंगे।
बैंकिंग क्षेत्र में देरी आशंका-वढेरा ने बताया, कोविड-19 के प्रकोप के बाद से 60-65 प्रतिशत साक्षात्कार या तो रद्द हो रहे हैं या इनमें देरी हो रही है, क्योंकि वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देश के कई हिस्सों में तालाबंदी है और लोगों को घर पर रहने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा (बीएफएसआई), रिटेल, लॉजिस्टिक्स (डिलीवरी) सहित कई क्षेत्रों में जहां फ्रंटलाइन- हायरिंग होती है, ऐसी देरी की आशंका है। उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान स्थिति जारी रहती है तो नौकरी शुरू करने की तारीख पर पहुंचने पर भी असर पड़ेगा।
चुनौती से निपटना होगा-सीआईईएल एचआर सर्विसेज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आदित्य नारायण मिश्रा ने कहा कि कोविड-19 वैश्विक चुनौती बनकर उभरा है। उन्होंने कहा, यह कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को धीमा करने और राजस्व और लाभप्रदता को प्रभावित करने के लिए धक्का देने वाला है। नतीजतन, कंपनियां अपने काम पर रखने की योजना में देरी करेंगी। उन्होंने कहा कि परिणाम की भविष्यवाणी करना कठिन है, लेकिन यह निश्चित रूप से परेशान करने वाला है। यह काम पर रखने में देरी का कारण होगा, जो कि अगली तिमाही में सभी क्षेत्रों विशेष रूप से सेवा उद्योग में 10-15 प्रतिशत होने की संभावना है। उन्होंने कहा, हम पहले ही देख रहे हैं कि साक्षात्कार रद्द हो रहे हैं। ये इस बात के शुरुआती संकेत हैं कि कंपनियां राजस्व तथा पूर्वानुमान को पाने को लेकर चिंतित हैं।

 

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