हैल्दी स्टेट के लिए बनाएं कार्य योजना : अशोक गहलोत

जयपुर, 24 अक्टूबर (का.सं.)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान को हैल्दी स्टेट बनाने के लिए शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग मिलकर एक सघन जागरूकता अभियान चलाने के लिए कार्य योजना बनाए। इसमें स्वस्थ लीवर, हिपेटाइटिस बी एवं सी से बचाव सहित स्वास्थ्य के अन्य मानकों को शामिल करते हुए एक ऐसा कार्यक्रम तैयार करें, जिसके माध्यम से प्रदेश को रोग मुक्त बनाया जा सके। इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक सब गु्रप गठित किया जाए। गहलोत गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में जाने-माने गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट एवं इंस्टीट्यूट ऑफ लीवर एण्ड बाइलरी साइंसेज के निदेशक डॉ. एस.के. सरीन द्वारा लीवर एवं स्वास्थ्य के अन्य मानकों को लेकर दिए गए प्रस्तुतीकरण के दौरान दिशा-निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि उत्तम स्वास्थ्य एवं बेहतर शिक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दिशा में ऐसे जागरूकता कार्यक्रम बेहतर स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों, कॉलेजों सहित अन्य शिक्षण संस्थाओं एवं चिकित्सा संस्थानों को इस कार्यक्रम से जोड़ा जाए। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की 75वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला में यह जागरूकता अभियान पूरे प्रदेश में संचालित किया जाए। गहलोत ने कहा कि हिपेटाइटिस बी एवं सी को लेकर समाज में जो भ्रांतियां हैं, उन्हें दूर करने में यह अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ लीवर हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी है। राज्य में हिपेटाइटिस के अनिवार्य टीकाकरण को लेकर योजना बनाने के साथ ही हिपेटाइटिस रोगी सामान्य जीवन जी सके, इसके लिए कानूनी प्रावधानों पर भी विचार किया जाए। बैठक में डॉ. सरीन ने लीवर के स्वास्थ्य एवं हिपेटाइटिस पर प्रस्तुतीकरण देते हुए बताया कि लीवर से संबंधित रोगों से बचाव के लिए समाज में जागरूकता आवश्यक है।साथ ही हिपेटाइटिस को लेकर लोगों की मानसिकता में बदलाव बेहद जरूरी है। इस अवसर पर चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा, शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा, मुख्य सचिव डीबी गुप्ता सहित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, शिक्षा और आयोजना विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

वन विभाग की समीक्षा बैठक

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश भर में विलायती बबूल (जूली फ्लोरा) के अवांछित पेड़ों के उन्मूलन के लिए समयबद्ध योजना बनाकर अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बहुत से क्षेत्रों में ग्रामीण इस पेड़ से परेशान हैं। इसलिए इन पेड़ों को उखाडऩे के लिए वन विभाग को विशेष प्रयास करने चाहिए। गहलोत गुरूवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में वन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने वन विभाग को जूली फ्लोरा के उन्मूलन के लिए जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर वन क्षेत्र और वन क्षेत्र के बाहर इस प्रजाति के पेड़ों का सर्वेक्षण करने और इस समस्या से निजात दिलाने के लिए गांव स्तर तक तीन साल की चरणबद्ध योजना तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने के लिए आम लोगों और संस्थाओं को उन्नत प्रजाति के पौधे उपलब्ध कराने के लिए वन विभाग को नर्सरी विकसित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों तथा अन्य बड़ी सड़कों के दोनों ओर वृक्षारोपण करने और पौधों की सार-संभाल में विभाग को योजनाबद्ध रूप से भूमिका निभाने का सुझाव दिया। गहलोत ने कहा कि प्रदेश को हरा-भरा बनाने के लिए बड़ा अभियान चलाने की आवश्यकता है, जिसमें सरकार के विभिन्न विभागों के साथ-साथ आम जन का भी जुड़ाव हो। उन्होंने वन क्षेत्रों में पेड़ों की अवैध कटाई रोकने के लिए अधिकारियों को सख्ती बरतने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने वानिकी से होने वाली राजस्व प्राप्ति में छीजत को रोककर इसे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वन विभाग आदिवासी इलाकों और गहन वन क्षेत्रों में ऐसे पौधे लगाएं और लगवाएं, जिससे वन उत्पादों को बाजार में पहुंचाकर स्थानीय लोग अपनी आमदनी बढ़ा सकें और राज्य सरकार को होने वाली राजस्व प्राप्ति में भी वृद्धि हो सके। वन राज्य मंत्री सुखराम विश्नोई ने राजस्थान में वन संरक्षण के लिए आवश्यक सभी कदम उठाने के सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में वन क्षेत्र और हरियाली बढ़ाने में मदद मिलेगी। वन विभाग के अधिकारियों ने प्रदेश में वनीकरण एवं जैव विविधता संरक्षण के लिए जापान अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जायका), कोरियन एक्सिम बैंक और नाबार्ड से सहयोग के लिए प्रस्तावित तीन नई परियोजनाओं के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में मुख्य सचिव डीबी गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त निरंजन आर्य, वन विभाग की प्रमुख शासन सचिव सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

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