औद्योगिक निवेश का बेेेेहतर वातावरण तैयार कर निवेश बढ़ाना हमारी प्राथमिकता-मीणा

जयपुर, 31 दिसम्बर (का.सं.)। उद्योग व राजकीय उपक्रम मंत्री परसादी लाल मीणा ने कहा है कि प्रदेश मेंऔद्योगिक निवेश का बेहतर माहौल तैयार करते हुए निवेश बढ़ाने के लिए देशी-विदेशी निवेशकों को आकर्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए जनघोषणा पत्र के विभाग से संबंधित बिन्दुओं को लागू करना हमारी पहली प्राथमिकता होगी। मीणा सोमवार को सचिवालय में मीडिया से रुबरु हो रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को 100 दिवसीय कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश देते हुए एक दो दिन में ही कार्ययोजना को अंतिम रुप देने को कहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के संतुलित विकास और अधिक से अधिक युवाओं को इनसे रोजगार उपलब्ध कराने के लिए हमारी सरकार नई औद्योगिक नीति लेकर आएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के गांव-गांव में परंपरागत हस्तशिल्प और लघु व ग्रामीण उद्योगों की समृद्ध विरासत और शिल्पियों के हाथों के हुनर को सारी दुनिया हाथोंहाथ लेती है, ऐसे में परंपरागत उद्योग धंधों और हस्तशिल्प के संरक्षण, संवद्र्धन व प्रोत्साहन दिया जाएगा और आवश्यकता महसूस हुई तो कलस्टर आधारित एप्रोच अपनाते हुए कलस्टर विकसित किए जाएंगे। उद्योग मंत्री ने कहा कि कारोबार सुगमता के लिए प्रदेशों की ईओडीबी रेंकिंग में हमारा प्रदेश पिछले तीन साल से लगातार नीचे जा रहा हैं। हमारा प्रयास होगा कि बिजनस रिफोम्र्स एक्सन प्लान को प्रभावी तरीके से लागू कर प्रदेश में कारोबार लगाने व कारोबार से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाओं के निष्पादन की समयवद्ध प्रक्रिया को कारगर तरीके से लागू किया जाएगा । ताकि प्रदेश की ईओडीबी रेंकिंग में सुधार हो और पहली पंक्ति के प्रदेशों में शुमार हो सके। प्रदेश में सिंगल विण्डो क्लियरेंस सिस्टम लागू होने के बावजूद इसकी जानकारी आम कारोबारी तक नहीं है। उन्होंने कहा कि सिंगल विण्डों सिस्टम को सक्रिय करते हुए आम नागरिकों को सभी तरह के उद्योग व इससे संबंधित कार्यों के लिए समयवद्ध ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाएगा।मीणा ने कहा कि युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। युवाओं को अनुदानित ऋण योजनाओं से जोड़ते हुए स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। जिला उद्योग केन्द्रों को सक्रिय करते हुए निवेशकों व स्वरोजगार के लिए केन्द्र व राज्य सरकार की योजनाओं और प्रक्रियाओं की जानकारी जिला स्तर पर ही उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी। उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रदेश के औद्योगिक विकास में सहभागिता तय करते हुए राज्य के लघु, मध्य व सूक्ष्म उद्यमों सहित प्रदेश के औद्योगिक परिसंघों से सीधा संवाद कायम किया जाएगा ताकि औद्योगिक विकास, बेहतर औद्योगिक माहौल और प्रदेश में रोजगार के अधिक अवसर व राज्य में तैयार उत्पादों को देश विदेश मे बाजार मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हाट बाजारों में मेला प्रदर्शनियों व सेलर-बायर मीट की नियमित व्यवस्था की जाएगी। विभाग व संस्थाओं की मोनेटरिंग व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।

 

 

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