अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम बनाए जाने की मांग

तीस हजारी कोर्ट प्रकरण को लेकर वकीलों ने कार्य स्थगित रखा

श्रीगंगानगर, 4 नम्वबर (का.सं.)। नई दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में गाड़ी को पार्क किए जाने की मामूली सी बात को लेकर शनिवार को हुए हिंसक घटनाक्रम के आक्रोश स्वरूप आज अधिवक्ताओं ने कार्य स्थगित रखा। जिले के दूसरे शहरों और कस्बों में भी अधिवक्ता हड़ताल पर रहे। इस कारण अदालतों में कामकाज ठप रहा। जिला मुख्यालय पर बार संघ द्वारा दोपहर को सभा का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न वक्ताओं ने दिल्ली पुलिस द्वारा तीस हजारी कोर्ट के अधिवक्ताओं पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किए जाने, उन्हें बुरी तरह से मारने पीटने तथा अधिवक्ताओं के चेंबर में घुसकर तोडफ़ोड़ करने के प्रकरण पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। बार संघ अध्यक्ष जसवीरसिंह मिशन ने बताया कि सभी वकीलों ने आज पूर्ण रूप से कार्य स्थगित रखा। उन्होंने कहा कि इस मामले में आगामी कदम बार काउंसिल ऑफ इंडिया तथा बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के निर्देशों पर उठाया जाएगा। जिले के अनूपगढ़, श्रीकरणपुर, सादुलशहर, सूरतगढ़, रायसिंहनगर, पदमपुर नई मंडी घड़साना और श्रीविजयनगर में भी अधिवक्ताओं के आज हड़ताल पर रहने के समाचार मिले हैं। इस बीच टैक्स बार एसोसिएशन ने भी इस घटना के आक्रोशस्वरूप आज कार्य बंद रखा। एसोसिएशन के सचिव संजय गोयल ने बताया कि तीस हजारी कोर्ट प्रकरण के संबंध में कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई। दीपक सिंघल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अधिवक्ताओं पर हुए हमले की घोर निंदा की गई। एसोसिएशन के आह्वान पर आज आयकर विभाग तथा जीएसटी विभाग में समस्त प्रकार के न्यायिक और विभागीय कार्यों का बहिष्कार किया गया। कोई भी सदस्य इन विभागों में विभागीय कार्यों के लिए उपस्थित नहीं हुआ। एसोसिएशन ने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की है कि अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम से संदर्भित कानून बनाकर राष्ट्रीय स्तर पर उसका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए ताकि इस प्रकार की घटनाओं पर अंकुश लग सके। टैक्स बार एसोसिएशन ने भी कहा है कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया और बार काउंसिल ऑफ राजस्थान द्वारा भविष्य में जो भी रणनीति और दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे। उसकी पालना की जाएगी। बैठक में उपाध्यक्ष रविकांत फुटेला और कोषाध्यक्ष सुनील सिडाना आदि भी उपस्थित रहे।

 

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