चूरू जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में प्रस्ताव प्राप्त होने पर विकास कार्य करवाए जाएंगे: परसाली लाल

जयपुर। उद्योग मंत्री परसादी लाल ने सोमवार को विधानसभा में बताया कि चूरू जिले के औद्योगिक क्षेत्र तारानगर, बीदासर एवं सादुलपुर के विकास के लिए प्रस्ताव प्राप्त होने पर इनकी शीघ्र स्वीकृति करवाकर कार्य करवा दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इन तीनों औद्योगिक क्षेत्रों में सर्विस चार्ज से ज्यादा राशि विकास कार्य पर खर्च की गई है। उन्होंने बताया कि विकास कार्य से संबंधित अन्य प्रस्ताव प्राप्त होने पर रीको द्वारा उनको स्वीकृत किया जाएगा। परसादी लाल ने प्रश्नकाल के दौरान विधायकों की ओर से पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए बताया कि चूरू जिले के औद्योगिक क्षेत्र तारानगर, बीदासर एवं सादुलपुर में मूलभूत सुविधाओं की जांच के लिए जिला कलेक्टर चूरू द्वारा गठित जिला स्तरीय कमेटी रिपोर्ट वहां पर स?क टूटी-फूटी हैं, पानी की व्यवस्था कमजोर बताई गई थी। उन्होंने बताया कि इसके लिए वर्ष 2017 में 174 लाख रुपए की राशि पीएचईडी विभाग को भी दी गई है। इसका काम प्रगति पर है। सड़कों के लिए भी काम करवाया गया है। उन्होंने बताया कि बिजली की स्ट्रीट लाइट्स भी लगवाई गई हैं। उन्होंने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने के बाद ही सर्विस चार्ज वसूला जाता है। इससे पहले विधायक श्री अमित चाचाण के मूल प्रश्न के जवाब में उन्होंने बताया कि रीको औद्योगिक क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी व पर्याप्त स्ट्रीट लाइट उपलब्ध होने पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित घोषित किया जाता है। चूरू जिले के औद्योगिक क्षेत्र तारानगर के आंशिक भाग (भूखण्ड संख्या एफ 9 से एफ 22, जी 23 से जी29, जी 1-29ए से जी 1-36, एच 1-37 से एच 1-41, जी 1-42, से जी 1-45, एच-46 से एच-54, जी1-55 से जी1-62, एफ-63 से एफ-66, एफ-67 से एफ-71, ई-72 से ई-75 तथा ई-79) को दिनांक एक जनवरी, 2009 से विकसित घोषित किया गया था। औद्योगिक क्षेत्र बिदासर को दिनांक एक जून, 2011 से विकसित घोषित किया गया था। औद्योगिक क्षेत्र सादुलपुर फेज तृतीय के आंशिक भाग (भूखण्ड संख्या एच1-120 से एच 1-129, जी 1-130 से जी1-135, ई-136-ई से ई-138, जी1-139 से जी1-141, एच-142से एच-146, जे-147 से जे-154, जे-155 से जे-162, एच1-163 से एच1-168, एफ-169 से एफ-187 तथा ई-188 से ई-199) को दिनांक एक जनवरी, 2009 को आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होने पर विकसित घोषित किया गया था। उन्होंने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र तारानगर व सादुलपुर में जल प्रदाय योजना की व्यवस्था जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा की गयी थी। जल स्त्रोत में अल्प जल उपलब्ध होने के कारण कालांतर में जल योजना सुचारू रूप से संचालित नहीं हो पायी। हाल ही में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को औद्योगिक क्षेत्र तारानगर एवं सादुलपुर की जल योजना सुदृढ़ीकरण हेतु अतिरिक्त धनराशि रूपये 174.76 लाख राशि दिनांक 05.10.2018 को दी जा चुकी है। जलप्रदाय योजना सुदृ?ीकरण का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र बीदासर में जलप्रदाय योजना की व्यवस्था रीको द्वारा की गयी है वर्तमान में रीको द्वारा संधारित की जा रही है। औद्योगिक क्षेत्र तारानगर, बीदासर एवं सादुलपुर में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था रीको द्वारा की गई है और वर्तमान में रीको द्वारा संधारित की जा रही है। उद्योग मंत्री ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र तारानगर, बीदासर एवं सादुलपुर के विकास के लिये जारी प्रशासनिक स्वीकृति में नालियां बनाये जाने का प्रावधान नहीं लिया गया था, जिससे उन क्षेत्रों में नालियों का निर्माण कार्य नहीं करवाया गया है। उन्होंने बताया कि उक्त तीनों औद्योगिक क्षेत्रों में एक जनवरी 2009 से 30 जून 2019 तक रीको द्वारा आवंटियों से प्राप्त हुए सर्विस चार्ज पर टैक्स, धारण शुल्क पर टैक्स, भूखण्ड बहालीकरण शुल्क आदि मदों में प्राप्त राशि का विवरण एवं रखरखाव पर खर्च की गई ।उन्होंने बताया कि तीनों औद्योगिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की जांच के लिए जिला कलेक्टर चूरू द्वारा जिला स्तरीय कमेटी का गठन किया गया था। औद्योगिक क्षेत्र बीदासर के लिये गठित कमेटी द्वारा 17 जून 2015 को निरीक्षण किया गया था। औद्योगिक क्षेत्र सादुलपुर के लिये गठित कमेटी द्वारा 25 जून 2016 को तथा औद्योगिक क्षेत्र तारानगर के लिये गठित कमेटी द्वारा 24 जुलाई 2015 को निरीक्षण किया गया। उन्होंने बताया कि उक्त कमेटियों द्वारा अपनी रिपोर्ट में मूलभूत सुविधाओं के संबंध में दिये गये निर्देशों के अनुसार इकाई कार्यालय द्वारा औद्योगिक क्षेत्रों में सुविधाओं के रख-रखाव एवं सुदृ?ीकरण के आवश्यक कार्य करवाए गए हैं। उपरोक्तानुसार इन औद्योगिक क्षेत्रों को विकसित घोषित करते समय सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई थी। औद्योगिक क्षेत्र को विकसित घोषित करने के उपरांत सर्विस चार्ज निगम द्वारा वसूल किए जाते हैं। प्राप्त सर्विस चार्जेंज से उस औद्योगिक क्षेत्र में रखरखाव का कार्य किया जाता है। उक्त औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों को रीको नियमानुसार प्रदत्त सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

 

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