हवाई यात्रियों की शिकायत का तय समय में निपटारा कराएगा डीजीसीए

नई दिल्ली। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन ने उपभोक्ता शिकायतों की निगरानी करने का फैसला किया है। एविएशन रेग्युलेटर यह भी तय करेगा कि शिकायतों का तय सीमा के भीतर निपटारा हो। ष्ठत्रष्ट्र के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, ष्ठत्रष्ट्र में एक विंग है, जो किराए की निगरानी करती है। इसे अब हमारे प्लेटफॉर्म या विमानन मंत्रालय के पोर्टल एयरसेवा पर आने वाली शिकायतों पर करीबी नजर रखने का जिम्मा दिया गया है। इससे शिकायतों के निश्चित समय के भीतर निपटाने में मदद मिलेगी। यह कदम उपभोक्ताओं को सशक्त करने के लिए उठाया गया है। अधिकारी ने कहा कि भारतीय विमानन कंपनियां देशभर में नई उड़ानें शुरू कर रही हैं। पहली बार हवाई सफर करने वालों की संख्या भी बढ़ रही है। इन सबके चलते उपभोक्ताओं की शिकायत लगातार बढ़ रही है। सूत्र ने बताया, ‘इनमें से कई शिकायतें सही नहीं होतीं। हमारे दखल से उपभोक्ताओं को दो तरह से मदद मिलेगी। पहले तो उनकी कंप्लेन को तय समय के अंदर सुलझाया जाएगा। दूसरी, उन्हें भरोसा होगा कि उनकी बात सुनी जा रही है।Ó सूत्रों का कहना है कि एविएशन रेग्युलेटर के मौजूदा डीजी अरुण कुमार उपभोक्ताओं को सशक्त करने पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। इस फैसले के केंद्र में हवाई यात्रियों को रखने का आइडिया भी उन्हीं का है। उन्होंने यात्रियों के सशक्तीकरण के लिए कई अन्य उपायों का भी ऐलान किया है। ष्ठत्रष्ट्र के सितंबर महीने के डेटा के मुताबिक, एयरलाइंस ने एविएशन रेग्युटर को बताया कि उन्हें यात्रियों से संबंधित 701 शिकायतें मिली हैं। इस दौरान प्रति 10,000 यात्रियों पर शिकायत की संख्या 0.61 रही। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि अन्य माध्यमों से मिलने वाली कंप्लेन की संख्या ज्यादा हो सकती है। यात्री एयरपोर्ट पर सर्विस को लेकर भी शिकायत करते हैं। एविएशन मिनिस्ट्री के एयरसेवा पोर्टल पर ढेरों शिकायतें मिलती हैं। हालांकि, कई वजहों से उनका समय के भीतर निपटारा नहीं हो पाता है। हालांकि, अधिकारियों को भरोसा है कि रेग्युलेटर के दखल से पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से निपटाया जा सकेगा। हवाई यात्रियों के लिए काम करने वाले एक इंडस्ट्री इनसाइडर ने बताया कि ष्ठत्रष्ट्र की पहल अच्छी है, क्योंकि रेग्युलेटर के दबाव का सकारात्मक असर होता है। सूत्र ने कहा, ‘एविएशन रेग्युलेटर के फैसले से एयरलाइंस या एयरपोर्ट ऑपरेटर्स पर कंप्लेंट का सही तरीके और समय पर निपटारा करने का दबाव बनेगा। इस पहल से उपभोक्ता अधिकारों को मजबूत करने में मदद मिलेगी। अरुण की अगुवाई में ष्ठत्रष्ट्र ने अक्टूबर में यात्रियों को राहत देने वाले कुछ उपायों का ऐलान किया था। इनमें सोशल मीडिया पर उनकी शिकायतों का समाधान, हर वक्त फ्लाइट लेट या कैंसल होने की अपडेट देने के साथ समय पर रिफंड देने जैसी चीजें शामिल थीं। उसने विमानन कंपनियों से वरिष्ठ नागरिकों को खास सुविधा देने के अलावा फ्लाइट डिले या कैंसल होने की स्थिति में यात्रियों की खाने-पीने का इंतजाम करने के लिए भी कहा था।

 

 

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