स्मार्ट सिटी के लिये अमेरिकी विशेषज्ञों के साथ चर्चा

 

जयपुर। वल्र्ड हैरिटेज सिटी जयपुर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिये चल रही प्रक्रिया के तहत नगर निगम मुख्यालय में महापौर विष्णु लाटा की अध्यक्षता में नगर निगम एवं स्मार्ट सिटी के अधिकारियों एवं अमेरिकी दूतावास अधिकारियों तथा शहरी विकास डिजाईन के अमेरिकी विशेषज्ञों के साथ चर्चा की गई। जिसमें विशेषज्ञों ने वाशिंगटन डीसी के अनुभव साझा किये। शहरी योजना डिजाईनर एक्सपर्ट प्रोफेसर उवे ब्रान्डस् ने पार्किग समस्या समाधान के लिये डाइनमिक प्राईसिग पार्किग का सुझाव दिया। जिसके तहत व्यस्त घंटों में पार्किग का शुल्क ज्यादा एवं सामान्य घंटों में कम रहता है। इसी प्रकार आधारभूत संरचना विकास के लिये विकेन्द्रिकृत माडल अपनाने का सुझाव दिया। इसके तहत भूस्वामियों के माध्यम से आधारभूत संरचना का विकास करवाया जाता है। नदी नालों में प्रदूषित जल नहीं जाये इसके लिये विभिन्न प्रतिष्ठान एवं रहवासियों द्वारा अपने भवनों एवं प्रतिष्ठान के आगे की जमीन पर फील्ट्रेशन पाइन्ट विकसित किये जाते है। इसी प्रकार पीपीपी माडल के माध्यम से भूस्वामी को शामिल करके संरचनाओं का विकास किया जाता है और ऊर्जा खपत के मानक तय किये जाते है। इन मानकों से कम ऊर्जा खपत करने वालों को कार्बन क्रेडिट दिया जाता है। जिसे वे बेचकर राशि प्राप्त कर सकते है। उन्होंने बताया कि इससे प्रदूषण में काफी हद तक कमी लाई जा सकती है। इस दौरान दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिये जीरो विजन प्लान पर भी चर्चा की गई। जिसमें फुटपाथ चौडा करने एवं ज्यादा से ज्यादा पैदल पार पथ विकसित करने का सुझाव दिया गया।

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को सराहा

अमेरिकी दूतावास में पब्लिक डिप्लोमेसी ऑफिसर श्री कैथरीन फिश्चर, एक्सपट उवे ब्रान्डस् एवं सांस्कृतिक मामलों के विशेषज्ञ श्री रॉबिन बंसल ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में आमजन को ध्यान में रखकर किये जा रहे विकास कार्यो की सराहना की। उवे ब्रान्डस् ने कहा कि जयपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का हर काम आमजन की साहूलियत को ध्यान में रखकर डिजाईन किया जा रहा है जो काबिले तारीफ है। इस दौरान स्मार्ट सिटी के सीओ श्री आलोक रंजन, अतिरिक्त सीईओ सुश्री कविता चौधरी, निगम के चीफ इंजीनियर श्री अनिल सिघल सहित निगम एवं स्मार्ट सिटी के अधिकारी उपस्थित रहे। स्मार्ट सिटी अधिकारियों एवं अमेरिकी विशेषज्ञों ने पॉवर पाइन्ट प्रजेटेशन के माध्यम से शहरी विकास के मॉडल पर प्रकाश डाला।

 

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