मन को ना लगाएं सोचने का रोग

सोच-समझकर कोई काम करना अच्छी बात है, पर लगातार सोचते रहना एक परेशानी है। कैसे इस परेशानी से अपना पीछा छुड़ाएं, बता रही हैं राजलक्ष्मी त्रिपाठी
आपके साथ कोई अप्रिय घटना घट जाती है, तो आप हर समय उसके बारे में ही सोच-सोच कर परेशान रहती हैं। क्या आपने यह सोचा है कि जरूरत से ज्यादा सोचने की यह आदत आपको बीमार कर सकती है? इसका प्रभाव आपकी कार्यक्षमता पर भी पड़ सकता है? यह सच है कि सोचने की शक्ति आपको भगवान से मिली सबसे बड़ी ताकत है, जिसका इस्तेमाल करके आप अपनी मुश्किलों को आसान कर सकती हैं, परंतु ज्यादा सोचना आपके लिए मुश्किलों का सबब भी बन सकता है। क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट ज्योति लक्ष्मी त्रिपाठी का कहना है कि अगर आपकी आदत ज्यादा सोचने की है, तो इस आदत को बदलने की कोशिश करें, क्योंकि बहुत ज्यादा सोचना सामान्य बात नहीं है। इसकी वजह से आप अनजाने में ही खुद को अवसाद जैसी समस्या का शिकार बना सकती हैं। ज्यादा सोचने की वजह से आपको बहुत सारी शारीरिक व मानसिक समस्याओं का शिकार होना पड़ सकता है। इस आदत की वजह से आप अपने जीवन में मिलने वाले अवसरों का सही इस्तेमाल नहीं कर पायेंगी। कुछ छोटी-छोटी बातों पर अमल करके आप अपनी ज्यादा सोचने की आदत से बच सकती हैं।
नियमित व्यायाम करें
अगर आप छोटी-छोटी बातों से परेशान हो जाती हैं और उस बारे में लगातार सोचती रहती हैं, तो यह आदत आपके लिए घातक हो सकती है। अपनी इस आदत से बचने के लिए नियमित व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनायें। रोजाना दौडऩे, योग और तैराकी आदि करने से दिमाग और शरीर संतुलित रहता है। व्यायाम करने से शरीर में तनाव पैदा करने वाले हार्मोन्स की मात्रा कम होती है व शरीर में खुशी प्रदान करने वाले हार्मोन की मात्रा बढ़ती है। यह हार्मोन आपकी नकारात्मक सोच को सकारात्मकता में बदलने में सहायक साबित होगा। सुबह सवेरे की सैर और हल्की-फुल्की स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज के माध्यम से आप अपनी जरूरत से ज्यादा सोचने की आदत से निजात पा सकती हैं और खुद को खुश रख सकती हैं।
दोस्तों के साथ बितायें समय
आपका मन उदास है और कोई बात आपको लगातार परेशान कर रही है, तो फिर अपने मन की बात अपने दोस्तों से साझा करें। सच तो यह है कि दोस्तों के पास हर समस्या का समाधान होता है। दोस्तों का साथ मुश्किलों से निजात दिलाने में मददगार साबित होता है। उनसे मिलने के बाद आपका सारा तनाव छूमंतर हो जाएगा। कुछ देर दोस्तों के साथ गपशप मारकर आप खुद को तरोताजा करने के साथ-साथ चुटकियों में अपनी समस्या का समाधान भी पा सकती हैं।
ध्यान है कारगर
अगर मानसिक तनाव महसूस करती हैं और निरंतर सोचती रहती हैं, तो अपने मन को सुकून देने के लिए ध्यान को अपने जीवन का हिस्सा बनायें। नियमित ध्यान से आपका मानसिक संतुलन मजबूत होगा, आप जरा-जरा सी बात पर परेशान नहीं होंगी। इसके लिए आप गूगल या यूट्यूब जैसी साइट से मदद ले सकती हैं। इन पर आपको ध्यान करने के सहज तरीके मिल जायेंगे। नियमित ध्यान से आप खुद को हर समय तरोताजा और सकारात्मक ऊर्जा से भरा हुआ महसूस करेंगी।
बढ़ायें सामाजिक दायरा
जब आप अकेली होती हैं, तो आपकी सोच आप पर सबसे ज्यादा हावी होती है। ज्यादा सोचने की आदत से बचने के लिए ये जरूरी है कि आप खुद को घर के अंदर कैद करके रखने की बजाय बाहर निकलें और अपना सामाजिक दायरा बढ़ायें। जब आप लोगों से बातचीत करेंगी, तो आपकी सोच विकसित होगी और आप सही बातें सोच पायेंगी और अपने विचारों को सकारात्मक दिशा में मोड़ पायेंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *