जीएसटी का पैसा न मिलने से राज्य सरकार की आर्थिक हालत बिगड़ रही है: डॉ. कल्ला

economic condition of the Rajasthan government is deteriorating
economic condition of the Rajasthan government is deteriorating

 

श्रीगंगानगर, 5 अक्टूबर (का.सं.)। कोरोना महा संक्रमण काल में केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी का पैसा नहीं दिए जाने से राजस्थान सरकार की आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है। इस कारण कुछ कठोर कदम उठाने पड़े हैं। इस संकटकाल से उभरने के लिए हम सबकी भागीदारी और जिम्मेदारी है। यह कहना है ऊर्जा एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी डॉ. बुलाकीदास कल्ला का। आज कांग्रेस कमेटी कार्यालय मोती पैलेस में संवाददाताओं से बातचीत करते डॉ. कल्ला ने कहा कि केंद्र सरकार ने जुलाई माह से राजस्थान को जीएसटी का पैसा रोक रखा है। केंद्र से 6 हजार 990 करोड़ रुपए मिलने हैं। यह राशि नहीं मिलने से कोरोना महा संक्रमण काल में राजस्थान सरकार की आर्थिक स्थिति पर काफी असर पड़ा है। राज्य सरकार अपने समुचित संसाधनों और कुशलतापूर्वक प्रयास कर स्थिति को संभालने में लगी है। उन्होंने कहा कि इस संकट से उबरने के लिए सरकार और जनता को आपसी भागीदारी व जिम्मेदारी निर्वहन करना होगा। राज्य सरकार ने जहां खर्चों में कटौती की है, वही राज्य कर्मचारियों का एट दिन और अधिकारियों के 2 दिन का वेतन भी काटा है। मंत्रियों और विधायकों द्वारा भी 30 प्रतिशत का वेतन योगदान दिया जा रहा है। यह स्थिति कब तक चलेगी, कुछ निश्चित नहीं कहा जा सकता। प्रदेश में आम जनता पर बिजली दरों में वृद्धि का बोझ डालने के सवाल पर ऊर्जा मंत्री ने कहा कि अन्य प्रदेशों की तुलना में अभी भी राजस्थान में बिजली की दरें कम हैं। पेट्रोल और डीजल के भाव एक्साइज ड्यूटी के कारण बढ़ गई गए, जिससे रेलवे का कोयला परिवहन शुल्क भी बढ़ गया। इससे बिजली कंपनियों पर बोझ पड़ा है। वैसे भी पिछली सरकार बिजली कंपनियों का लगभग एक करोड़ लाख का घाटा छोड़कर गई है, जो मौजूदा सरकार को विरासत में मिला है। उन्होंने कहा कि कोरोना लॉकडाउन के दौरान चार महीने के लिए विद्युत बिलों के कुछ शुल्कों को स्थगित किया गया था, जो अब बिलों में जुड़ कर आ रहे हैं। इसे बिल किश्तों में भरने की सुविधा लोगों को दी गई है। लोगों को लग रहा है कि बिजली की दरें बढ़ गई हैं। अगर किसी को बिजली का गलत बिल मिला है तो वह अधिशासी अभियंता या सहायक अभियंता के कार्यालय में जाकर दुरुस्त करवा सकता है। बिजली बिल माफ कर लोगों को राहत देने के सवाल पर डॉ. बी डी कल्ला ने राज्य सरकार का बचाव करते हुए कहा कि देश के 13-14 राज्यों में भाजपा की सरकारों का शासन है। इन राज्यों में भी बिजली के बिल कोरोना काल में माफ नहीं किया गए।उन्होंने कहा कि विद्युत नियामक आयोग ने बिजली दरों में कोई वृद्धि नहीं की है। कोरोना संक्रमण काल के दौरान मध्यम वर्गीय और गरीब परिवारों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार अगर बिजली बिलों में स्थाई शुल्क में रियायत देती है तो राज्य सरकार उसका अनुसरण करेगी। यह स्थाई शुल्क केंद्र सरकार ही माफ कर सकती है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में बिजली दरों में वृद्धि नहीं की गई है। कृषि कनेक्शनधारी किसान को आज भी 90 पैसे प्रति यूनिट बिजली दी जा रही है। विद्युत कंपनियों को 5 रुपए यूनिट में बिजली पड़ती है। राज्य सरकार किसानों को बिजली मध्य में ही हर वर्ष 15 हजार करोड़ का अनुदान दे रही है। उन्होंने कहा कि आम लोगों को बिजली के बिल कम करने हैं, तो उन्हें सौर ऊर्जा की तरफ बढऩा होगा। घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाएं। सरकार इसमें 30 प्रतिशत का अनुदान देती है।यह संयंत्र लगने से बिजली का बिल 70 प्रतिशत कम आएगा। डॉ कल्ला ने कहा कि लोग बिजली का उपयोग करने में मितव्ययिता बरतें। बिजली का फिजूल उपयोग कम कर बिजली के बिलों को कम किया जा सकता है। भाजपाइयों को हिंदू संस्कारों का ज्ञान नहीं साहित्य,कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. बी डी कल्ला ने प्रेस वार्ता में भाजपा को जमकर आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा हिंदूवादी होने और हिंदुत्व का दम भर्ती है, लेकिन उसे हिंदू धर्म के सभी संस्कारों की जानकारी नहीं है। हिंदू धर्म में 16 संस्कारों में मृत्यु संस्कार भी है, जिसकी पूर्ण रूप से मान मर्यादा का ख्याल रखा जाता है लेकिन हाथरस के प्रकरण में उत्तर प्रदेश कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस संस्कार का तिरस्कार किया है। हिंदू धर्म में कभी भी रात को अंतिम संस्कार नहीं किया जाता लेकिन मृतक युवती को उसके परिवार वालों को चेहरा दिखाए बिना रात को अंतिम संस्कार कर दिया गया। योगी सरकार को बर्खास्त कर देना चाहिए।राजस्थान के बारां जिले में तीन युवतियों से दुष्कर्म के मामलों में कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के नहीं आने के सवाल पर डॉ कल्ला ने कहा कि राहुल गांधी वही जाते हैं जहां पीडि़त के साथ अन्याय हो रहा हो। बारां में पीडि़त पक्ष न्याय मिलने से संतुष्ट है। राजस्थान में मौजूदा सरकार के समय में ऐसे मामलों में कोई कोताही नहीं बरती गई और ना ही किसी को अपमानित किया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी के साथ हाथरस जाते हुए किए बुरे बर्ताव की उन्होंने  निंदा की। आज धरने की करेंगे अगुवाई केंद्र सरकार द्वारा पारित करवाये 3 नए कृषि अध्यादेशों के विरुद्ध कल मंगलवार को ऊर्जा मंत्री डॉ. बी डी कल्ला कांग्रेसजनों द्वारा दिए जाने वाले धरने की अगुवाई करेंगे। गोल बाजार के गांधी चौक में प्रात: 10 बजे धरना आरंभ होगा। डॉ कल्ला ने प्रेस वार्ता में कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार किसानों के अहित में यह विधिक लेकर आई है। देश की कई बड़ी कारपोरेट कंपनियां और विदेशी कंपनियां खेती को हडप कर जाएंगी। अनाज मंडियां समाप्त हो जाएंगी। बड़े व्यापारियों और कंपनियों द्वारा कृषि जिंसों की जमाखोरी की जाएगी। किसानों को उनकी उपज का भाव नहीं मिलेगा। बड़ी कंपनियां कई वर्षों का एग्रीमेंट कर शुरू के 1-2 वर्षों में भाव ठीक देंगी, लेकिन बाद में मनमानी करने पर उतर आएंगी। उन्होंने कहा कि जब केंद्र की मोदी सरकार भूमि अधिग्रहण विधेयक लेकर आई थी, तब राहुल गांधी की अगुवाई में कड़ा विरोध किया गया। सरकार यह विधायक वापस लेने को मजबूर हो गई। उन्हें भरोसा है कि इन तीन कृषि विधायकों को भी देशभर में हो रहे विरोध को देखते हुए केंद्र सरकार पुनर्विचार कर वापस ले लेगी।

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