4 घण्टे बाद हटे किसान, शाह ने संभाला मोर्चा

किसान लिखित आश्वासन के लिए अड़े, केजरीवाल बोले केन्द्र ने नजरबंद किया

नई दिल्ली (एजेंसी)। कृषि कानूनों के विरोध में 13 दिन से दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने मंगलवार को भारत बंद किया। 20 सियासी दलों और 10 ट्रेड यूनियंस ने इसे सपोर्ट किया। किसानों ने सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चक्काजाम किया, फिर अपनी बात के मुताबिक 3 बजे सड़कों से हट गए। उधर, आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि भारत बंद में डरी भाजपा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को नजरबंद कर दिया। इस बीच शाम को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मीडिया के सामने आए। उन्होंने कहा कि दिल्ली में केंद्र सरकार ने 9 स्टेडियमों को जेल बनाने की इजाजत मांगी थी, लेकिन हमनें ऐसा होने नहीं दिया। हम किसानों के साथ हैं। हम किसी के भी दबाव में नहीं आने वाले हैं। इसके बाद से ही केंद्र हमसे काफी नाराज है। केजरीवाल को नजरबंद करने के ‘आपÓ के आरोप को पुलिस ने गलत बताया। पुलिस ने कहा है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री होने के नाते केजरीवाल जहां चाहें जा सकते हैं। उनके घर के आस-पास तो फोर्स लगी, वह सुरक्षा व्यवस्था के लिए है। घर के अंदर कोई भी आ जा सकता है।हरियाणा और दिल्ली के बीच टिकरी बॉर्डर पर किसानों और पुलिस के बीच कई लेयर की बैरिकेडिंग बनाए थे। पुलिस ने सड़क पर सीमेंट के भारी स्लैब डालकर रास्ता बंद कर दिया था। किसानों शांति से प्रदर्शन कर रहे थे, बॉर्डर से कई किलोमीटर पहले से ही पुलिस वाले मुस्तैद खड़े नजर आए। उनके हाथों में लाठियां और आंसू गैस के गोले दागने वाली बंदूकें थी।गाजीपुर-गाजियाबाद (दिल्ली-यूपी) बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों ने कहा कि अगर सरकार कानून बना सकती है, तो वापस भी ले सकती है। सरकार को किसान संगठनों और एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर काम करना चाहिए। हम तभी पीछा छोड़ेंगे, जब हमें अपनी मांगों पर लिखित में भरोसा मिलेगा।

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