किसानों ने छापा मारकर नहरी पानी की चोरी पकड़ी

श्रीगंगानगर से पंजाब गये किसानों ने पानी चोरी के लिए अवैध रूप से लगी पाइपों को तोड़ा-उखाड़ा

श्रीगंगानगर, 1 जुलाई (का.सं.)। जिले में गंगकैनाल एरिया में नहरी पानी की लगातार होती कमी को देखते हुए गंगानगर किसान समिति के प्रतिनिधियों की अगुवाई में गये किसानों के एक जत्थे ने आज पंजाब के फाजिल्का और फिरोजपुर जिलों में गंगकैनाल (बीकानेर कैनाल) पर छापेमारी कर बड़े पैमाने पर हो रही पानी की चोरी को पकड़ा। समिति के संयोजक रणजीतसिंह राजू की अगुवाई में यह जत्था आज सुबह श्रीगंगानगर से यह गोपनीय कार्यवाही करने के लिए पंजाब पहुंचा। इन किसानों ने जैसे ही पंजाब के किसानों द्वारा बीकानेर कैनाल में पानी चोरी करने के लिए लगाई गई पाइपों को उखाडऩा और तोडऩा शुरू किया, पंजाब के किसानों में हड़कम्प मच गया। अनेक किसान खुद ही अपनी पाइपें और मोटरें आदि उखाड़ ले गये। श्रीगंगानगर से गये जत्थे ने पंजाब में सलामवाला, कमालवाला, घटियांवाली बोदला आदि गांवों, जहां से बीकानेर कैनाल निकलती है, के दोनों तरफ अवैध रूप से लगी पाइपों को तोडऩे और उखाडऩे का काम शुरू कर दिया। कई वाहनों में सवार होकर गये इन किसानों ने इन गांवों में वहां के किसानों द्वारा पानी चोरी करने के लिए कई-कई फुट लम्बी और आठ व दस इंच डायामीटर की लगाई गई पाइपों को उखाड़ डाला। संयोजक रणजीतसिंह राजू ने बताया कि पंजाब के किसान इन दिनों अपने खेतों में धान की बिजाई कर रहे हैं। यह बिजाई विगत 10 जून से आरम्भ हुई है। इसके बाद से बीकानेर कैनाल में पानी का लोसेज बढ़ गया। पूर्व में जब पंजाब में आरडी 45 स्थित बगांवाला हैड से बीकानेर कैनाल मेें 2200 क्यूसेक पानी छोड़ा जाता था तो राजस्थान-पंजाब सीमा पर नहर के खखां हैड पर 2050 क्यूसेक पानी पहुंच जाता था, लेकिन जबसे पंजाब में धान की बिजाई शुरू हुई है, खखां हैड पर करीब 1800 क्यूसेक पानी ही पहुंच रहा है। पंजाब के किसान श्रीगंगानगर जिले के किसानों का पानी दिन-रात चोरी करने में लगे हैं। समिति ने श्रीगंगानगर में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से लगातार आग्रह किया कि वे पंजाब जाकर गंगकैनाल का अवलोकन करें और वहां के नहरी विभाग अधिकारियों से बातचीत कर पानी की चोरी को रुकवायें, लेकिन उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया। लिहाजा किसान समिति को खुद ही उसके लिए आगे आना पड़ा है। रणजीतसिंह राजू के साथ गये किसानों के जत्थे में विनोद खीचड़, गलैक्सी बराड़, कुलवंत सहारण, गुरजीत मंगा, सुभाष चाहर, ताराचंद चाहर, विजय सिहाग, शीतलसिंह, प्रभूसिंह, लाभसिंह, राजेन्द्रसिंह आदि किासन शामिल रहे। इन किसानों ने देखा कि पंजाब के किसानों ने बीकानेर कैनाल के किनारों को जगह-जगह क्षतिग्रस्त कर उसमें पाइपें लगा रखी थीं। यह कार्यवाही करते हुए जहां इन किसानों में आक्रोश था, वही उनमें कुछ भय भी था कि कहीं पंजाब के किसान इक_े होकर उन पर हमला न कर दें। किसानों ने इस कार्यवाही को बहुत ही गोपनीय रखा। लगभग चार दर्जन जगहों पर पाइपों को तोड़ते, उखाड़ते हुए यह जत्था अपराह्न हुसैनीवाल बॉर्डर हैड पर पहुंचा।
नहरों की हालत खस्ता : बीकानेर कैनाल, जिसे श्रीगंगानगर में गंगकैनाल के नाम से जाना जाता है, का पंजाब में अवलोकन करते हुए किसानों का जत्था पुरानी बीकानेर कैनाल की हालत को देखते हुए हुसैनीवाल हैड पर पहुंचा। इन किसानों ने बताया कि मुख्य बीकानेर कैनाल नहर का पंजाब के नहरी विभाग द्वारा बिल्कुल भी रखरखाव नहीं किया जा रहा, जबकि इस काम के लिए पंजाब सरकार हर वर्ष राजस्थान सरकार से बजट लेती है। इस बीकानेर कैनाल को पुरानी बीकानेर कैनाल से पानी दिये जाने की मांग यहां के किसानों द्वारा की जा रही है। पुरानी बीकानेर कैनाल में अन्तिम बार 2016 में पानी चलाया गया था। करीब 1200 क्यूसेक की इस नहर की हालत ही अब खराब है। इसकी साफ-सफाई व मरम्मत के लिए पंजाब ने राजस्थान से एक करोड़ का बजट मांगा है। किसानों ने राजस्थान सरकार से मांग की है कि यह राशि जल्दी पंजाब को दी जाये। राजस्थान के अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर नहर की साफ-सफाई करवायें। उन्होंने बताया कि लगभग 20 दिन पूर्व पंजाब के इस क्षेत्र में तेज आंधी एवं तूफान आया था। तब मुख्य बीकानेर कैनाल में अनेक पेड़ गिर गये थे, जिन्हें अभी तक नहीं निकलवाया गया है। इन पेड़ों की वजह से पानी ओवरफ्लो हो गया तो नहर टूटने का खतरा उत्पन्न हो जायेगा। जनहित याचिका पर विचार :हुसैनीवाला हैड पर पहुंचे किसानों ने विचार विमर्श किया कि पंजाब के किसानों द्वारा राजस्थान के हिस्से का पानी चोरी किये जाने की समस्या का स्थाई समाधान होना चाहिए। जब भी पंजाब में धान की बिजाई होती है, राजस्थान का पानी चोरी होने लगता है। यह चोरी तभी रुक सकती है, जब पंजाब क्ष्ज्ञेत्र में बीकानेर कैनाल के दोनों नहरों की पटरियों की साफ-सफाई और इन्हें मजबूती प्रदान करते हुए इनके ऊपर सड़क बनाई जाये। सड़क के साथ-साथ तारबंदी भी की जाये।गौरतलब है कि बीकानेर कैनाल नहर के दोनों तरफ लगभग एक-एक बीघा जमीन राजस्थान की है, लेकिन इस पर पंजाब के किसानों व अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों ने कब्जे कर रखे हैं। यही लोग पानी की चोरी करते हैं। संयोजक रणजीतसिंह राजू ने बताया कि बीकानेर कैनाल के साथ-साथ कुछ जगह पर पक्की सड़क है। यहां पर पानी की चोरी नहीं होती। अगर सड़क नहर के दोनों तरफ बन जाये तो पानी की चोरी रुक सकती है। आज विचार किया गया है कि इस सम्बंध में चंडीगढ़ हाईकोर्ट मेें राजस्थान के किसानों की तरफ से जनहित याचिका दायर की जाये। बता दें कि पिछले वर्ष भी श्रीगंगानगर के किसानों ने इसी प्रकार पंजाब में जाकर छापेमारी की थी, जिसके बाद राजस्थान के जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने पंजाब के नहरी महकमे पर दबाव डाला। फलस्वरूप वहां पानी चोरी करने वाले किसानो पर लगभग 100 से ‘यादा मुकदमे दर्ज किये गये। गंगानगर किसान समिति का आरोप है कि इन मुकदमों में पंजाब पुलिस ने कोई ठोस कार्यवाही नहीं की। वहां के राजनीतिक प्रभाव के चलते लगभग सारे मुकदमे रफा-दफा की कगार पर पहुंचे हुए हैं।

 

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