तस्करी कर लाई हुई और नकली वस्तुओं के प्रति जागरूकता कार्यक्रम

 

नई दिल्ली, 27 मार्च (एजेन्सी)। फिक्की कास्केड अवैध कारोबार के खतरे से लडऩे के लिए सरकारी और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर देशभर में बड़े पैमाने पर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है। फिक्की कास्केड देश में तस्करी कर लाए हुए और जाली वस्तुओं के मुद्दे पर काम करने वाला उद्योग सगंठन है। जारूकता अभियानों के तहत इसने सेमीनार आयोजन, युवाओं और उपभोक्ताओं को जागरूक करने के कार्यक्रम, अधिकारियों के क्षमता विस्तार जैसी कई गतिविधियों का आयोजन किया है। आज फिक्की कास्केड ने प्रवर्तन एजेंसियों के प्रतिनिधियों और तमिलनाडु सरकार के नीति निर्माताओं के साथ ‘जालसाजी और तस्करी से युद्ध – आर्थिक विकास को गति देने के लिए जरूरी पहल विषय पर सेमीनार का आयोजन किया। फिक्की ने जब्ती के बढ़ते मामलों को भी विशेषरूप से सोना, सिगरेट, मशीनों के पुर्जे, फैब्रिक/सिल्क यार्न और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं को रेखांकित किया, जिनमें पिछले कुछ वर्षों में डीआरआई द्वारा जब्ती के सबसे ज्यादा मामले आए हैं। भारत में सिगरेट और तंबाकू उत्पादों की तस्करी की घटनाएं 136 प्रतिशत बढ़कर 2014-15 के 1312 की तुलना में 2016-17 में 3108 पर पहुंच गईं। फिक्की कास्केड के सलाहकार एवं केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड के पूर्व चेयरमैन पीसी झा ने कहा कि पिछले बीस साल के दौरान जालसाजी की गतिविधियों में 100 गुना की बढ़ोतरी हुई है और जाली वस्तुओं के कारोबार का आकार वैध अंतरराष्ट्रीय कारोबार के 10 प्रतिशत के बराबर है। अवैध कारोबार की समस्या सामान्य अनुमान से कहीं ज्यादा ंगभीर है। इसका देश की सुरक्षा व अर्थव्यवस्था, सरकार के राजस्व, लोगों की सेहत और साथ ही पर्यावरण पर भी गहरा प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसमें भी कोई संदेह नहीं कि तस्करी किए हुए, नकली और जाली उत्पादों के कारोबार से पैदा होने वाला अवैध पैसा आतंकवाद, अशांति और अन्य संस्थात अपराधों जैसी खतरनाक तिविधियों के वित्तपोषण का बड़ा स्रोत है।

 

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