एक से ज्यादा है खाता तब भी बैंक डूबने पर आपको इतना ही मिलेगा

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में ऐलान किया कि अगर कोई बैंक दिवालिया हो जाता है तो इस बैंक के अकाउंट होल्डर्स के अकाउंट के लिए डिपॉजिट इंश्योरेंस के तौर पर 5 लाख रुपये दिए जाएंगे। अगर आसान भाषा में समझें तो किसी बैंक में आपकी कुल जमा राशि 8 लाख है तो बैंक के डूबने पर आपको सिर्फ 5 लाख रुपये ही मिलेंगे। बाकी आपको मिलने की गारंटी नहीं होगी। इसके पहले डिपॉजिट इंश्योरेंस के तहत 1 लाख रुपये देने का प्रावधान था। बता दें 1993 के बाद पहली बार डिपॉजिट इंश्योरेंस की सीमा को बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया गया है।
क्या कहता है नियम?
DICGC 1961 की धारा 16 (1) के प्रावधानों के तहत, अगर कोई बैंक डूब जाता है या दिवालिया हो जाता है, तो ष्ठढ्ढष्टत्रष्ट प्रत्येक जमाकर्ता को भुगतान करने के लिए जिम्मेदार होता है। खातेदार की जमा राशि पर 5 लाख रुपये तक का बीमा होगा। आपका एक ही बैंक की कई ब्रांच में खाता है तो सभी खातों में जमा धन और ब्याज जोड़ा जाएगा और केवल 5 लाख तक जमा को ही सुरक्षित माना जाएगा। इसमें मूलधन और ब्?याज दोनों शामिल हैं। यानी अगर दोनों जोड़कर 5 लाख से ज्यादा है तो सिर्फ 5 लाख ही सुरक्षित माना जाएगा।

 

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