मई में अप्रैल के मुकाबले तीन गुना उड़ानें रद्द हुई टिकट कैंसिलेशन के बाद रिफंड की दिक्कतों से जूझे यात्री

नई दिल्ली। देश में बढ़ती कोरोना महामारी के चलते मई महीने में बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द हुई हैं। डीजीसीए की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल के मुकाबले मई में उड़ानें रद्द होने की तादाद तीन गुना हो गई है। अप्रैल में कुल 2.62 फीसदी उड़ानें रद्द हुई थीं, जबकि मई महीने में ये आंकड़ा बढ़कर साढ़े सात फीसदी के करीब पहुंच गया है। उड़ानें रद्द होने के मामले में एयर टैक्सी नाम की कंपनी सबसे ऊपर रही है इसकी 61 फीसदी उड़ानें रद्द हुई है। वहीं दूसरे नंबर पर एयर इंडिया रही है। इसकी करीब 16 फीसदी उड़ानें रद्द हुई हैं। विस्तारा की सवा नौ फीसदी उड़ानें रद्द हुई हैं। बाकी एयरलाइंस की उड़ानें 1 से 4 फीसदी के बीच रद्द हुईं। नागर विमानन महानिदेशालय यानी डीजीसीए की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक इस महीने रद्द उड़ानों में से 68 फीसदी के पीछे वाणिज्यिक वजहें रही हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना महामारी के लगातार तेजी से बढ़ते मामलों की वजह से लोगों ने अपनी यात्राएं रद्द कर दी थीं। इसी वजह से विमानन कंपनियों को भी बड़े पैमाने पर उड़ानें भी रद्द करनी पड़ीं। इसके अलावा 17 फीसदी उड़ानों को मुनासिब मौसम न होने की वजह से रद्द किया गया। ऑपरेशनल वजहों से 7.6 फीसदी उड़ानें रद्द हुईं तो 1 फीसदी उड़ानेंं तकनीकी वजहों से रद्द की गईं।अप्रैल महीने के मुकाबले मई में हवाई यात्रियों की संख्या घटकर आधे से भी कम रह गई थी। आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल 2021 में जहां 57.25 लाख घरेलू यात्रियों ने हवाई यात्रा की थी तो मई में ये घटकर 21.15 लाख ही रह गई। इस महीने यात्रियों को टिकट कैंसिलेशन के बाद रिफंड की दिक्कतों से भी दो चार होना पड़ा है। मई में करीब 338 शिकायतें डीजीसीए को मिली है, जिनमें से 54 फीसदी रिफंड से जुड़ी रही हैं। वहीं उड़ान के दौरान हुई दिक्कतों की शिकायतें 16.3 फीसदी रहीं।

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